घर पर किसी खास आयोजन या दावत के मौके पर अगर मेहमानों को शानदार नॉनवेज का स्वाद चखाना हो, तो बगीचा मटन एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है। आमतौर पर लोग समय बचाने के लिए मटन, प्याज और मसालों को कुकर में एक साथ मिलाकर पका लेते हैं, जिससे वह पारंपरिक और गहरा स्वाद नहीं आ पाता। युवाओं की एक टोली ने इस पारंपरिक तरीके से अलग हटकर धीमी आंच पर धैर्यपूर्वक भूनने की तकनीक अपनाई है, जिससे घर की रसोई में ही फाइव स्टार होटल जैसा लक्जरी स्वाद हासिल किया जा सकता है।
सामग्री की तैयारी और बुनियादी अनुपात
इस खास व्यंजन को दस लोगों के समूह की दावत को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसके लिए सबसे पहले 4 किलो बिल्कुल ताजा मटन लिया गया। इसके साथ ही बड़ी मात्रा में बारीक कटा हुआ प्याज तैयार रखा गया। मटन के स्वाद को उभारने के लिए ताजे मसालों का चयन बेहद जरूरी माना जाता है, इसलिए बाजार के तैयार मिश्रण के बजाय खड़े मसालों की शुद्धता पर विशेष ध्यान दिया गया।
प्याज की सिकाई और मटन की पहली भूनाई
पकाने की शुरुआत के लिए एक बड़ी कढ़ाई में तेल को अच्छी तरह गर्म किया गया। इसके बाद बारीक कटे प्याज को तब तक फ्राई किया गया जब तक कि उसका रंग सुनहरा न हो जाए। जैसे ही प्याज का रंग गहरा सुनहरा हुआ, उसमें कटे हुए ताजे मटन के टुकड़े मिला दिए गए। इसके बाद मटन को प्याज के साथ लगातार लगभग 20 मिनट तक भूना गया। इस निरंतर भूनाई से प्याज की प्राकृतिक मिठास और स्वाद पूरी तरह से मटन के रेशों में समा गया।
खड़े मसालों का मिश्रण और धीमी आंच पर सिकाई
इस रेसिपी की असली जान इसका खास मसाला पाउडर है। इसके लिए 200 ग्राम खड़ा गरम मसाला लिया गया, जिसे पहले तेल में हल्का फ्राई किया गया और फिर उसका बारीक पाउडर बना लिया गया। इस ताजे पिसे मसाले को मटन में मिलाकर फिर से करीब 15 मिनट तक भूनने का सिलसिला जारी रहा। इसके बाद इसमें स्वादानुसार नमक, तीखी लाल मिर्च पाउडर, हल्दी पाउडर, धनिया पाउडर और एक आकर्षक लाल रंगत के लिए कश्मीरी लाल मिर्च पाउडर मिलाया गया। साथ ही चार पैकेट मटन मसाला भी शामिल किया गया ताकि स्वाद और गाढ़ा हो सके।
डेढ़ घंटे का धैर्य और शानदार नतीजा
सभी मसालों को मिलाने के बाद मटन को लगभग डेढ़ घंटे तक धीमी आंच पर लगातार भूना गया। इस दौरान यह ध्यान रखा गया कि मसाला बर्तन के तले में चिपके नहीं, जिसके लिए बीच-बीच में जरूरत के हिसाब से थोड़ा-थोड़ा पानी छिड़का गया। लगभग डेढ़ घंटे की लगातार मेहनत और धीमी आंच की सिकाई के बाद जब बगीचा मटन पककर तैयार हुआ, तो उसकी सुगंध और जायका लाजवाब था। किसी महंगे होटल पर भारी बिल चुकाने के बजाय घर की छोटी पार्टी में यह तरीका बेहद किफायती और स्वादिष्ट अनुभव देता है।



















