राजस्थान की राजधानी जयपुर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटखोरी और खराब गुणवत्ता वाले खानपान के खिलाफ अपने कड़े अभियान के तहत एक बड़ी कार्रवाई की है। विभाग के दल ने प्रताप नगर इलाके में संचालित क्विक-कॉमर्स कंपनी जेप्टो के एक डार्क स्टोर पर औचक निरीक्षण किया। इस औचक जांच के दौरान गोदाम के भीतर खाद्य सामग्रियों के भंडारण, सुरक्षा मानकों और साफ-सफाई की व्यवस्था में भारी लापरवाही उजागर हुई। दल को परिसर में लगभग 25 किलोग्राम ऐसी खाद्य सामग्री मिली जिसकी इस्तेमाल की तय समय-सीमा समाप्त हो चुकी थी। अधिकारियों ने उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए इस अवधिपार सामान को तत्काल मौके पर ही विनष्ट कर दिया।
खाद्य पदार्थों के साथ कीटनाशक और नॉन-वेज के भंडारण में चूक
गोदाम के अलग-अलग हिस्सों की पड़ताल करते हुए जांच दल ने पाया कि रोजमर्रा के खानपान के सामान के बिल्कुल नजदीक ही जहरीले कीटनाशकों का भंडारण किया गया था। खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत खाने-पीने की वस्तुओं के निकट किसी भी तरह के रासायनिक कीटनाशक रखने पर सख्त मनाही है, जिस पर अधिकारियों ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। इसके अतिरिक्त मांसाहारी यानी नॉन-वेज उत्पादों को रखने के लिए तय किए गए तापमान और सुरक्षा प्रोटोकॉल का भी सही तरीके से पालन नहीं किया जा रहा था। इस तरह की अनदेखी से बैक्टीरिया फैलने और सामग्री के दूषित होने की गंभीर आशंका पैदा हो जाती है।
मिल्क चिलर में बदबू, गंदी शेल्फ और चूहों की मौजूदगी
स्टोर में दूध और डेयरी उत्पादों को सुरक्षित रखने वाले मिल्क चिलर का जायजा लेने पर हालात बेहद निराशाजनक पाए गए। चिलर के भीतर चारों तरफ दूध बिखरा हुआ था और उसमें से सड़ांध भरी दुर्गंध उठ रही थी। गोदाम की रैक और शेल्फ पर भी लंबे समय से सफाई न होने के स्पष्ट संकेत मिले। कीट नियंत्रण यानी पेस्ट कंट्रोल की व्यवस्था निर्धारित मानकों से कोसों दूर थी। सबसे चिंताजनक बात यह रही कि जहां खाद्य सामग्री रखी जा रही थी, वहीं दीवारों में जगह-जगह चूहों के बिल बने हुए थे। खाने के सामान के ठीक पास चूहों की आवाजाही ने स्टोर की हाइजीन व्यवस्था पर बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है।
घी, तेल और नूडल्स समेत कई नमूनों की होगी प्रयोगशाला जांच
निरीक्षण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने स्टोर में रखे कई प्रमुख उत्पादों के कानूनी नमूने जुटाए। दल ने सरसों का तेल, देसी घी, मैगी नूडल्स, हल्दी पाउडर और पीनट नमकीन के पैक सील किए। इन सभी नमूनों को जांच के लिए अधिकृत खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। प्रयोगशाला से विस्तृत रिपोर्ट मिलने के बाद ही यह प्रमाणित हो सकेगा कि ये उत्पाद भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण के मानकों पर खरे उतरते हैं या नहीं।
शुद्ध आहार-मिलावट पर वार अभियान के तहत सख्ती
यह पूरी कार्रवाई राज्य भर में जारी 'शुद्ध आहार–मिलावट पर वार' अभियान की कड़ी के रूप में संचालित की गई है। इस मुहिम का मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि बाजारों और त्वरित डिलीवरी गोदामों में आम जनता तक पहुंचने वाला भोजन हर हाल में शुद्ध और सुरक्षित रहे। खाद्य सुरक्षा के अतिरिक्त आयुक्त भगवत सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि विभाग की विशेष टीमें लगातार प्रतिष्ठानों और स्टोरेज केंद्रों का भौतिक सत्यापन कर रही हैं। प्रताप नगर के इस डार्क स्टोर से लिए गए सैंपल्स के नतीजों के आधार पर कंपनी और स्टोर प्रबंधन के खिलाफ आगामी विधिक कदम उठाए जाएंगे।




















