हैदराबाद के हुसैन सागर में खैरताबाद गणेश की विशाल प्रतिमा का विसर्जन संपन्न, सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच पूरी हुई विदाई यात्रावैश्विक सर्राफा बाजार में कमजोरी से बेंगलुरु, चेन्नई और हैदराबाद में सोने की कीमतों में गिरावट7200mAh बैटरी और एंड्रॉइड 17 के साथ भारत में 6 अक्टूबर को लॉन्च होगा नया वीवो V80 5G स्मार्टफोनबालों में मेहंदी लगाने का बदलें तरीका, इन चीजों को मिलाने से मिलेंगे दोगुने फायदेरेनो डस्टर स्ट्रॉन्ग-हाइब्रिड 17 अक्टूबर 2026 को होगी लॉन्च, डीजल युग को पीछे छोड़ने की तैयारीबेली फैट से पाना है छुटकारा, तो सुबह के नाश्ते में कभी न खाएं ये पांच चीजेंहोटल जैसा जायकेदार चिकन दो प्याजा अब घर पर बनाएं, जानें 1 किलो चिकन के साथ प्याज और मसालों का सही अनुपातओएस्टर मशरूम से बनाएं क्रिस्पी और जूसी पकौड़े, जानें आसान विधिअकेलेपन को बनाएं अपनी ताकत, ये 7 सेल्फ-केयर आदतें सिंगल महिलाओं के जीवन में भर देंगी नया उत्साहडॉ. मनमोहन सिंह की जयंती पर पीएम नरेंद्र मोदी ने दी श्रद्धांजलि, दशकों की देश सेवा को किया याद
निमाड़ की पारंपरिक लहसुन-प्याज चटनी, बरसात के मौसम में स्वाद बढ़ा देती है यह रेसिपीखानपान
26 सित॰ 2026, 12:01 pm (9 मिनट पहले)· 0

निमाड़ की पारंपरिक लहसुन-प्याज चटनी, बरसात के मौसम में स्वाद बढ़ा देती है यह रेसिपी

मध्य प्रदेश के निमाड़ अंचल में लहसुन, प्याज और लाल मिर्च से बनने वाली पारंपरिक सूखी चटनी बेहद पसंद की जाती है। यह रेसिपी कम समय में रसोई की सामान्य चीजों से तैयार होती है और बरसात के दिनों में खाने का स्वाद दोगुना कर देती है।

मध्य प्रदेश के निमाड़ क्षेत्र में खानपान की अपनी अनूठी और समृद्ध परंपरा है। यहाँ मौसम के मिजाज के अनुसार तरह-तरह के पारंपरिक व्यंजन और लजीज चटनियां बनाई जाती हैं। जैसे ही मानसून का आगमन होता है, बुरहानपुर और आसपास के इलाकों में लोगों के घरों की रसोई में चटपटा और जायकेदार भोजन तैयार करने का सिलसिला जोर पकड़ लेता है। इन्हीं खासियतों में से एक है लहसुन, प्याज और लाल मिर्च से बनाई जाने वाली पारंपरिक सूखी चटनी, जो खाने की थाली का स्वाद पूरी तरह बदल देती है।

कम सामग्री और आसान विधि से बनती है यह रेसिपी

इस पारंपरिक चटनी के बारे में जानकारी देते हुए फूलाबाई ने बताया कि यह अपने तीखे और चटपटे जायके के लिए स्थानीय लोगों के बीच बेहद लोकप्रिय है। इस लजीज व्यंजन की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसे बनाने में बहुत कम समय लगता है और इसके लिए किसी भी तरह की महंगी या दुर्लभ सामग्री की आवश्यकता नहीं होती है। घर की रसोई में हमेशा मौजूद रहने वाली सामान्य चीजों से ही इसे आसानी से तैयार किया जा सकता है। बच्चे हों या बड़े, परिवार का हर सदस्य इस चटनी को भोजन के साथ चाव से खाना पसंद करता है।

ये भी पढ़ें

चटनी तैयार करने की स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया

इस पारंपरिक चटनी को बनाने की प्रक्रिया बेहद सरल है। सबसे पहले ताजे लहसुन की कलियां और प्याज लिए जाते हैं। इसके साथ ही स्वाद के अनुसार सूखी लाल मिर्च, जरूरत के मुताबिक नमक और आवश्यकतानुसार तेल का इस्तेमाल किया जाता है। शुरुआत में लहसुन और प्याज को अच्छी तरह साफ करके तैयार किया जाता है। इसके बाद इन्हें सूखी लाल मिर्च के साथ कूट या पीस लिया जाता है। फिर इस मिश्रण में नमक और थोड़ा सा तेल मिलाकर अच्छी तरह से फेंट लिया जाता है ताकि सभी चीजें आपस में मिल जाएं।

गाढ़ापन और परोसने का पारंपरिक तरीका

इस चटनी को बनाते समय इस बात का ध्यान रखा जाता है कि इसे ज्यादा पतला न किया जाए। इसे हमेशा सूखा और गाढ़ा ही रखा जाता है, और यही इसकी सबसे बड़ी खासियत मानी जाती है। जब यह चटपटी चटनी बनकर तैयार हो जाती है, तो इसे गर्मागर्म रोटी, भाकरी, पराठे या अन्य पारंपरिक भोजन के साथ परोसा जाता है। बरसात के मौसम में गर्मागर्म खाने के साथ इसका तीखा स्वाद लोगों को बहुत भाता है और यह भोजन का मजा कई गुना बढ़ा देता है।

सफर के लिए भी है बेहद उपयुक्त

निमाड़ की इस सूखी चटनी की एक और बड़ी खूबी यह है कि इसे आसानी से एक जगह से दूसरी जगह ले जाया जा सकता है। चूँकि इसमें पानी की मात्रा न के बराबर या बहुत कम होती है, इसलिए लोग यात्रा के दौरान भी अपने साथ भोजन में इसका इस्तेमाल करते हैं। आज भी ग्रामीण इलाकों और कस्बों में कई परिवार इसी पारंपरिक तरीके से इस चटनी को तैयार करते हैं और इसका आनंद लेते हैं।

सांस्कृतिक पहचान और लोकप्रियता

बुरहानपुर की यह चटपटी चटनी केवल स्वाद का जरिया ही नहीं है, बल्कि यह निमाड़ की पारंपरिक खानपान संस्कृति की एक खूबसूरत झलक भी पेश करती है। कम सामग्री, कम समय और भरपूर स्वाद, यही वह वजह है जो बरसात के दिनों में इस चटनी को हर घर की पहली पसंद बना देती है। कोई भी व्यक्ति इस बेहद आसान विधि को अपनाकर इसे अपनी रसोई में आसानी से तैयार कर सकता है।

सवाल-जवाब

निमाड़ की यह प्रसिद्ध चटनी किस क्षेत्र से संबंधित है?
यह पारंपरिक चटनी मध्य प्रदेश के निमाड़ अंचल के बुरहानपुर क्षेत्र से संबंधित है।
इस चटनी को बनाने के लिए मुख्य सामग्रियां क्या हैं?
इसे बनाने के लिए मुख्य रूप से लहसुन, प्याज, सूखी लाल मिर्च, नमक और तेल का उपयोग किया जाता है।
चटनी को सूखा और गाढ़ा क्यों रखा जाता है?
चटनी को सूखा और गाढ़ा रखने से इसका स्वाद बेहतर होता है और इसे यात्रा के दौरान आसानी से साथ ले जाया जा सकता है।
इस चटनी को किसके साथ खाया जाता है?
इस चटनी को गर्मागर्म रोटी, भाकरी, पराठे या अन्य पारंपरिक भोजन के साथ परोसा जाता है।
इस रेसिपी को किसने सुझाया है?
इस पारंपरिक रेसिपी की जानकारी एक्सपर्ट महिला फूलाबाई ने दी है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp