घर पर गरमा-गरम समोसे, कचौड़ी, कटलेट या पकौड़े बनते ही उनकी सोंधी खुशबू पूरे घर में फैल जाती है। बारिश का मौसम हो या शाम की चाय का वक्त, तले हुए स्नैक्स हर किसी की पहली पसंद होते हैं। हालांकि कई बार प्लेट में आते ही ये स्नैक्स इतने ज्यादा तेल से भरे नजर आते हैं कि खाने का सारा स्वाद खराब हो जाता है। ऊपर से कुरकुरा दिखने वाला पकौड़ा अंदर से भारी, पिलपिला और चिकना हो जाता है। अक्सर लोग समझते हैं कि डीप फ्राइंग का मतलब केवल कढ़ाही चढ़ाकर उसमें तेल गर्म करना और चीजें डाल देना है, जबकि वास्तव में यह एक वैज्ञानिक प्रक्रिया है। तेल के चयन से लेकर आंच के तापमान, सामग्री की नमी और कढ़ाही में डाली जाने वाली मात्रा तक हर बारीक बात अंतिम नतीजे को प्रभावित करती है। मशहूर शेफ संजीव कपूर ने डीप फ्राइंग को बेहतर बनाने और स्नैक्स को कम ऑयली रखने के लिए 10 बेहद कारगर तरीके साझा किए हैं।
सही तेल का चयन और तापमान का संतुलन
डीप फ्राइंग के लिए हमेशा ऐसा तेल चुनना चाहिए जिसकी अपनी महक या स्वाद बहुत ज्यादा तेज न हो। न्यूट्रल स्वाद वाला तेल इस्तेमाल करने से तले जाने वाले समोसे या पकौड़े का अपना असली स्वाद और मसालों की खुशबू बरकरार रहती है। तेल चुनते समय अपनी पसंद और कुकिंग की जरूरत का विशेष ध्यान रखें। इसके अलावा एक ही तेल को बार-बार कढ़ाही में गर्म करके इस्तेमाल करने से बचना चाहिए, क्योंकि बार-बार जला हुआ तेल न सिर्फ सेहत के लिए नुकसानदेह होता है बल्कि स्नैक्स के स्वाद को भी बिगाड़ देता है।
तलने के दौरान सबसे आम गलती तेल के तापमान का सही आंकलन न कर पाना है। अगर कढ़ाही में तेल बहुत कम गर्म होगा तो उसमें डाले गए समोसे या पकौड़े तुरंत तेल सोखना शुरू कर देंगे और भारी हो जाएंगे। वहीं दूसरी ओर यदि तेल बहुत ज्यादा गर्म होगा, तो स्नैक का बाहरी हिस्सा डालते ही गहरा भूरा या काला पड़ जाएगा जबकि अंदर की सामग्री कच्ची रह जाएगी। इसलिए तलते समय आंच को हमेशा मध्यम से तेज के बीच संतुलित रखकर तापमान को नियंत्रित रखना चाहिए।
नमी से बचाव और तेल की तैयारी जांचना
अगर आपने स्नैक्स तैयार करने के लिए आलू, गोभी, प्याज या किसी अन्य सब्जी को धोया या भिगोया है, तो उसे कढ़ाही में डालने से पहले अच्छी तरह सुखाना अनिवार्य है। गीली सामग्री में मौजूद पानी की बूंदें जैसे ही उबलते हुए गर्म तेल के संपर्क में आती हैं, तेल के तेज छींटे चारों तरफ उड़ने लगते हैं। इससे हाथ, चेहरे या त्वचा के जलने का गंभीर खतरा रहता है। स्वाद और कुरकुरेपन से पहले रसोई में सुरक्षा के नियमों का पालन करना सबसे जरूरी है।
सामग्री तलने से पहले यह जांचना बहुत जरूरी है कि तेल सही तापमान पर पहुंचा है या नहीं। इसके लिए बैटर या घोल की एक छोटी सी बूंद तेल में गिराकर देखें। अगर बैटर धीरे-धीरे तैरता हुआ ऊपर आता है और उसके चारों तरफ हल्के-हल्के बुलबुले बनते हैं, तो समझें कि तेल तलने के लिए पूरी तरह तैयार है। यदि बैटर डालते ही बहुत तेज बुलबुले उठें या वह तुरंत काला पड़ने लगे, तो आंच बहुत तेज है और उसे तुरंत धीमा करने की जरूरत है।
