पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा पर नॉन-वेज को लेकर क्‍यों छिड़ती है बहस, जानिए इसके पीछे की पूरी वजहघर पर दूध की शुद्धता परखने के आसान उपाय, इन 5 तरीकों से करें मिलावट की पहचानचीन की मुद्रा में उतार-चढ़ाव, पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना के कदम से सुस्त पड़ी गिरावट की रफ्तारयूएस ओपन में अरीना सबालेका ने किया करिश्मा, लिंडा नोस्कोवा को हराकर सेमीफाइनल में बनाई जगहमिर्जापुर में आदिवासियों के पारंपरिक नुस्खे से बन रहा खास गुड़, स्वाद और रूप में चॉकलेट जैसामेटा ने पेश किया म्यूज, मजबूत प्राइवेसी और सुरक्षा फीचर्स से लैस नया पर्सनल एआई एजेंटचाणक्य नीति: किन पांच स्थितियों में झुकना सही है और कहां चुपचाप दूरी बना लेना चाहिएमोहनलाल की फिल्म 'ऑपरेशन गंगा' में स्क्वाड्रन लीडर वर्लिन पंवार की एंट्री, सैन्य अनुभव से बनेगी बात9/11 हमले की फाइलें खुलीं, उमर अल-बयूमी और सऊदी कनेक्शन पर बरसों तक एफबीआई की लापरवाही से उठा पर्दादिल्ली के इस इलाके में मिलती है सबसे खास कुल्हड़ चाय, सुबह पांच बजे से ही लग जाती है छात्रों की लंबी कतार
झटपट बनाएं राजस्थानी ग्वारपाठे की सब्जी, जोड़ों के दर्द और पाचन के लिए है बेहद फायदेमंदखानपान
9 सित॰ 2026, 12:44 am (1 घंटे पहले)· 2

झटपट बनाएं राजस्थानी ग्वारपाठे की सब्जी, जोड़ों के दर्द और पाचन के लिए है बेहद फायदेमंद

औषधीय गुणों से भरपूर ग्वारपाठे यानी एलोवेरा की पारंपरिक राजस्थानी सब्जी सेहत के लिए बेहद फायदेमंद है। कड़वाहट दूर करने के सही तरीके से इसे आसानी से घर पर तैयार किया जा सकता है।

स्वास्थ्य लाभ और औषधीय गुणों की बात करें तो ग्वारपाठा यानी एलोवेरा हमारे शरीर के लिए एक वरदान माना जाता है। जोड़ों के दर्द और वात रोग से परेशान लोगों के लिए इसमें मौजूद एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण काफी राहत देते हैं, जिससे गठिया और शरीर के खिंचाव में आराम मिलता है। इसके अलावा पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने में भी यह बेहद असरदार साबित होता है। पेट की आंतों की सफाई करने के साथ-साथ कब्ज, गैस और एसिडिटी जैसी समस्याओं से जूझ रहे लोगों के लिए इसकी सब्जी खाना बहुत लाभकारी होता है। साथ ही देशी एलोवेरा का नियमित सेवन करने से रक्त शर्करा का स्तर नियंत्रित रहता है और शरीर में जमा खराब कोलेस्ट्रॉल को घटाने में भी मदद मिलती है।

आवश्यक सामग्री

इस पारंपरिक राजस्थानी सब्जी को बनाने के लिए कुछ खास चीजों की जरूरत होती है। सबसे पहले ताजे देशी ग्वारपाठे की 2 से 3 पत्तियां ले लें। इसके साथ 1 कप छाछ या मट्ठा या फिर दही की आवश्यकता होगी। मसालों में हल्दी पाउडर, लाल मिर्च पाउडर और धनिया पाउडर स्वादानुसार ले लें। तड़के के लिए जीरा, राई और हींग चाहिए। इसके अलावा स्वाद और खटास बढ़ाने के लिए 1 छोटा चम्मच सौंफ और अमचूर पाउडर या काचरी पाउडर की जरूरत पड़ेगी। खाना पकाने के लिए तेल और नमक स्वादानुसार लें। यदि आप चाहें तो अपनी इच्छा के अनुसार उबली हुई दाना मेथी का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

