प्रसिद्ध गायक जुबिन गर्ग के असामयिक निधन को एक पूरा साल बीत चुका है, लेकिन उनके प्रशंसकों और परिवार के दिलों में उनकी यादें आज भी उतनी ही गहरी हैं। असम के कामरकुची स्थित जुबिन क्षेत्र में उनकी पहली पुण्यतिथि के मौके पर तीन दिवसीय विशेष स्मरण समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान लोगों का भारी जमावड़ा देखने को मिला, जहां समुदाय ने अपने चहेते कलाकार की संगीत यात्रा और जीवन दर्शन को एक अनूठे अंदाज में नमन किया।
जाति और मजहब की दीवारें लांघकर एकजुट हुए चाहने वाले
गायक की पत्नी गरिमा गर्ग ने इस मौके पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके पति का हमेशा से यह दृष्टिकोण रहा था कि समाज में हर व्यक्ति को अपनी सामाजिक पृष्ठभूमि, धर्म और जातिगत पहचान से परे उठकर सबसे पहले एक इंसान के रूप में देखना चाहिए। उन्होंने महसूस किया कि श्रद्धांजलि देने उमड़े अपार जनसमूह ने इस विचार को सच कर दिखाया है, क्योंकि हर तबके के लोग बिना किसी भेदभाव के सिर्फ प्रेम और आदर के साथ वहां उपस्थित हुए। गरिमा के अनुसार, अपने चारों तरफ मौजूद इस स्नेह और समर्थन के रूप में वह अपने पति की मौजूदगी को प्रत्यक्ष तौर पर महसूस कर पा रही हैं।
शोक के स्थान पर जीवन और सृजन का उत्सव
इस स्मरण सभा की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि प्रशंसकों ने इसे मातम या अवसाद के रूप में नहीं, बल्कि जीवन और कला के उत्सव के रूप में रूपांतरित कर दिया। गरिमा ने उल्लेख किया कि जुबिन के अंदर यह असाधारण क्षमता थी कि वे जीवन के बड़े से बड़े संकट, मानसिक तनाव और विपरीत परिस्थितियों को अपनी रचनात्मक ऊर्जा में बदल देते थे। उनके अनुसार, गायक का दृढ़ विश्वास था कि ऊर्जा का कभी नाश नहीं होता, बल्कि वह केवल एक व्यक्ति से दूसरे में स्थानांतरित होती है। यही सकारात्मक और रचनात्मक ऊर्जा आज असम तथा देश-विदेश में बसे उनके लाखों प्रशंसकों के दिलों में जीवंत है। उनके जीवन में जो भी परेशानियां आईं, उन्होंने उन्हें कभी अपने कलात्मक उत्साह पर हावी नहीं होने दिया।
सिंगापुर घटना पर जांच और इंसाफ की गुहार
पिछले वर्ष 19 सितंबर को सिंगापुर में आयोजित एक संगीत कार्यक्रम के दौरान जुबिन गर्ग का देहांत हो गया था। उस घटना के बाद से ही यह सवाल बना हुआ है कि वह केवल एक दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना थी अथवा उसके पीछे कोई पूर्व-नियोजित साजिश थी। असम सरकार की ओर से मामले की गहन पड़ताल के आदेश दिए गए थे और यह प्रकरण वर्तमान में न्यायिक प्रक्रिया के अंतर्गत अदालत में विचाराधीन है।
कानूनी स्थिति पर बात करते हुए गरिमा ने स्पष्ट शब्दों में कहा,
"हमें न्याय चाहिए."उन्होंने आगे जोर दिया कि परिवार और चाहने वाले केवल यह जानना चाहते हैं कि 19 सितंबर को सिंगापुर के उस कॉन्सर्ट में वास्तव में क्या घटित हुआ था। उन्होंने कहा कि जब मामला अदालत के समक्ष है, तो सच निष्पक्षता से सामने आना चाहिए ताकि दिवंगत गायक को पूरा न्याय मिल सके।



















