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उदयपुर के कन्हैयालाल मर्डर केस में राजस्थान हाईकोर्ट का सख्त रुख, 5 आरोपियों की जमानत अर्जियां नामंजूरराजस्थान
3 अक्तू॰ 2026, 11:03 pm (13 दिन पहले)· 1

उदयपुर के कन्हैयालाल मर्डर केस में राजस्थान हाईकोर्ट का सख्त रुख, 5 आरोपियों की जमानत अर्जियां नामंजूर

राजस्थान हाईकोर्ट की खंडपीठ ने उदयपुर के कन्हैयालाल हत्याकांड के पांच आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं। एनआईए की दलीलों के बाद अदालत ने आरोपियों को किसी भी तरह की राहत देने से इनकार कर दिया।

उदयपुर में हुए बहुचर्चित कन्हैयालाल हत्याकांड से जुड़े प्रकरण में राजस्थान हाईकोर्ट ने बेहद कड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने इस मामले में नामजद पांच आरोपियों की तरफ से पेश की गई नियमित जमानत याचिकाओं को पूरी तरह नामंजूर कर दिया है। जेल में बंद इन आरोपियों ने रिहाई की गुहार लगाते हुए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन अदालत ने पूरे मामले की गंभीरता और जांच एजेंसी की दलीलों को ध्यान में रखते हुए किसी भी आरोपी को राहत नहीं दी। इस आदेश के बाद सभी पांचों आरोपियों को फिलहाल न्यायिक हिरासत में ही रहना होगा।

डिवीजन बेंच के सामने हुई मामले की सुनवाई

जमानत प्रार्थना पत्रों पर विस्तृत सुनवाई राजस्थान हाईकोर्ट की मुख्य खंडपीठ के समक्ष संपन्न हुई। मुख्य न्यायाधीश संजय के. अग्रवाल और जस्टिस समीर जैन की डिवीजन बेंच ने इस संवेदनशील केस से जुड़ी सभी अर्जियों पर सुनवाई की। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष और अभियोजन पक्ष, दोनों की ओर से लंबी कानूनी बहस पेश की गई। अदालत ने केस डायरी के तथ्यों और कानूनी पहलुओं का बारीकी से अध्ययन करने के पश्चात पांचों आरोपियों की जमानत याचिकाओं को सिरे से खारिज करने का आदेश सुनाया।

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इन पांच आरोपियों को नहीं मिल सकी राहत

अदालत के इस फैसले से जिन पांच आरोपियों को झटका लगा है, उनमें मुस्लिम खान, आशिफ हुसैन और मोहम्मद मोहसिन शामिल हैं। इनके साथ ही मोहसिन खान तथा वसीम अली की तरफ से लगाई गई जमानत याचिकाओं को भी बेंच ने अस्वीकार कर दिया। कन्हैयालाल हत्याकांड के इस मामले में इन कुल पांच आरोपियों ने अलग-अलग आधार बनाकर अपनी रिहाई के लिए याचिकाएं दाखिल की थीं, परंतु उच्च न्यायालय ने किसी भी दलील को स्वीकार करने योग्य नहीं माना और सभी को खारिज कर दिया।

जांच एजेंसी एनआईए की ओर से रखी गई दलीलें

उदयपुर के इस चर्चित हत्याकांड की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी एनआईए के पास है। घटना के बाद केस की संवेदनशीलता को देखते हुए इसकी पूरी जांच एनआईए को सौंपी गई थी। हाईकोर्ट में जमानत अर्जियों पर सुनवाई के दौरान एनआईए की तरफ से स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर स्नेहदीप ख्यालिया अदालत में उपस्थित हुए। स्पेशल पीपी स्नेहदीप ख्यालिया ने जांच एजेंसी का पक्ष रखते हुए आरोपियों की भूमिका और उनके खिलाफ जुटाए गए साक्ष्यों का विवरण दिया। दोनों पक्षों की जिरह पूरी होने के बाद खंडपीठ ने आरोपियों की याचिकाओं को खारिज करने का फैसला सुनाया, जिसके चलते केस में आगे की न्यायिक प्रक्रिया पूर्ववत जारी रहेगी।

सवाल-जवाब

राजस्थान हाईकोर्ट ने किस मामले में पांच आरोपियों की जमानत खारिज की?
राजस्थान हाईकोर्ट ने उदयपुर के चर्चित कन्हैयालाल हत्याकांड से जुड़े मामले में पांच आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज की हैं।
किन पांच आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज की गई हैं?
अदालत ने मुस्लिम खान, आशिफ हुसैन, मोहम्मद मोहसिन, मोहसिन खान और वसीम अली की जमानत याचिकाएं खारिज की हैं।
हाईकोर्ट की किस बेंच ने इन याचिकाओं पर सुनवाई की?
मुख्य न्यायाधीश संजय के. अग्रवाल और जस्टिस समीर जैन की डिवीजन बेंच ने इस मामले की सुनवाई की।
इस मामले की जांच कौन सी एजेंसी कर रही है?
इस हत्याकांड की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी एनआईए कर रही है।
हाईकोर्ट में एनआईए की तरफ से किसने पैरवी की?
एनआईए की ओर से स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर स्नेहदीप ख्यालिया ने अदालत में पैरवी की।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Carlos Mendoza@carlos-mendoza·12 दिन पहले

ऐंसे भयानक जुर्म में ज़मानत मिलना भी नहीं चाहिए। अदालत का फ़ैसला बिल्कुल सही है।

Ravikash Gupta@ravikash·12 दिन पहले

अदालत का फैसला बिल्कुल सही है, ऐसे गंभीर मामलों में आरोपियों को जमानत मिलना ही नहीं चाहिए। कन्हैयालाल के परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद बंधी है।

Arjun Mehta@arjun-mehta·12 दिन पहले

रविकेश जी, बात आपकी ठीक है, पर क्या सिर्फ जमानत रुकने से न्याय मिल जाएगा? ट्रायल कब तक पूरा होगा, यह भी तो बड़ा सवाल है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·12 दिन पहले

इन आरोपियों को जमानत न मिलना बिल्कुल सही फैसला है, अपराध इतना भयानक था कि किसी राहत की गुंजाइश ही नहीं बनती।

Rohan Verma@rohan-verma·12 दिन पहले

करन जी, बिल्कुल सही कह रहे हैं। जब मैं खुद उदयपुर गया था और उस गली से गुजरा था, तब भी लोगों के चेहरों पर वही डर और सन्नाटा साफ दिख रहा था।

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