सोशल मीडिया पर व्यूज बटोरने और पैसे कमाने की होड़ में एक 32 वर्षीय युवक ने आपराधिक रास्ता चुन लिया। दिल्ली पुलिस की साइबर टीम ने गुरमन सिंह नाम के इस शख्स को गिरफ्तार किया है। दिल्ली के सुभाष नगर का रहने वाला गुरमन सिंह यूट्यूब और फेसबुक पर रोड सेफ्टी वाला नाम का चैनल चलाता था। इस चैनल के लिए कंटेंट बनाने की खातिर वो सड़क पर चल रही महिलाओं और लड़कियों की स्कूटियों को जानबूझकर अपनी मोटरसाइकिल से टक्कर मारता था और फिर पूरी घटना को वीडियो के रूप में सोशल मीडिया पर अपलोड कर देता था। यह मामला इस बात की गंभीर चेतावनी है कि डिजिटल कमाई की चाहत युवाओं को किस हद तक अपराध की राह पर धकेल सकती है।
शिकायत से खुला पूरा राज
इस मामले का भांडा तब फूटा जब सनी अरोड़ा नाम के एक व्यक्ति ने दिल्ली पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में साफ तौर पर आरोप लगाया गया कि आरोपी अपनी बाइक से सड़क पर जा रही लड़कियों की स्कूटियों को पीछे से जानबूझकर टक्कर मारता था और उसके बाद उनका पीछा भी करता था। मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं और पॉक्सो एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच की शुरुआत की।
डिजिटल फॉरेंसिक से पकड़ाया आरोपी
दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने डिजिटल फॉरेंसिक और तकनीकी निगरानी के जरिए गुरमन सिंह की पहचान की और उसे हिरासत में लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसका मोबाइल फोन जब्त किया और जांच के दौरान उसमें बड़ी संख्या में आपत्तिजनक वीडियो, सोशल मीडिया अकाउंट्स से जुड़ी जानकारी और स्क्रीनशॉट मिले। इन सभी सामग्रियों को साक्ष्य के तौर पर सुरक्षित रखा गया है।
'सॉरी दीदी' की आड़ में चलती थी पूरी साजिश
पुलिस की पूछताछ के दौरान गुरमन सिंह ने सारी करतूत कबूल कर ली। उसने माना कि वो जानबूझकर सड़क पर चलती महिलाओं की गाड़ियों को टक्कर मारता था। टक्कर देने के तुरंत बाद वो 'सॉरी दीदी' बोलकर खुद को मासूम जताता था, ताकि पास मौजूद लोगों को कोई संदेह न हो और यह सिलसिला बिना किसी रुकावट के चलता रहे। इस पूरी साजिश में उसका एक साथी भी शामिल था, जो घटनास्थल से थोड़ी दूर खड़े होकर पूरी घटना को कैमरे में रिकॉर्ड करता था। बाद में उन वीडियो को एडिट करके फेसबुक और यूट्यूब पर अपलोड कर दिया जाता था।
महिलाओं के वीडियो से मिलती थी ज्यादा कमाई
गुरमन सिंह ने पुलिस को बताया कि पुरुषों की तुलना में महिलाओं से जुड़े वीडियो पर डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कहीं ज्यादा प्रतिक्रिया आती थी, जिससे उसे अधिक आर्थिक लाभ मिलता था। यही वजह थी कि उसने महिलाओं को जानबूझकर निशाना बनाने का रास्ता चुना। गिरफ्तारी के समय उसके फेसबुक पेज पर 2 लाख 10 हजार फॉलोअर्स और यूट्यूब चैनल पर 21 हजार सब्सक्राइबर थे। फिलहाल दिल्ली पुलिस आरोपी के सभी सोशल मीडिया हैंडल्स को बंद करने की प्रक्रिया में जुटी है।













