देशभर में भारत की आजादी की 80वीं वर्षगांठ की तैयारियां बहुत ही उत्साह और देशभक्ति के माहौल में जारी हैं। 15 अगस्त का यह पावन अवसर हर भारतीय के लिए बेहद खास होता है, जिसे लोग ध्वजारोहण, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और एक-दूसरे का मुंह मीठा कराकर मनाते हैं। स्वतंत्रता दिवस के इस राष्ट्रीय उत्सव में मोतीचूर के लड्डू की मिठास हमेशा से ही सबसे पहली पसंद रही है। इस बार त्यौहार की खुशी और तिरंगे के रंगों को अधिक यादगार बनाने के लिए बाजार की मिलावटी मिठाइयों पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है। आप बहुत ही सरल विधि से घर पर हलवाई जैसे रसीले, सॉफ्ट और दानेदार मोतीचूर के लड्डू बना सकते हैं। घर पर शुद्ध देसी घी में बने लड्डू न केवल स्वाद में बेहतरीन होते हैं बल्कि सेहत के लिहाज से भी पूरी तरह सुरक्षित रहते हैं।
लड्डू बनाने के लिए आवश्यक सामग्री
उत्तम गुणवत्ता और स्वाद वाले मोतीचूर के लड्डू तैयार करने के लिए सामग्री का सही अनुपात होना अत्यंत आवश्यक है। इस रेसिपी के लिए निम्नलिखित चीजों की आवश्यकता होगी
- बेसन: 2 कप (अच्छी तरह छाना हुआ)
- पानी: 2 कप (बैटर तैयार करने के लिए)
- चीनी: 2 कप
- पानी: 1 कप (चाशनी तैयार करने के लिए)
- इलायची पाउडर: ½ छोटी चम्मच
- फूड कलर: 2 से 3 बूंदें (केसरिया या नारंगी रंग)
- मगज के बीज और पिस्ता: 2 बड़े चम्मच (बारीक कटे हुए पिस्ते सजाने के लिए)
- देसी घी या तेल: आवश्यकतानुसार (बूंदी तलने के लिए)
परफेक्ट और बिना गुठलियों वाला घोल तैयार करें
हलवाई जैसी बारीक बूंदी बनाने का पूरा राज बेसन के घोल की निरंतरता पर निर्भर करता है। इसके लिए सबसे पहले एक बड़े बर्तन में 2 कप बेसन को किसी बारीक छलनी से अच्छी तरह छान लें। छानने से बेसन में मौजूद कोई भी गुठली खत्म हो जाती है और हवा का संचार होता है। इसके बाद बेसन में 2 कप पानी को थोड़ा-थोड़ा करके डालते जाएं और किसी फेंटने वाले उपकरण या हाथ से लगातार चलाते रहें। ध्यान रखें कि घोल न तो बहुत अधिक गाढ़ा होना चाहिए और न ही अत्यधिक पानी जैसा पतला। जब बेसन का एक समान चिकना घोल तैयार हो जाए, तब इसमें नारंगी फूड कलर की 1 बूंद मिलाएं और 2 मिनट तक अच्छी तरह फेंटें ताकि रंग पूरे घोल में समा जाए।
बारीक बूंदी तलने की सटीक तकनीक
बूंदी तैयार करने के लिए एक गहरी कढ़ाई में देसी घी या तलने वाला तेल मध्यम से तेज आंच पर गरम करें। जब घी पर्याप्त गरम हो जाए, तब एक महीन छेद वाले झारे को कढ़ाई से थोड़ी ऊंचाई पर स्थिर रखें। तैयार बेसन के घोल को झारे पर धीरे से डालें। घोल स्वयं ही झारे के सुराखों से रिपकर गरम घी में छोटी-छोटी गोल बूंदियों के रूप में गिरने लगेगा। यहां सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि बूंदी को केवल 10 से 15 सेकंड तक ही तलना है। बूंदी को ज्यादा देर तक नहीं तलना चाहिए, वरना वह कड़क और करारी हो जाएगी, जिससे चाशनी सोखने में कठिनाई होगी। 15 सेकंड बाद तुरंत बूंदी को निकालकर एक साफ प्लेट में रख लें।
चाशनी का निर्माण और लड्डू बांधने की प्रक्रिया
दूसरे पैन में 2 कप चीनी और 1 कप पानी डालकर मध्यम आंच पर गरम होने दें। जब चीनी पूरी तरह घुल जाए, तब इसमें ½ छोटी चम्मच इलायची पाउडर और बचा हुआ नारंगी फूड कलर मिला दें। चाशनी को तब तक पकाएं जब तक कि वह 1-तार की स्थिति तक पहुंचने ही वाली हो। 1-तार की चाशनी बनने से ठीक पहले गैस की आंच बंद कर दें। अब इस गरम चाशनी में पहले से तली हुई बूंदी और 2 बड़े चम्मच मगज के बीज डालें। चम्मच की मदद से इसे अच्छी तरह मिलाएं और बर्तन को ढक्कन से ढंककर 20 से 30 मिनट के लिए छोड़ दें। इस दौरान बूंदी चाशनी को पूरी तरह सोखकर एकदम फूली और रसीली हो जाएगी। जब यह मिश्रण हल्का गुनगुना रह जाए, तब हाथों पर थोड़ा सा देसी घी लगाएं और थोड़ा-थोड़ा मिश्रण लेकर गोल आकार के मोतीचूर लड्डू बांध लें। अंत में ऊपर से कटे हुए पिस्ते लगाकर सजाएं और स्वतंत्रता दिवस पर अपनों को परोसें।



















