बनासकांठा में महिला पशुपालकों का बड़ा कमाल, दूध और शहद से खड़ा किया करोड़ों का कारोबारमोबाइल की दुकान पर काम करने वाले अखंड स्वरूप पंडित ने खड़ी की 2000 करोड़ रुपये की कंपनी, जानिए द कैटलिस्ट ग्रुप का सफरअंतरिक्ष में सक्रिय हुआ गूगल का पहला डेटा सेंटर उपग्रह, कक्षा से रचाई कवितामेंस एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी में भारत का दबदबा बरकरार, जापान को 4-1 से शिकस्त देकर शीर्ष पर बनाई जगहअमेरिकी मध्यावधि चुनाव में डाक मतपत्र भेजकर पोप लियो XIV ने रचा अभूतपूर्व इतिहासबाइनेंस सुरक्षा चूक और फेड के सख्त रुख से गिरा बिटकॉइन, लगातार चौथे हफ्ते दबावनागपुर स्नातक सीट पर भाजपा की शिकस्त के पीछे क्या रहे कारण, 31 विधायकों और दिग्गजों की मौजूदगी के बाद भी कैसे पलटा पासाइज़राइल चुनाव नतीजों के बाद बड़ा राजनीतिक बवाल, नेतन्याहू पर जनादेश को बदनाम करने का आरोपअमेरिकी अर्थव्यवस्था में मूल्य वृद्धि और तकनीकी निवेश के बीच फेडरल रिजर्व के बार्किन ने सतर्क कदमों पर जोर दियाअवैध पटाखों के खिलाफ राष्ट्रीय राजधानी में पुलिस की सख्त कार्रवाई, 1,073 किलोग्राम बारूद जब्त
गणेश उत्सव पर घर पर बनाएं गेहूं के आटे के खास लड्डू, 15 दिनों तक नहीं होंगे खराबखानपान
19 सित॰ 2026, 10:50 pm (41 दिन पहले)· 0

गणेश उत्सव पर घर पर बनाएं गेहूं के आटे के खास लड्डू, 15 दिनों तक नहीं होंगे खराब

गणेश चतुर्थी पर भगवान श्री गणेश को भोग लगाने के लिए गेहूं के आटे के लड्डू एक बेहतरीन और आसान विकल्प हैं, जिन्हें कम समय में घर पर तैयार किया जा सकता है।

गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर भगवान श्री गणेश को कई प्रकार के मिष्ठान और विशेष पकवान अर्पित करने की परंपरा है। इस पावन उत्सव के दौरान यदि आप घर में ही शुद्ध और स्वादिष्ट प्रसाद तैयार करना चाहते हैं, तो गेहूं के आटे से बने लड्डू एक उत्तम विकल्प साबित हो सकते हैं। इन लड्डुओं को तैयार करने की प्रक्रिया काफी सरल है और इसमें अधिक समय भी नहीं लगता। उपयुक्त तरीके से बनाकर सही ढंग से रखने पर ये लड्डू कई दिनों तक खाने योग्य बने रहते हैं और खराब नहीं होते।

लड्डू बनाने के लिए जरूरी सामग्री

आटे के स्वादिष्ट लड्डू तैयार करने के लिए मुख्य रूप से गेहूं का आटा, शुद्ध घी, मिठास के लिए शक्कर या गुड़ और स्वादानुसार मेवे उपयोग में लाए जाते हैं। मेवों में बादाम, काजू, किशमिश और मखाने अपनी पसंद के मुताबिक शामिल किए जा सकते हैं। घर पर प्रसाद बनाने का यह बड़ा लाभ है कि इसमें प्रयुक्त सामग्री की गुणवत्ता और मात्रा दोनों को अपनी आवश्यकता के अनुसार तय किया जा सकता है।

ये भी पढ़ें

धीमी आंच पर भूनने की आसान विधि

बनाने की शुरुआत करने के लिए सबसे पहले एक कड़ाही में घी गर्म करें और फिर उसमें गेहूं का आटा डालें। आटे को धीमी आंच पर लगातार कलछी से चलाते हुए भूनना जरूरी होता है, ताकि वह बर्तन के तले में चिपके नहीं। जब आटे से सौंधी खुशबू आने लगे और उसका रंग हल्का सुनहरा हो जाए, तब गैस बंद कर दें। इसके बाद भुने हुए आटे को थोड़ा ठंडा होने के लिए रख दें और फिर उसमें बारीक कटे हुए मेवे अच्छी तरह मिला लें।

लड्डू बांधने का सही तरीका

जब आटा हल्का ठंडा हो जाए, तब उसमें स्वादानुसार पिसी हुई शक्कर या बारीक गुड़ मिलाकर पूरी सामग्री को एकसार कर लें। मिश्रण जब हल्का गुनगुना रहे, तभी हाथों की सहायता से छोटे-छोटे गोल लड्डू बांध लें। यदि मिश्रण अधिक सूखा महसूस हो और लड्डू बांधने में कठिनाई आ रही हो, तो उसमें आवश्यकतानुसार थोड़ा सा अतिरिक्त घी मिलाया जा सकता है। तैयार लड्डुओं को किसी एयर टाइट डिब्बे में बंद करके सुरक्षित रखा जा सकता है, जिससे वे लंबे समय तक ताजे बने रहते हैं।

मोदक के साथ एक बेहतरीन विकल्प

गणेश उत्सव के दिनों में मोदक के साथ-साथ गेहूं के आटे के ये लड्डू भगवान श्री गणेश को नियमित भोग लगाने के लिए एक स्वादिष्ट और आसान साधन बनते हैं। परिवार के सभी सदस्य, विशेषकर बच्चे और बुजुर्ग, इस प्रसाद को बड़े चाव से खाते हैं। इन लड्डुओं की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह करीब 15 दिनों तक सुरक्षित रहते हैं और खराब नहीं होते। मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले की महिला हलवाई फूला बाई के अनुसार, जो श्रद्धालु घर पर ही भोग तैयार करने की योजना बना रहे हैं, उनके लिए यह घरेलू विधि बेहद उपयोगी और सरल है।

सवाल-जवाब

आटे के लड्डू बनाने के लिए मुख्य सामग्री क्या है?
इसके लिए गेहूं का आटा, घी, पिसी शक्कर या गुड़ और बादाम, काजू, किशमिश जैसे मेवे चाहिए होते हैं।
यह लड्डू कितने दिनों तक खराब नहीं होते?
यदि इन्हें एयर टाइट डिब्बे में ठीक से रखा जाए तो ये करीब 15 दिनों तक खराब नहीं होते हैं।
यदि लड्डू का मिश्रण सूखा लगे तो क्या करना चाहिए?
मिश्रण सूखा लगने पर उसमें थोड़ा सा अतिरिक्त घी मिलाया जा सकता है, जिससे लड्डू आसानी से बंध सकें।
आटे को भूनते समय किस बात का ध्यान रखना आवश्यक है?
आटे को धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए भूनना चाहिए ताकि वह जले नहीं और हल्का सुनहरा होने पर गैस बंद कर दें।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp