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दिल्ली के चावड़ी बाजार में 35 साल से मिल रहा है मोदक का खास स्वाद, गणेश उत्सव पर यहां मिलती हैं 12 वैरायटीखानपान
7 सित॰ 2026, 11:44 pm (2 घंटे पहले)· 3

दिल्ली के चावड़ी बाजार में 35 साल से मिल रहा है मोदक का खास स्वाद, गणेश उत्सव पर यहां मिलती हैं 12 वैरायटी

गणेश उत्सव के खास मौके पर दिल्ली के चावड़ी बाजार स्थित श्याम स्वीट्स पिछले करीब 35 वर्षों से लोगों को मोदक का पारंपरिक और नया स्वाद परोस रही है। इस दुकान पर सात अनाज से लेकर चॉकलेट और ड्राई फ्रूट्स तक, मोदक की कई वैरायटी उपलब्ध हैं।

दिल्ली के ऐतिहासिक बाजारों की अपनी एक खास तासीर और रौनक है। यहां की पुरानी गलियों में सिर्फ व्यापार का इतिहास ही नहीं, बल्कि दशकों पुराना जायका भी आज तक जिंदा है। अगर आप गणेश उत्सव के दौरान बप्पा को भोग लगाने या खुद आनंद लेने के लिए सबसे अच्छे मोदक की तलाश में हैं, तो पुरानी दिल्ली के चावड़ी बाजार में स्थित श्याम स्वीट्स एक बेहतरीन ठिकाना साबित हो सकता है। यह दुकान पिछले करीब 35 साल से लगातार मोदक तैयार कर रही है और समय के बदलाव के साथ यहां इसकी कई नई किस्में भी ग्राहकों के लिए जोड़ी गई हैं।

मोदक की एक दर्जन किस्में

श्याम स्वीट्स पर पहुंचने वाले ग्राहकों को मोदक की विस्तृत रेंज देखने को मिलती है। दुकान पर चावल, मल्टीग्रेन, काजू, ड्राई फ्रूट्स और चॉकलेट जैसे फ्लेवर में मोदक तैयार किए जाते हैं। यदि आपको पारंपरिक और सादा स्वाद पसंद है, तो उसके लिए भी पर्याप्त विकल्प मौजूद हैं। इसके अलावा जो लोग कुछ अलग और आधुनिक स्वाद आजमाना चाहते हैं, उनके लिए चॉकलेट और ड्राई फ्रूट्स से बने मोदक भी काउंटर पर सजे रहते हैं, जो हर उम्र के लोगों को आकर्षित करते हैं।

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सात अनाज वाला मोदक है खास

मिठाई विक्रेता अजय अग्रवाल ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि वे हर साल गणेश चतुर्थी के पर्व से ठीक पहले मोदक बनाने का काम शुरू कर देते हैं। दुकान पर ग्राहकों की पसंद के मुताबिक कई प्रकार के मोदक बेचे जा रहे हैं। इनमें इस समय सबसे ज्यादा मांग सात अनाज से तैयार किए जाने वाले मोदक की है। इस विशेष मोदक को बनाने के लिए दाल, चावल, गेहूं और बेसन सहित कुल सात अलग-अलग अनाजों को आपस में मिलाकर एक पौष्टिक और स्वादिष्ट मिश्रण तैयार किया जाता है।

शुरुआत की दिलचस्प कहानी

दुकानदार संजय अग्रवाल ने बताया कि दुकान पर सुबह और शाम को भगवान गणपति की आरती संपन्न होने से ठीक पहले मोदक का खास भोग अर्पित किया जाता है। उन्होंने यह भी साझा किया कि दिल्ली में बड़े पैमाने पर गणेश उत्सव मनाए जाने की शुरुआत करीब 20-25 साल पहले हुई थी। जब यह परंपरा यहां जोर पकड़ने लगी, तो उन्होंने मोदक बनाने की सही कला सीखने के लिए महाराष्ट्र का दौरा किया था। वे खुद मुंबई गए और वहां से मोदक बनाने के सांचे तथा साक्षात नमूने लेकर आए, जिसके बाद उन्होंने अपनी दुकान पर मोदक बनाने की शुरुआत की।

कीमत और ग्राहकों की पसंद

दुकान पर मिलने वाले मोदक की कीमतें उसमें इस्तेमाल होने वाली सामग्री और उसकी वैरायटी के आधार पर तय की जाती हैं। श्याम स्वीट्स में मोदक की शुरुआती कीमत लगभग 500 रुपये प्रति किलो से शुरू होती है। इस दुकान की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां आने वाले ग्राहक अपनी व्यक्तिगत पसंद और जरूरत के अनुसार मोदक की खास वैरायटी का चुनाव कर सकते हैं, जिससे हर किसी को उसकी पसंद का स्वाद मिल जाता है।

सवाल-जवाब

श्याम स्वीट्स कहां स्थित है?
श्याम स्वीट्स पुरानी दिल्ली के चावड़ी बाजार में स्थित है।
यहां कितने वर्षों से मोदक बनाए जा रहे हैं?
इस दुकान पर पिछले करीब 35 साल से मोदक तैयार किए जा रहे हैं।
मोदक की शुरुआती कीमत क्या है?
यहां मोदक की कीमत करीब 500 रुपये प्रति किलो से शुरू होती है।
सात अनाज का मोदक किन चीजों से बनता है?
यह मोदक दाल, चावल, गेहूं और बेसन जैसे सात अनाज को मिलाकर बनाया जाता है।
दिल्ली में बड़े पैमाने पर गणेश उत्सव कब से मनाया जाने लगा?
दिल्ली में 20-25 साल पहले से गणेश उत्सव बड़े पैमाने पर मनाया जाना शुरू हुआ था।
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