बिहार की रसोई में एक ऐसी रेसिपी सदियों से पकती आ रही है जो पहले ही कौर में मन मोह लेती है। सरसों की तीखी महक, लहसुन का गहरा जायका और पंचफोरन का खास तड़का मिलकर एक ऐसी मछली करी तैयार करते हैं जिसे गरमा-गरम भात के साथ खाने का अनुभव एकदम अलग होता है। यह डिश सिर्फ खाना नहीं, बल्कि पूर्वी भारत की समृद्ध खान-पान परंपरा की एक जीती-जागती मिसाल है।
फास्ट-फूड के दौर में भी कायम है इस पुरानी रेसिपी का जादू
आज जब इंस्टेंट और पैकेज्ड खाने का बोलबाला है, तब भी बिहारी स्टाइल सरसों-लहसुन वाली फिश करी की चाहत जरा भी कम नहीं हुई है। देश के हर कोने में बसे खाने के शौकीन इसे खास मौकों पर खुद बनाते हैं। इसका राज है इसका मसाला जिसे धीमी आंच पर सब्र से पकाया जाता है। सरसों और लहसुन की यह जुगलबंदी बचपन की यादों और घर के आंगन की खुशबू को ताजा कर देती है। इस रेसिपी की सबसे बड़ी खासियत इसका पारंपरिक तरीका और तीखा-चटपटा स्वाद है।
जरूरी सामग्री
- मछली के टुकड़े (जरूरत के अनुसार)
- लहसुन की कलियां: 15 से 20 (बिहारी फिश करी में लहसुन थोड़ा ज्यादा डाला जाता है)
- पीली सरसों और काली सरसों (पेस्ट के लिए)
- जीरा और साबुत धनिया (पेस्ट के लिए)
- साबुत काली मिर्च: आधा छोटा चम्मच
- पंचफोरन: आधा छोटा चम्मच (तड़के के लिए)
- लाल मिर्च पाउडर: आधा छोटा चम्मच
- हल्दी और नमक: स्वादानुसार
- सरसों का तेल: 3 बड़े चम्मच
- हरी मिर्च, टमाटर और ताजा हरा धनिया: स्वादानुसार
बिहारी फिश करी बनाने की पूरी विधि
पहला कदम: मछली की मैरिनेशन और पेस्ट तैयार करना
सबसे पहले मछली को साफ पानी से अच्छी तरह धोएं। फिर उसमें हल्दी और नमक मलकर 15 मिनट के लिए अलग रख दें ताकि मसाला अंदर तक उतर जाए। इसी बीच मिक्सर में पीली सरसों, काली सरसों, 15 से 20 लहसुन की कलियां, जीरा, आधा छोटा चम्मच साबुत काली मिर्च, साबुत धनिया और हरी मिर्च डालें। थोड़ा पानी मिलाकर सब कुछ बिल्कुल चिकना पेस्ट बन जाए तब तक पीसते रहें।
दूसरा कदम: मछली को सुनहरा तलना
कढ़ाई में 3 बड़े चम्मच सरसों का तेल डालें और तब तक गर्म करें जब तक उसमें से धुआं न उठने लगे। गर्म तेल में मैरिनेट की हुई मछली के टुकड़े सावधानी से डालें और दोनों तरफ से हल्का सुनहरा यानी लाइट गोल्डन होने तक तलें। तली हुई मछली को निकालकर एक प्लेट में रख लें।
तीसरा कदम: सरसों-लहसुन का मसाला धीमे-धीमे पकाना
उसी कढ़ाई में बचे हुए तेल में आधा छोटा चम्मच पंचफोरन डालें। जैसे ही दाने चटकने लगें, तुरंत सरसों-लहसुन का तैयार पेस्ट डाल दें। आंच को धीमा कर दें और मसाले को 10 से 15 मिनट तक पकाएं। ध्यान रखें कि सरसों का मसाला जितना धीमे और आराम से पकेगा, स्वाद उतना ही गहरा और निखरा हुआ आएगा।
चौथा कदम: ग्रेवी तैयार करना
जैसे ही मसाला तेल छोड़ने लगे, उसमें हल्दी, आधा छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर, कटे हुए टमाटर, थोड़ा हरा धनिया और नमक मिलाएं। टमाटर के पूरी तरह गल जाने तक पकाएं और फिर जरूरत के हिसाब से पानी मिलाकर ग्रेवी तैयार होने दें।
पांचवां कदम: आखिरी जायका और परोसने का वक्त
ग्रेवी में उबाल आते ही उसमें पहले से तली हुई मछली के टुकड़े डाल दें। धीमी आंच पर 5 से 7 मिनट और पकने दें ताकि हर टुकड़े में ग्रेवी का पूरा स्वाद समा जाए। ऊपर से ताजी कटी हरी धनिया पत्ती से सजाएं। बस हो गई तैयार आपकी गरमा-गरम बिहारी स्टाइल सरसों-लहसुन वाली फिश करी। इसे गरम भात के साथ परोसें और परिवार के साथ इस पारंपरिक जायके का पूरा मजा लें।