बैच का सही आकार और पलटने का तरीका
जल्दी के चक्कर में पूरी कढ़ाही को एक साथ स्नैक्स से भर देना बहुत भारी पड़ता है। जब कढ़ाही में क्षमता से ज्यादा चीजें एक साथ डाल दी जाती हैं, तो तेल का तापमान अचानक बहुत नीचे गिर जाता है। तापमान कम होते ही स्नैक्स कुरकुरे होने के बजाय तेल सोखने लगते हैं। इसलिए बेहतर परिणाम पाने के लिए हमेशा स्नैक्स को छोटे-छोटे बैच में ही तलना चाहिए।
कढ़ाही में समोसा या पकौड़ा डालते ही उसे बार-बार कलछी से पलटने की आदत नुकसान पहुंचाती है। हर कुछ सेकंड में पलटने से स्नैक की ऊपरी नाजुक परत टूट सकती है और वह बिखर कर ज्यादा तेल सोख सकता है। स्नैक को पहले एक तरफ से अच्छी तरह पकने दें और हल्का सुनहरा रंग आने दें, उसके बाद ही उसे सावधानी से दूसरी तरफ पलटें। संयम रखने से स्नैक की बनावट और क्रिस्पiness दोनों सही बने रहते हैं।
ब्रेड क्रम्ब्स झाड़ना और सही कलछी का प्रयोग
कटलेट या नगेट्स जैसे स्नैक्स पर ब्रेड क्रम्ब्स की कोटिंग करते समय अतिरिक्त क्रम्ब्स को हल्के हाथ से झाड़कर अलग कर देना चाहिए। जो ब्रेड क्रम्ब्स ढीले रह जाते हैं, वे तेल में जाते ही निकलकर नीचे बैठ जाते हैं और जलने लगते हैं। तेल में जले हुए टुकड़े जमा होने से तेल काला पड़ने लगता है और उसके बाद तले जाने वाले अगले बैच के स्नैक्स में भी जले हुए हिस्से चिपक जाते हैं, जिससे स्वाद कड़वा हो जाता है।
तले हुए स्नैक्स को कढ़ाही से बाहर निकालने के लिए हमेशा छेद वाली कलछी का इस्तेमाल करना चाहिए। छेद वाली कलछी से स्नैक को उठाते ही उसमें फंसा हुआ अतिरिक्त तेल वापस कढ़ाही में गिर जाता है। सीधे साधारण चम्मच या प्लेट में निकालने की तुलना में यह तरीका स्नैक्स से तेल को अलग करने में बेहद मददगार साबित होता है।
जले कणों की सफाई और एक समान कटिंग
प्याज, धनिया, मसाले या बेसन के बैटर के छोटे-छोटे टुकड़े तलने के दौरान कढ़ाही के तेल में तैरते रहते हैं। समय के साथ ये टुकड़े जलकर काले हो जाते हैं। तलने की प्रक्रिया के दौरान बीच-बीच में छेद वाली कलछी से इन जले हुए कणों को बाहर निकालते रहना चाहिए। इससे तेल साफ बना रहता है और स्नैक्स का शुद्ध स्वाद बना रहता है।
फ्रेंच फ्राइज, पकौड़े या कटलेट बनाते समय सभी टुकड़ों का आकार एक समान रखना बहुत फायदेमंद होता है। यदि कुछ टुकड़े छोटे और कुछ बड़े होंगे, तो छोटे टुकड़े जल्दी पककर जल जाएंगे जबकि बड़े टुकड़े अंदर से कच्चे रह जाएंगे। एक समान आकार में कटी हुई सामग्री एक साथ बराबर समय में पकती है, जिससे कोई भी टुकड़ा कच्चा या ज्यादा भूरा नहीं होता।



