ये भी पढ़ें

तैयारी और कड़वाहट दूर करने की प्रक्रिया

सब्जी बनाने की शुरुआत सबसे पहले ग्वारपाठे की पत्तियों की कटाई और सफाई से करनी होती है। पत्तियों के दोनों तरफ के कांटेदार किनारों को चाकू की मदद से काटकर अलग कर लें। अब इसके हरे छिलके को पूरी तरह हटाकर अंदर मौजूद सफेद गूदे यानी पल्प को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें। सबसे महत्वपूर्ण चरण इसकी कड़वाहट को दूर करना है। इसके लिए कटे हुए ग्वारपाठे के टुकड़ों को पानी में थोड़ा सा नमक और हल्दी मिलाकर 5 से 7 मिनट के लिए उबाल लें। उबालने के बाद इन टुकड़ों को ठंडे पानी से अच्छी तरह धो लें, ताकि इसका सारा कड़वापन और चिपचिपाहट पूरी तरह से बाहर निकल जाए।

पकाने की विधि और तड़का

अब एक कढ़ाई में तेल गर्म करें और उसमें हींग, जीरा, राई और सौंफ का तड़का लगाएं। इसके बाद हल्दी, लाल मिर्च, धनिया पाउडर और थोड़ा सा पानी मिलाकर मसाले को अच्छी तरह से भून लें। जब मसाला भुन जाए, तब इसमें उबला हुआ ग्वारपाठा और यदि आपने दाना मेथी चुनी है तो उसे भी डाल दें। अब ऊपर से थोड़ा दही या छाछ डालें और लगातार चम्मच चलाते रहें ताकि दही फटे नहीं। जब सब्जी किनारों से तेल छोड़ने लगे, तब इसमें अमचूर पाउडर और नमक मिला दें। इसे धीमी आंच पर केवल 2 मिनट के लिए और पकाएं और फिर गैस बंद कर दें। इस तरह आपकी बेहद स्वादिष्ट और पौष्टिक राजस्थानी सब्जी बनकर तैयार हो जाती है।

निष्कर्ष

सही तरीके से उबालकर बनाई गई ग्वारपाठे की यह पारंपरिक राजस्थानी रेसिपी न केवल खाने में स्वादिष्ट होती है, बल्कि पूरी तरह कड़वाहट मुक्त और औषधीय गुणों से भरपूर होती है। इसे अपनी रसोई में जरूर शामिल करें और सेहतमंद जीवन का आनंद लें।

सवाल-जवाब

ग्वारपाठे की सब्जी खाने के मुख्य स्वास्थ्य लाभ क्या हैं?
यह जोड़ों के दर्द से राहत देती है, पाचन सुधारती है, कब्ज दूर करती है और ब्लड शुगर तथा कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखती है।
इस सब्जी को बनाने के लिए मुख्य सामग्री क्या चाहिए?
इसके लिए ताजे देशी ग्वारपाठे की 2 से 3 पत्तियां, छाछ या दही, बुनियादी मसाले और तड़के के लिए जीरा, राई व हींग चाहिए।
ग्वारपाठे का कड़वापन कैसे दूर किया जाता है?
कटे हुए गूदे को पानी में थोड़ा नमक और हल्दी मिलाकर 5 से 7 मिनट उबालने और फिर ठंडे पानी से धोने से कड़वाहट निकल जाती है।
सब्जी में दही या छाछ मिलाने का क्या कारण है?
दही या छाछ मिलाने से सब्जी का स्वाद बेहतर होता है और यह पारंपरिक राजस्थानी ग्रेवी का टेक्सचर देती है।
क्या इसमें कोई अन्य सामग्री भी मिलाई जा सकती है?
हाँ, आप अपनी इच्छा के अनुसार उबली हुई दाना मेथी भी इस सब्जी में शामिल कर सकते हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR