ड्रमस्टिक जिसे आमतौर पर सहजन कहा जाता है, पोषक तत्वों से भरपूर एक बेहतरीन सब्जी है। घरों में अक्सर इसकी कढ़ी, सांभर या सूखी सब्जी बनाई जाती है, जो सेहत के लिहाज से काफी गुणकारी मानी जाती है। हालांकि, बहुत कम लोग जानते हैं कि सहजन का तीखा और चटपटा अचार भी बनाया जा सकता है। अगर पारंपरिक मसालों के सही संतुलन और उचित विधि से इसे तैयार किया जाए, तो यह न केवल खाने का स्वाद बढ़ाता है बल्कि पूरे बारह महीने तक खराब भी नहीं होता है।
सहजन का अचार बनाने के लिए जरूरी सामग्री
इस पारंपरिक अचार को तैयार करने के लिए रसोई में मौजूद बुनियादी खड़े और पिसे मसालों की आवश्यकता होती है। सही माप इस प्रकार है
- 500 ग्राम ताजी सहजन
- 1 कप (लगभग 200 मिली) शुद्ध सरसों का तेल
- 3 चम्मच दरदरी पिसी हुई पीली अथवा काली सरसों
- 2 चम्मच सौंफ
- 1 छोटा चम्मच हल्का भुना और पिसा हुआ मेथी दाना
- 1 छोटा चम्मच कलौंजी (मंगरैल)
- 1.5 चम्मच हल्दी पाउडर
- 2 चम्मच लाल मिर्च पाउडर
- 3 चम्मच अमचूर पाउडर अथवा सिरका
- आधा छोटा चम्मच हींग
- 2.5 चम्मच नमक (अचार को सुरक्षित रखने के लिए नमक की मात्रा थोड़ी तेज रखी जाती है)
तैयारी और भाप में पकाने की प्रक्रिया
अचार बनाने की शुरुआत सहजन की सही सफाई से होती है। सबसे पहले 500 ग्राम सहजन की फलियों को पानी से अच्छी तरह धो लें और कपड़े से पोंछकर पूरी तरह सुखा लें। इसके बाद फलियों के 1.5 से 2 इंच लंबे टुकड़े काट लें और ऊपर का रेशा या हल्का छिलका सावधानी से उतार लें। यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि टुकड़ों में पानी की एक बूंद भी न बची हो।
इसके बाद एक गहरे बर्तन में पानी उबलने के लिए रखें। पानी में उबाल आने पर बर्तन के ऊपर एक छलनी रखें और कटे हुए सहजन के टुकड़ों को उस पर रखकर 4 से 5 मिनट तक भाप में पकाएं। ध्यान रहे कि टुकड़ों को बहुत ज्यादा गलाना नहीं है, उन्हें केवल हल्का सा नरम करना है ताकि उनका कुरकुरापन बना रहे।
नमी सुखाना और तेल तैयार करना
भाप में पकाने के बाद सहजन के सभी टुकड़ों को एक साफ सूती कपड़े पर अलग-अलग फैला दें। इन्हें 2 से 3 घंटे के लिए तेज धूप में अथवा पंखे की सीधी हवा में अच्छी तरह सूखने दें। अचार को साल भर सुरक्षित रखने के लिए यह सबसे महत्वपूर्ण चरण है, क्योंकि थोड़ी सी भी नमी अचार में फफूंद लगा सकती है।
सहजन के सूखने के दौरान एक कढ़ाई में 1 कप (लगभग 200 मिली) सरसों का तेल डालें और उसे तब तक गर्म करें जब तक कि उसमें से हल्का धुआं न निकलने लगे। धुआं उठने के बाद गैस बंद कर दें और तेल को सामान्य गुनगुना होने के लिए छोड़ दें। जब तेल हल्का गुनगुना रह जाए, तब उसमें आधा छोटा चम्मच हींग मिलाएं।
मसाला मिश्रण और धूप में पकाने का तरीका
एक बड़े और सूखे बर्तन में नमी-मुक्त सहजन के टुकड़े निकालें। अब इसमें 3 चम्मच दरदरी पिसी सरसों, 2 चम्मच सौंफ, 1 छोटा चम्मच भुनी-पिसी मेथी, 1 छोटा चम्मच कलौंजी, 1.5 चम्मच हल्दी पाउडर, 2 चम्मच लाल मिर्च पाउडर, 3 चम्मच अमचूर पाउडर या सिरका और 2.5 चम्मच नमक डालें।
सभी सूखे मसाले डालने के बाद, हींग वाला गुनगुना सरसों का तेल सहजन के ऊपर डालें और चम्मच से अच्छी तरह मिला लें। तेल और मसालों को तब तक चलाएं जब तक कि सहजन के हर एक टुकड़े पर मसालों की एक समान परत न चढ़ जाए। इसके बाद अचार को किसी साफ मर्तबान में भरकर पूरे एक हफ्ते तक रोजाना धूप में रखें। धूप लगने से मसाले पूरी तरह पक जाते हैं और यह स्वादिष्ट अचार लंबे समय तक उपयोग के लिए तैयार हो जाता है।



















