भारतीय तीज त्यौहारों की मिठास मालपुए के बिना अधूरी मानी जाती है। होली, तीज और रक्षाबंधन जैसे बड़े अवसरों पर घरों में यह पारंपरिक मिठाई विशेष रूप से बनाई जाती है। बाहर की तरफ से हल्की कुरकुरी और भीतर से बेहद नरम होने के कारण यह डिश हर उम्र के लोगों को समान रूप से लुभाती है। जब इस गरम मालपुए को ठंडी और गाढ़ी रबड़ी के साथ प्लेट में परोसा जाता है, तब इसका जायका कई गुना अधिक बढ़ जाता है। इस पारंपरिक व्यंजन को बिना किसी झंझट के घर की रसोई में तैयार करने के लिए आप इस पूरी प्रक्रिया को अपना सकते हैं।
मालपुआ का घोल तैयार करने की विधि
एक चौड़े और बड़े बर्तन में आवश्यकतानुसार मैदा, सूजी, खोया, सौंफ, इलायची पाउडर और अच्छी तरह मैश किया हुआ केला एक साथ निकाल लें। अब इस मिश्रण में थोड़ा दूध मिलाएं और फिर आवश्यकता अनुसार धीरे-धीरे पानी डालते हुए चलाएं। ध्यान रखें कि घोल बिल्कुल गाढ़ा लेकिन आसानी से बहने योग्य स्थिति में होना चाहिए। बैटर में एक भी गांठ नहीं रहनी चाहिए ताकि मालपुए एक समान बनें। घोल तैयार होने के बाद इसे किसी बर्तन से ढककर लगभग 20 से 30 मिनट के लिए रख दें, जिससे सूजी अच्छी तरह से फूलकर सैट हो जाए।
स्वादिष्ट एक तार की चाशनी बनाना
एक अलग पैन में चीनी और पानी मिलाकर मध्यम आंच पर गरम होने के लिए रख दें। आंच पर रखते हुए इसे लगातार चलाते रहें ताकि चीनी पूरी तरह से पानी में घुल जाए। जब चीनी घुल जाए, तो इसमें पीसी हुई इलायची और केसर के धागे मिला दें। इसके बाद मिश्रण को तब तक पकाएं जब तक कि एक तार की हल्की चाशनी बनकर तैयार न हो जाए। चाशनी के सही तार पर पहुंचते ही तुरंत गैस बंद कर दें।
मालपुआ तलने और चाशनी में डुबोने का सही तरीका
एक कढ़ाई में आवश्यकतानुसार शुद्ध घी या तेल डालकर गरम करें और आंच को हमेशा मध्यम पर ही रखें। अब एक कलछी में थोड़ा घोल भरें और उसे कढ़ाई के बीचोंबीच गोल आकार में डालें। बैटर कढ़ाई में जाते ही अपने आप गोल रूप में फैल जाएगा। मालपुए को दोनों तरफ से पलटते हुए तब तक तलें जब तक कि उसका रंग सुनहरा भूरा न हो जाए। तलने के तुरंत बाद गरम मालपुओं को निकालकर सीधे पहले से तैयार हल्की गर्म चाशनी में 1 से 2 मिनट के लिए डुबो दें। इतने समय में मालपुआ चाशनी को अंदर तक अच्छी तरह सोख लेता है और बेहद रसीला बन जाता है।
गार्निशिंग और कुछ काम की टिप्स
चाशनी से निकालकर मालपुए को सर्विंग प्लेट में सजाएं। इसके ऊपर से बारीक कटे हुए बादाम, पिस्ता की कतरन और थोड़ी सी रबड़ी डालकर मेहमानों को परोसें। रेसिपी को और बेहतर बनाने के लिए ध्यान रखें कि केले को मैश करके घोल में शामिल करने से मालपुए बेहद नरम बनते हैं। यदि आप मालपुए को और अधिक रिच और शाही स्वाद देना चाहते हैं, तो बैटर बनाते समय उसमें थोड़ा मावा या कंडेंस्ड मिल्क भी मिला सकते हैं। तलते समय इस बात का विशेष ध्यान रखें कि कढ़ाई की आंच बहुत ज्यादा तेज न हो, वरना मालपुए ऊपर से जल जाएंगे और अंदर से कच्चे रह जाएंगे।



















