देवगुरु बृहस्पति के प्रभाव से संकट में सही राह दिखाते हैं 3, 12, 21 और 30 तारीख को जन्मे लोगकानपुर से पकड़ा गया संदिग्ध अंकित संखवार पांच लाख फर्जी ईमेल तैयार कर विदेशी नेटवर्क को दे रहा थाजैसलमेर की सांवल कॉलोनी में बंद मकान के भीतर मिले मां और नाबालिग बेटे के शव, पुलिस जांच में जुटीविशाखापत्तनम नेवल डॉकयार्ड में नौसैनिक पोत INS केसरी में घुसा पानी, राहत अभियान जारीराष्ट्रीय एकता दिवस पर विपक्ष को घेरा, 'दिमागी नक्सल' के खतरे से चेतायाजंगलों में हुस्न और डांस का मुकाबला जीतकर कई मादाओं से संबंध बनाते हैं बर्ड्स ऑफ पैराडाइजसंवत 2083 में 12 लार्ज-कैप शेयरों में 49 प्रतिशत तक रिटर्न की उम्मीद, देखें अरिहंत कैपिटल की पसंदसंतान की दीर्घायु और सुख समृद्धि के लिए अहोई अष्टमी पर आजमाएं ये पारंपरिक अनुष्ठानविपक्ष के नेता राहुल गांधी पर महाराष्ट्र के मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कसा तंज, लगाए कई तीखे आरोपविपक्ष की प्रतीकात्मक संसद पर भाजपा का पलटवार, संबित पात्रा बोले, पटेल के वोट चुराकर प्रधानमंत्री बने थे नेहरू
डीजल और एटीएफ के निर्यात पर बढ़ा विंडफाल टैक्स, पेट्रोल पर सरकार ने शुल्क किया शून्यव्यापार
31 अक्तू॰ 2026, 7:58 pm (1 घंटे पहले)· 0

डीजल और एटीएफ के निर्यात पर बढ़ा विंडफाल टैक्स, पेट्रोल पर सरकार ने शुल्क किया शून्य

सरकार ने 31 अक्टूबर से शुरू पखवाड़े में डीजल और एटीएफ के निर्यात शुल्क में बढ़ोतरी की है, जबकि पेट्रोल निर्यात पर टैक्स पूरी तरह खत्म कर दिया है। घरेलू बाजार में बिकने वाले ईंधन की कीमतों पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।

केंद्र सरकार ने 31 अक्टूबर से शुरू होने वाले नए पखवाड़े के लिए पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात पर लगने वाले अप्रत्याशित लाभ कर यानी विंडफाल टैक्स की नई दरें लागू कर दी हैं। जारी की गई आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भेजे जाने वाले डीजल और विमान ईंधन यानी एटीएफ पर निर्यात शुल्क में बढ़ोतरी की गई है, जबकि पेट्रोल के निर्यात पर लगने वाले टैक्स को पूरी तरह से हटाकर शून्य कर दिया गया है।

विभिन्न ईंधनों पर निर्यात शुल्क के नए आंकड़े

वित्त मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि विमान ईंधन (एटीएफ) के विदेशी निर्यात पर लगने वाले शुल्क को 10.5 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर अब 11 रुपये प्रति लीटर निर्धारित किया गया है। इसके साथ ही डीजल के निर्यात पर भी लेवी में बड़ा इजाफा किया गया है।

ये भी पढ़ें

डीजल निर्यात के मामले में विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क और सड़क एवं बुनियादी ढांचा उपकर को मिलाकर कुल दर अब 8.5 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 11.5 रुपये प्रति लीटर हो गई है। दूसरी तरफ पेट्रोल निर्यातकों को राहत देते हुए इस पर लगने वाले 2.5 रुपये प्रति लीटर के शुल्क को समाप्त कर शून्य कर दिया गया है, जिससे कंपनियों को पेट्रोल बाहर भेजने पर किसी तरह का अप्रत्याशित कर नहीं देना होगा।

घरेलू बाजार और आम उपभोक्ताओं पर प्रभाव

ईंधन की खुदरा दरों को लेकर आम जनता को राहत देते हुए वित्त मंत्रालय ने साफ किया है कि देश के भीतर घरेलू खपत के लिए बिकने वाले पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क या अन्य टैक्स की मौजूदा दरों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। पंपों पर मिलने वाले तेल के दाम इससे प्रभावित नहीं होंगे क्योंकि यह टैक्स केवल भारत से बाहर निर्यात होने वाले ईंधन पर ही लागू होता है। इसी व्यवस्था के तहत विदेश भेजे जाने वाले एटीएफ और डीजल पर ही इस बढ़े हुए शुल्क का वित्तीय असर केंद्रित रहेगा।

पश्चिम एशिया में तनाव और टैक्स लगाने का उद्देश्य

पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और युद्ध की परिस्थितियों के बीच देश के भीतर ईंधन की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने यह व्यवस्था बनाई थी। इसके तहत सबसे पहले 27 मार्च को डीजल और एटीएफ के निर्यात पर विशेष शुल्क लगाया गया था, जिसकी प्रत्येक पखवाड़े समीक्षा की जाती है। इसके बाद 16 मई से पेट्रोल के विदेशी निर्यात को भी इस दायरे में शामिल किया गया था।

सरकार का मुख्य उद्देश्य स्थानीय बाजार में ईंधनों की उपलब्धता बनाए रखना और कीमतों को नियंत्रित रखना है। डीजल और हवाई ईंधन के देश से बाहर जाने पर नियंत्रण रखने के लिए विंडफाल टैक्स को बढ़ाया गया है, जबकि पेट्रोल का घरेलू उत्पादन बेहतर और मजबूत स्थिति में होने के कारण कंपनियों को इसके निर्यात की पूरी छूट देते हुए शुल्क को शून्य किया गया है।

सवाल-जवाब

डीजल के निर्यात पर अब कुल कितना विंडफाल टैक्स लगेगा?
डीजल के निर्यात पर विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क और सड़क उपकर मिलाकर दर 8.5 रुपये से बढ़कर 11.5 रुपये प्रति लीटर हो गई है।
विमान ईंधन (एटीएफ) के निर्यात शुल्क में क्या बदलाव किया गया है?
एटीएफ के निर्यात पर लगने वाले शुल्क को 10.5 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 11 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है।
पेट्रोल के निर्यात पर कितना टैक्स लागू रहेगा?
पेट्रोल के निर्यात पर 2.5 रुपये प्रति लीटर का टैक्स घटाकर शून्य कर दिया गया है, यानी अब इस पर कोई निर्यात शुल्क नहीं लगेगा।
क्या पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ेंगे?
नहीं, घरेलू खपत के लिए बेचे जाने वाले पेट्रोल और डीजल की मौजूदा शुल्क दरों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
यह नया कर संशोधन कब से लागू हुआ है?
यह नया संशोधन 31 अक्टूबर से शुरू होने वाले पखवाड़े के लिए लागू किया गया है।
पेट्रोल और डीजल पर पहली बार निर्यात शुल्क कब लगाया गया था?
डीजल और एटीएफ पर निर्यात शुल्क 27 मार्च को लगाया गया था, जबकि पेट्रोल के निर्यात पर 16 मई से टैक्स लागू किया गया था।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp