बिहार के मधुबनी जिले में आधुनिक कृषि तकनीक को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक विशेष पहल शुरू की गई है। कृषि विभाग की इस योजना के तहत जिले के सात चिन्हित प्रखंडों में किसानों को खेतों में फसलों पर पोषक तत्वों और दवाओं के छिड़काव के लिए ड्रोन सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इस पूरी प्रक्रिया में सरकार किसानों को पचास प्रतिशत का सीधा अनुदान दे रही है, जिससे खेती की लागत कम करने और पैदावार सुधारने में सीधी मदद मिलेगी।
ड्रोन छिड़काव के लाभ और मिलने वाला सरकारी अनुदान
इस आधुनिक व्यवस्था के तहत किसान अपने खेतों में खड़ी फसलों पर कई आवश्यक रसायनों और उर्वरकों का आसानी से छिड़काव करा सकते हैं। इनमें कीटनाशक, खरपतवार नाशक, नैनो यूरिया और तरल डीएपी (तरल डाईअमोनियम फॉस्फेट) शामिल हैं। आमतौर पर हाथ से छिड़काव करने में समय अधिक लगता है और रसायनों का वितरण भी एक समान नहीं हो पाता। ड्रोन के जरिए दवाएं पौधे के हर हिस्से तक समान रूप से पहुंचती हैं। सरकार ने इस सुविधा पर पचास प्रतिशत की सब्सिडी तय की है, जिससे किसानों पर आर्थिक भार आधा रह जाएगा। योजना के तहत एक किसान न्यूनतम 1 एकड़ से लेकर अधिकतम 15 एकड़ तक के रकबे पर यह रियायती छिड़काव करा सकता है।
लागत का गणित और सब्सिडी की प्रक्रिया
प्लांट प्रोटेक्शन विभाग के अधिकारी रंजीत सिंह के अनुसार, कृषि विभाग ने ड्रोन से छिड़काव के लिए प्रति एकड़ 418 रुपये का आधिकारिक शुल्क निर्धारित किया है। चूंकि इसमें पचास फीसदी की सरकारी छूट लागू है, इसलिए लाभार्थी किसान को अपनी जेब से केवल 209 रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से भुगतान करना होगा। यदि किसान अधिकृत व प्रतिष्ठित दुकानों से फसलों के लिए रसायन या उर्वरक खरीदते हैं, तो उन्हें उसका पक्का बिल कृषि विभाग के डीबीटी पोर्टल पर अपलोड करना जरूरी होगा। कागजात और बिल के सत्यापन के बाद विभाग की ओर से 209 रुपये की सब्सिडी राशि जारी कर दी जाएगी, जबकि शेष आधा खर्च किसान वहन करेंगे। इस व्यवस्था का लाभ जमीन के मालिक यानी रैयत किसान और बटाईदार यानी गैर-रैयत दोनों वर्ग उठा सकते हैं।
जिले में लक्ष्य और चयनित प्रखंडों का विवरण
मधुबनी जिले के लिए प्रशासन ने कुल 11,235 एकड़ कृषि भूमि पर ड्रोन छिड़काव कराने का लक्ष्य निर्धारित किया है। हालांकि प्रशासनिक और सुरक्षा कारणों से यह अभियान पूरे जिले में एक साथ लागू नहीं किया जा रहा है। मधुबनी में कुल 21 प्रखंड आते हैं, जिनमें से 14 प्रखंडों को रेड जोन में रखा गया है। केवल 7 प्रखंड ही येलो जोन के अंतर्गत चिन्हित किए गए हैं, जहां ड्रोन उड़ाने की आधिकारिक अनुमति मिली है। जिन सात येलो जोन प्रखंडों में यह योजना लागू हो रही है, वे पंडौल, बिस्फी, रहिका, राजनगर, झंझारपुर, लखनौर और फुलपरास हैं।
आवेदन का तरीका और तय समयसीमा
इस सुविधा का लाभ लेने के लिए इच्छुक किसानों को अपनी पूर्व-पंजीकृत किसान रजिस्ट्रेशन आईडी के जरिए डीबीटी पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन जमा करना होगा। ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित सर्विस प्रोवाइडर एजेंसी के प्रतिनिधि आवेदक के संबंधित वार्ड, ग्राम पंचायत या प्रखंड स्तर पर पहुंचेंगे। वहां खेतों की जमीनी स्थिति और सुरक्षा मानकों का जायजा लेने के बाद तय समय पर ड्रोन से छिड़काव का कार्य पूरा किया जाएगा। मधुबनी के इन सात चिन्हित प्रखंडों में किसान अक्टूबर 2026 से लेकर फरवरी 2027 तक की निर्धारित अवधि के दौरान इस रियायती योजना के तहत लाभ उठा सकते हैं।


















