बस्तर की समृद्ध और विविध खानपान परंपरा में, मानसून का मौसम अपने साथ एक बेहद खास और दुर्लभ सौगात लेकर आता है, जिसे स्थानीय लोग बड़े प्यार से 'काला सोना' कहकर पुकारते हैं। दरअसल, बोड़ा एक विशेष प्रकार का जंगली और मौसमी मशरूम है, जिसके उगने का इंतजार पूरे साल बेसब्री से किया जाता है। जब इस बेशकीमती बोड़ा को ताजी तोड़ी गई खेड़ा भाजी के साथ मिलाकर पारंपरिक और मसालेदार आमट तैयार की जाती है, तो इसका स्वाद इतना लाजवाब और सोंधा होता है कि खाने वाले अपनी उंगलियां चाटते रह जाते हैं। यह बेहद खास देसी व्यंजन आपके पूरे परिवार को निश्चित रूप से बहुत पसंद आएगा और यह प्रकृति के साथ स्थानीय लोगों के गहरे जुड़ाव को भी दर्शाता है।
बरसाती मशरूम की भारी डिमांड
बोड़ा कोई रोजमर्रा की सामान्य सब्जी नहीं है; यह एक ऐसा मौसमी खजाना है जो केवल तेज बारिश के दिनों में घने जंगलों में प्राकृतिक रूप से पनपता है। इसकी बेहद सीमित उपलब्धता और बेमिसाल स्वाद के कारण, स्थानीय बाजारों में इसकी हमेशा भारी डिमांड और उत्सुकता बनी रहती है। बस्तर क्षेत्र में ताजी खेड़ा भाजी और बोड़ा को मिलाकर आमट बनाना एक बेहद लोकप्रिय, स्वादिष्ट और पुरानी पाक परंपरा है। सबसे अच्छी बात यह है कि इसे पकाना आश्चर्यजनक रूप से बहुत आसान है। इस लजीज सब्जी को एक बार चखने के बाद आपके घर के सदस्य आपकी पाक कला की तारीफ करते नहीं थकेंगे और हर बार मानसून में इसे खाने की बार-बार फरमाइश करेंगे।
आमट बनाने के लिए जरूरी सामग्री
इस बेहतरीन, पौष्टिक और पारंपरिक रेसिपी को सही तरीके से तैयार करने के लिए आपको कुछ चुनिंदा चीजों की आवश्यकता होगी। एकदम सटीक और प्रामाणिक स्वाद पाने के लिए इन सामग्रियों की इस तय मात्रा का सावधानी से इस्तेमाल करें
- बोड़ा: 60 ग्राम
- खेड़ा भाजी: 100 ग्राम
- काला चना: 20 ग्राम (आप चाहें तो इन चनों को रात भर पानी में भिगोकर रख सकते हैं, या फिर बनाने से ठीक पहले बर्तन में भून कर इस्तेमाल कर सकते हैं)
- हल्दी पाउडर: 1/4 चम्मच
- अदरक-लहसुन और हरी मिर्च का पेस्ट: एक चम्मच
- पिसा हुआ चावल: 20 ग्राम
- इमली का पानी: थोड़ा सा (सब्जी में आवश्यक खटास लाने के लिए)
- नमक: स्वादानुसार
खाना पकाने की स्टेप-बाय-स्टेप विधि
देसी आमट पकाने की यह पूरी प्रक्रिया बेहद सरल है और यह रसोई में कुछ ही मिनटों की मेहनत में शानदार तरीके से बनकर तैयार हो जाती है। अगर आपने काले चने रात में पानी में नहीं भिगोए हैं, तो सबसे पहले एक भारी तले वाले बर्तन में 20 ग्राम चनों को अच्छी खुशबू आने तक भून लें। इसके बाद, एक दूसरे बड़े बर्तन में साफ पानी डालकर उसे गैस पर मध्यम आंच में गर्म होने के लिए रख दें। जब पानी हल्का गर्म होकर उबलने की स्थिति में आ जाए, तो उसमें अच्छी तरह से साफ किया हुआ बोड़ा और कटी हुई खेड़ा भाजी डाल दें और इन्हें पानी में अच्छी तरह पकने दें।
जब भाजी और मशरूम थोड़े नरम पड़ने लगें और पानी उबलने लगे, तब इसमें पहले से भुने हुए या भीगे हुए काले चने मिला दें। थोड़ी देर तक इन्हें उबलने दें, और फिर इसमें स्वादानुसार नमक, एक चौथाई चम्मच हल्दी पाउडर और एक चम्मच अदरक-लहसुन व हरी मिर्च का पेस्ट डाल दें। सभी मसालों को चम्मच से अच्छी तरह से मिलाएं ताकि सब्जी के पानी में उनका स्वाद पूरी तरह से घुल जाए और इसे कुछ देर तक पकने दें।
आखिरी स्टेप और परोसने का तरीका
मसालों के अच्छी तरह पक जाने और उनकी खुशबू आने के थोड़ी देर बाद, आमट की तरी में एक विशिष्ट और स्वादिष्ट खट्टापन लाने के लिए तैयार किया हुआ इमली का पानी डाल दें। इसके तुरंत बाद, ग्रेवी को गाढ़ा और रेशमी बनाने के लिए इसमें 20 ग्राम पिसा हुआ चावल मिला दें। अब इस पूरी मसालेदार सब्जी को लगभग पूरे दस मिनट तक धीमी आंच पर बहुत अच्छी तरह से उबलने और पकने दें, ताकि सारे फ्लेवर आपस में गहराई से मिल जाएं। पूरे दस मिनट बाद, जब ग्रेवी सही गाढ़ी हो जाए, तो बर्तन को गैस से सावधानीपूर्वक उतार लें। आपकी स्वादिष्ट, खट्टी और लजीज देसी आमट की सब्जी परोसने के लिए बिल्कुल तैयार है। आप इस गरमा-गरम और पौष्टिक डिश को उबले हुए चावल या ताजी सेंकी हुई रोटी के साथ परोस कर इसके बेहतरीन स्वाद का पूरा आनंद ले सकते हैं।




















