लोक जनशक्ति पार्टी प्रमुख, सांसद और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान छत्तीसगढ़ के दौरे पर राजधानी रायपुर पहुंचे हैं। रायपुर विमानतल पर बड़ी तादाद में एकत्र हुए पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य स्वागत किया। केंद्रीय मंत्री राजधानी में आयोजित ‘युवा संवाद’ कार्यक्रम में मुख्य रूप से हिस्सा लेने आए हैं।
संगठन का विस्तार और आगामी चुनावों की रणनीति
रायपुर आगमन के बाद चिराग पासवान ने स्पष्ट किया कि राज्य में लोक जनशक्ति पार्टी की एक नई प्रादेशिक इकाई गठित की जाएगी। उन्होंने जानकारी दी कि संगठन को मजबूती देने के लिए पार्टी के भीतर जल्द ही आवश्यक नियुक्तियां पूरी कर ली जाएंगी। उन्होंने रेखांकित किया कि आने वाले चुनावों को ध्यान में रखते हुए पार्टी छत्तीसगढ़ में अपनी सक्रिय संगठनात्मक मौजूदगी दर्ज कराएगी और चुनावी दृष्टिकोण से अपने आधार का विस्तार करेगी।
बीजेपी को समर्थन और अन्य राज्यों में चुनावी तैयारी
जब उनसे सवाल किया गया कि क्या छत्तीसगढ़ में उनकी पार्टी बीजेपी का समर्थन करेगी, तो चिराग पासवान ने कहा कि उस समय के हालात और परिस्थितियों का आकलन करके राज्य की स्थानीय इकाई ही इस पर अंतिम फैसला करेगी। उन्होंने बताया कि कई राज्यों में उनकी पार्टी पूरी तरह स्वतंत्र होकर काम कर रही है। इसके साथ ही उन्होंने खुलासा किया कि पार्टी आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश और पंजाब के चुनावी मैदान में भी उतरने की पुरजोर तैयारी कर रही है।
युवाओं की भागीदारी और चुनाव आयोग की साख पर बयान
राजधानी में आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम के संदर्भ में चिराग पासवान ने कहा कि उनकी पार्टी की प्राथमिकता युवाओं के साथ सीधा संवाद स्थापित करना है। उनका मानना है कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य में देश के युवाओं की भूमिका सबसे केंद्रीय होगी, इसलिए विविध मंचों के माध्यम से उनसे सतत संपर्क बनाए रखना अनिवार्य है। वहीं चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठ रहे सवालों पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि यदि देश के किसी भी वोटर को निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर संदेह है, तो आयोग की यह जिम्मेदारी बनती है कि वह नागरिकों का विश्वास जीते। SIR के तहत मतदाता सूची से हटाए गए नामों पर उन्होंने तर्क दिया कि जिन लोगों के नाम हटाए गए हैं, वे सामान्य नागरिक नहीं थे। यदि आम वोटरों के नाम काटे जाते तो पूरे देश में व्यापक स्तर पर जन आंदोलन खड़ा हो जाता।
चुनाव रद्द करने की कांग्रेस की मांग पर तीखा पलटवार
कांग्रेस पार्टी द्वारा चुनावों को रद्द कर दोबारा मतदान कराने की उठाई जा रही मांग पर केंद्रीय मंत्री ने कड़ा पलटवार किया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस हिमाचल प्रदेश में हुए चुनाव को रद्द कराने के लिए तैयार होगी? क्या राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कांग्रेस के सभी विधायक दोबारा चुनावी मैदान में उतरेंगे? उन्होंने कहा कि सवाल उठाना विपक्ष का स्वाभाविक कार्य है, परंतु उनका यह विरोध कुछ ही दिनों के भीतर शांत हो जाता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जैसे ही SIR का विषय सामने आया, कांग्रेस ने EVM पर सवाल उठाने का अपना पुराना राग पूरी तरह बंद कर दिया।





















