मटर का नाम सुनते ही ज्यादातर लोगों के दिमाग में पुलाव, पराठा, सब्जी या स्नैक्स का ख्याल आता है, लेकिन मशहूर शेफ भूपी ने इस आम सी सब्जी से एक ऐसा अचार बनाया है जो पूरी थाली का मिजाज बदल देता है। हरी मटर का यह अचार खट्टे, तीखे और चटपटे स्वाद का अद्भुत संगम है। सही तरीके से बनाने पर यह महीनों तक ताजा और सुरक्षित रहता है और सादे से सादे खाने को भी यादगार बना देता है। इस रेसिपी में एक सीक्रेट इंग्रेडिएंट और एक अनोखी स्मोकी तकनीक है जो इसे बाकी सभी अचारों से बिल्कुल अलग करती है।
पहले मटर को सही तरह तैयार करें
किसी भी अचार की गुणवत्ता काफी हद तक इस बात पर निर्भर करती है कि उसकी मुख्य सामग्री पहले कितने सही ढंग से तैयार की गई। इसके लिए एक बर्तन में पानी गरम करें। जब पानी उबलने लगे तो उसमें थोड़ा नमक और एक चम्मच चीनी मिलाएं। यहाँ चीनी सिर्फ मिठास के लिए नहीं है, बल्कि यह मटर का प्राकृतिक हरा रंग बनाए रखने का काम करती है। इस उबलते पानी में हरी मटर डालें और एक से दो मिनट तक पकाएं। इसके तुरंत बाद मटर को बर्फ वाले ठंडे पानी में निकाल लें। यह प्रक्रिया मटर का रंग और टेक्सचर दोनों सुरक्षित रखती है। अंत में मटर को एक साफ कपड़े पर फैलाकर पूरी तरह सुखाएं, क्योंकि जरा सी भी नमी अचार को बिगाड़ सकती है।
खड़े मसाले जो अचार की असली जान हैं
शेफ भूपी की इस रेसिपी में मसालों का चुनाव बेहद सोच-समझकर किया गया है। सौंफ, जीरा, काली मिर्च, मेथी दाना और सरसों के दाने इस अचार की बुनियाद हैं। इन सभी को हल्का भूनने से उनकी खुशबू और स्वाद कई गुना बढ़ जाते हैं। भुनने के बाद इन्हें ठंडा करके दरदरा पीसें। इन्हें बिल्कुल बारीक पाउडर में नहीं बदलना है, क्योंकि मोटा दरदरा पिसा मसाला अचार को एक खास टेक्सचर और मनमोहक बाइट देता है जो बारीक पाउडर से नहीं मिल पाती।
सरसों के तेल का तड़का बनाता है अचार को खास
अचार के लिए सरसों का तेल सबसे उपयुक्त माना जाता है। एक पैन में सरसों का तेल अच्छी तरह गरम करें, फिर उसमें कलौंजी, अजवाइन, हींग और कड़ी पत्ता डालें। जैसे ही इनकी महक उठने लगे, पहले से तैयार किया हुआ दरदरा मसाला भी मिला दें। यह तड़का मसालों के सारे स्वाद को तेल में अच्छी तरह घोल देता है।
इसके बाद इस मिश्रण में हल्दी पाउडर, कश्मीरी लाल मिर्च, सादा नमक और काला नमक मिलाएं। कश्मीरी लाल मिर्च अचार को एक खूबसूरत और आकर्षक गहरा रंग देती है, जबकि काला नमक स्वाद में एक अलग ही गहराई जोड़ता है। इसके बाद बारीक कटी हुई हरी मिर्च डालकर सब कुछ अच्छे से मिलाएं। यही मसाले मिलकर अचार को वो खास चटपटा और तीखा जायका देते हैं।
शेफ भूपी का सबसे बड़ा सीक्रेट: सिरका
शेफ भूपी के मुताबिक, इस अचार को लंबे समय तक ताजा और सुरक्षित रखने का सबसे बड़ा राज सिरका है। मसाले के मिश्रण में दो से तीन चम्मच सिरका डालें। सिरका न सिर्फ अचार में एक हल्की खटास लाता है, बल्कि यह एक प्राकृतिक प्रिजर्वेटिव की तरह भी काम करता है और अचार को खराब होने से बचाता है। इसके बाद पूरी तरह सूखी हुई मटर को इस मसाले में डालकर अच्छे से कोट कर लें।
स्मोकी फ्लेवर की अनोखी तकनीक
इस रेसिपी की सबसे दिलचस्प और अनोखी खासियत है इसका स्मोकी फ्लेवर। एक छोटा जलता हुआ कोयला लें, उस पर एक लौंग रखें और थोड़ा सा तेल डालें। जैसे ही धुआं उठने लगे, एक साफ कांच का जार उसके ऊपर उल्टा रख दें। कुछ देर में जार के अंदर उस धुएं की खुशबू भर जाती है। जब इस स्मोकी जार में अचार भरा जाता है, तो वह खुशबू अचार में भी समा जाती है और उसे एक बिल्कुल अलग स्वाद देती है।
अचार को सही तरह स्टोर करना है जरूरी
जार भरने से पहले यह जरूर सुनिश्चित करें कि वह पूरी तरह सूखा और साफ हो। जरा सी भी नमी अचार को जल्दी खराब कर सकती है। तैयार अचार को स्मोक किए हुए जार में भरें और ढक्कन कसकर बंद कर दें। कुछ दिनों बाद मसाले और मटर आपस में अच्छी तरह मिल जाते हैं और अचार खाने के लिए बिल्कुल तैयार हो जाता है।
किन चीजों के साथ परोसें यह अचार
हरी मटर का यह अचार पराठे, पूरी, दाल-चावल, खिचड़ी और सादी रोटी, सबके साथ शानदार लगता है। इसका तीखा-चटपटा स्वाद हर कौर को और मजेदार बना देता है। खासकर सर्दियों के मौसम में यह अचार खाने का जायका कई गुना बढ़ा देता है।













