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एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड से कृषि व्यवसाय स्थापित करने पर मिलेगा 2 करोड़ रुपये तक का रियायती कर्जव्यापार
14 अग॰ 2026, 7:14 pm (3 घंटे पहले)· 2

एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड से कृषि व्यवसाय स्थापित करने पर मिलेगा 2 करोड़ रुपये तक का रियायती कर्ज

केंद्र सरकार की एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड योजना के तहत किसान, एग्री-स्टार्टअप और ग्रामीण समूह 2 करोड़ रुपये तक का बिना गारंटी वाला कर्ज प्राप्त कर सकते हैं, जिस पर 3 फीसदी सालाना ब्याज सबवेंशन की सुविधा उपलब्ध है।

फसल कटाई के तुरंत बाद बेहतर भंडारण और प्रोसेसिंग सुविधाओं की कमी के कारण देश के कई किसानों को अपनी उपज कम कीमतों पर बेचनी पड़ती है। फल, सब्जियां और अनाज जैसी कृषि उपज रख-रखाव के अभाव में खराब हो जाती है, जिससे किसानों की मेहनत का उचित मूल्य नहीं मिल पाता। इस समस्या का समाधान करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने के लिए केंद्र सरकार एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (AIF) योजना का संचालन कर रही है। इस योजना का उद्देश्य किसानों को केवल उपज उगाने तक सीमित न रखकर उन्हें अपनी उपज का वैल्यू एडिशन करने, प्रोसेसिंग यूनिट लगाने और एग्री-बिजनेस स्थापित करने का अवसर प्रदान करना है। इसके तहत पात्र आवेदकों को 2 करोड़ रुपये तक का सस्ता बैंक लोन दिया जाता है।

पोस्ट हार्वेस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर केंद्रित योजना

एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड का मुख्य लक्ष्य फसल कटाई के बाद के प्रबंधन यानी पोस्ट हार्वेस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाना है। अक्सर कटाई के समय बाजार में फसल की आवक अधिक होने से कीमतें गिर जाती हैं। यदि किसानों के पास अपनी उपज को सुरक्षित रखने या उसकी प्रोसेसिंग करने की सुविधा हो, तो वे उसे सही समय और बेहतर कीमत पर बाजार में बेच सकते हैं। AIF योजना इसी दिशा में इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने के लिए वित्तीय प्रोत्साहन देती है।

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ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े विभिन्न वर्ग हैं पात्र

AIF योजना का ढांचा बेहद व्यापक रखा गया है ताकि गांव और कृषि क्षेत्र से जुड़े अलग-अलग समूह इसका लाभ उठा सकें। इसमें आवेदन करने के लिए निम्नलिखित वर्ग पात्र बनाए गए हैं

  • व्यक्तिगत किसान (Individual Farmers)
  • स्वयं सहायता समूह (SHG)
  • किसान उत्पादक संगठन (FPO/FPC)
  • संयुक्त देयता समूह (JLG)
  • कृषि क्षेत्र के नए एग्री-स्टार्टअप्स
  • प्राथमिक कृषि ऋण समितियां (PACS)
  • विपणन सहकारी समितियां (Marketing Cooperative Societies)
  • कृषि उपज मंडी समितियां (APMC)

इस विविधता से यह सुनिश्चित होता है कि छोटे किसान समूहों से लेकर बड़े सहकारी संगठन और आधुनिक स्टार्टअप तक सभी ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण में भाग ले सकें।

किन-किन कृषि व्यवसायों के लिए मिलता है लोन?

AIF योजना के अंतर्गत विभिन्न प्रकार के कृषि प्रसंस्करण, भंडारण और लॉजिस्टिक्स प्रोजेक्ट्स के लिए कर्ज लिया जा सकता है

  • भंडारण और कोल्ड चेन इंफ्रास्ट्रक्चर: अनाज को नमी, कीड़ों और फफूंद से सुरक्षित रखने के लिए बड़े वेयरहाउस और आधुनिक साइलो का निर्माण। इसके अलावा फल, सब्जियों, फूल और डेयरी उत्पादों की ताजगी बनाए रखने के लिए कोल्ड स्टोरेज, प्री-कूलिंग यूनिट्स और पैकहाउस की स्थापना।
  • तापमान नियंत्रित लॉजिस्टिक्स: खराब होने वाली उपज को एक स्थान से दूसरे स्थान तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए इंसुलेटेड गाड़ियां और रीफर वैन (Reefer Vans) खरीदने के लिए लोन।
  • अनाज और दलहन प्रोसेसिंग यूनिट्स: गेहूं से आटा, मैदा, सूजी और दलिया तैयार करने की मिलें, धान की कुटाई व पॉलिशिंग इकाइयां, दाल मिल तथा अनाजों की क्लीनिंग, ग्रेडिंग और डी-स्टोनिंग मशीनें लगाने का काम।
  • फल, सब्जी और तिलहन वैल्यू एडिशन: फलों को प्राकृतिक व सुरक्षित तरीके से पकाने के लिए राइपनिंग चैंबर (Ripening Chambers), सब्जियों की शेल्फ लाइफ बढ़ाने के लिए डीप फ्रीजिंग प्लांट (IQF), आधुनिक तेल घानी, कोल्हू और सॉल्वेंट एक्सट्रैक्शन यूनिट्स।
  • पैकेजिंग और सेफ्टी यूनिट्स: कृषि उत्पादों की गुणवत्तापूर्ण पैकेजिंग और उन्हें बैक्टीरिया से बचाने वाली रेडिएशन (Irradiation) यूनिट्स स्थापित करना।

कर्ज की शर्तें और 3% ब्याज सबवेंशन का गणित

इस योजना के तहत बैंकों द्वारा प्रोजेक्ट की कुल लागत और उसकी व्यावहारिक संभावनाओं के आधार पर लोन स्वीकृत किया जाता है। 2 करोड़ रुपये तक का लोन बिना किसी संपत्ति या गारंटी के क्रेडिट गारंटी कवर के तहत मिलता है। केंद्र सरकार इस कर्ज पर अधिकतम 7 वर्षों की अवधि के लिए सालाना 3 प्रतिशत की दर से ब्याज सब्सिडी देती है।

उदाहरण के तौर पर, यदि किसी बैंक द्वारा 9 प्रतिशत की वार्षिक ब्याज दर पर लोन स्वीकृत किया जाता है, तो केंद्र सरकार की 3 प्रतिशत ब्याज सबवेंशन मिलने के बाद प्रभावी ब्याज दर घटकर 6 प्रतिशत रह जाती है। यह ध्यान रखना आवश्यक है कि यह योजना कोई नकद अनुदान या सरकारी खैरात नहीं है, बल्कि यह एक रियायती बैंक लोन है जिसे निर्धारित किस्तों और समयावधि में बैंक को चुकाना होता है।

एआईएफ लोन प्राप्त करने की चरणबद्ध प्रक्रिया

AIF योजना के माध्यम से लोन प्राप्त करने के लिए आवेदकों को एक व्यवस्थित प्रक्रिया का पालन करना होता है

  • बिजनेस का चयन: सबसे पहले यह निश्चित करें कि आप किस प्रकार का कृषि व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं, जैसे कोल्ड स्टोरेज, दाल मिल, गोदाम या पैकेजिंग यूनिट।
  • विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करना: किसी योग्य तकनीकी विशेषज्ञ या चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) की मदद से प्रोजेक्ट की DPR बनवाएं। इस रिपोर्ट में भूमि का ब्योरा, आवश्यक मशीनों की लागत, कुल पूंजी, संभावित उत्पादन क्षमता, बाजार मांग और लोन चुकाने की वित्तीय योजना शामिल होनी चाहिए।
  • ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकरण: Agriculture Infrastructure Fund के आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन करें और DPR तथा आवश्यक दस्तावेजों को अपलोड करें।
  • बैंक द्वारा सत्यापन एवं स्वीकृति: नोडल एजेंसी द्वारा प्राथमिक जांच के बाद आवेदन संबंधित बैंक को भेजा जाता है। बैंक परियोजना की वित्तीय व्यवहार्यता और आवेदक की पुनर्भुगतान क्षमता का आकलन करके लोन मंजूर करता है।
  • ब्याज सब्सिडी की राशि जमा होना: लोन जारी होने के बाद तय दिशा-निर्देशों के अनुसार 3 प्रतिशत ब्याज सबवेंशन का लाभ सीधे लाभार्थी के लोन खाते में जुड़ना शुरू हो जाता है।

सवाल-जवाब

एआईएफ योजना के तहत अधिकतम कितना लोन मिल सकता है?
एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड योजना के तहत पात्र आवेदकों को कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने के लिए 2 करोड़ रुपये तक का लोन मिल सकता है।
एआईएफ योजना में ब्याज दर पर कितनी छूट मिलती है?
केंद्र सरकार योजना के तहत लिए गए लोन पर अधिकतम 7 वर्षों की अवधि के लिए सालाना 3 प्रतिशत की दर से ब्याज सबवेंशन प्रदान करती है।
क्या 2 करोड़ रुपये तक के एआईएफ लोन के लिए गारंटी देना जरूरी है?
नहीं, 2 करोड़ रुपये तक का लोन बैंकों द्वारा बिना किसी संपत्ति या गारंटी के क्रेडिट गारंटी कवर के तहत स्वीकृत किया जाता है।
एआईएफ योजना के लिए कौन-कौन से लोग और समूह आवेदन कर सकते हैं?
व्यक्तिगत किसान, स्वयं सहायता समूह (SHG), किसान उत्पादक संगठन (FPO/FPC), संयुक्त देयता समूह (JLG), एग्री-स्टार्टअप, प्राथमिक कृषि ऋण समितियां (PACS) और APMC इसके पात्र हैं।
एआईएफ योजना के तहत किन-किन व्यवसायों के लिए वित्तीय मदद मिलती है?
गोदाम, साइलो, कोल्ड स्टोरेज, रीफर वैन, दाल व आटा मिलें, राइपनिंग चैंबर, डीप फ्रीजिंग प्लांट और पैकेजिंग इकाइयां लगाने के लिए यह लोन लिया जा सकता है।
एआईएफ लोन के लिए DPR बनवाना क्यों जरूरी है?
डीपीआर में प्रोजेक्ट की कुल लागत, मशीनों का खर्च, उत्पादन अनुमान और बैंक लोन चुकाने का पूरा वित्तीय विवरण होता है, जिसके आधार पर बैंक लोन की व्यावहारिकता जांचकर मंजूरी देते हैं।
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