भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश का नया रिकॉर्ड, 12 वर्षों में 843 अरब डॉलर पहुंचा कुल एफडीआईकार्यकाल पूरा होने से पहले ही एलआईसी प्रबंध निदेशक दिनेश पंत ने दिया इस्तीफा, सरकार ने मंजूर की वीआरएस अर्जीवैश्विक बॉन्ड बिकवाली और कच्चे तेल में उछाल से अमेरिकी डॉलर मजबूत, मुद्रा और कमोडिटी बाजारों पर गहराया दबावकड़कनाथ मुर्गी पालन से कम लागत में तगड़ी कमाई, जानिए शेड से लेकर बिक्री का पूरा गणितकर्नाटक में सूखे की मार झेल रहे किसानों को फौरी राहत, हर खाते में 2,500 रुपये की इनपुट सब्सिडी देगी सरकारछह महीने में 214 फीसदी रिटर्न के बाद रेमंड में मुनाफावसूली, डिफेंस इंडेक्स की बढ़त के बीच गिरा शेयरसिलिकॉन चिप्स के मुकाबले लैब में तैयार इंसानी न्यूरॉन्स से बदल रही कंप्यूटिंग की दुनियामध्य प्रदेश में सरकारी बस सेवा की 21 साल बाद वापसी, 351 लग्जरी और इलेक्ट्रिक बसों का बेड़ा सड़कों पर उतराजापानी ऑटो दिग्गज सुजुकी घटाएगी वाहन विकास का समय, चीनी प्रतिद्वंद्वियों को टक्कर देने की बड़ी रणनीतिगुलवीर सिंह ने 10000 मीटर दौड़ में भारत को दिलाया रजत पदक
अहमदाबाद में बैंक धोखाधड़ी मामले पर ईडी का कड़ा शिकंजा, स्टील कनेक्ट इंडिया की 4.53 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्कगुजरात
25 सित॰ 2026, 6:20 pm (1 घंटे पहले)· 0

अहमदाबाद में बैंक धोखाधड़ी मामले पर ईडी का कड़ा शिकंजा, स्टील कनेक्ट इंडिया की 4.53 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क

प्रवर्तन निदेशालय की अहमदाबाद इकाई ने स्टील कनेक्ट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े 79.56 करोड़ रुपये के बैंक ऋण घोटाले में 4.53 करोड़ रुपये की संपत्तियों को कुर्क किया है।

बैंकों से लिए गए कर्ज में हेराफेरी करने वालों के खिलाफ केंद्रीय जांच एजेंसियों ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। इसी कड़ी में प्रवर्तन निदेशालय की अहमदाबाद जोनल शाखा ने स्टील कनेक्ट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ चल रही जांच में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। एजेंसी ने कंपनी और उससे जुड़े व्यक्तियों की लगभग 4.53 करोड़ रुपये मूल्य की अचल तथा चल परिसंपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त कर लिया है। यह कानूनी कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट यानी PMLA 2002 के कानूनी प्रावधानों के तहत अमल में लाई गई है। जांच अधिकारियों के अनुसार इस पूरे प्रकरण में लगभग 79.56 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितता और गबन को अंजाम दिया गया था।

सीबीआई की प्राथमिकी से शुरू हुई थी व्यापक जांच

इस पूरे आर्थिक अपराध की आधिकारिक जांच की नींव केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी सीबीआई द्वारा दर्ज की गई पहली सूचना रिपोर्ट के साथ पड़ी थी। केंद्रीय जांच ब्यूरो ने भारतीय दंड संहिता और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न कठोर धाराओं के तहत मामला पंजीकृत किया था। आपराधिक षड्यंत्र और धोखाधड़ी के बुनियादी पहलुओं की जांच के उपरांत मनी लॉन्ड्रिंग की गतिविधियों का पता लगाने के लिए मामले को प्रवर्तन निदेशालय ने अपने हाथ में लिया। वित्तीय लेनदेन के दस्तावेजी साक्ष्यों की छानबीन के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि कंपनी के तत्कालीन निदेशकों ने अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर वित्तीय संस्थानों के साथ गंभीर विश्वासघात किया था।

ये भी पढ़ें

कर्ज के पैसों को ठिकाने लगाने के लिए बनाई गई रणनीति

जांच एजेंसी द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों से उजागर हुआ कि आरोपियों ने बैंकिंग तंत्र से स्वीकृत कराए गए व्यावसायिक ऋण के नियमों और अनुबंधों का खुला उल्लंघन किया। कंपनी ने कारोबार विस्तार और निर्धारित व्यावसायिक गतिविधियों के नाम पर बैंकों से भारी भरकम पूंजी हासिल की थी। हालांकि, स्वीकृत राशि का उपयोग घोषित उद्देश्यों में करने के बजाय धन को सुनियोजित तरीके से दूसरी दिशा में मोड़ दिया गया। भारी मात्रा में नकदी की सीधी निकासी की गई ताकि पैसों के मूल स्रोत और अंतिम गंतव्य की कड़ी को छुपाया जा सके।

फर्जी लेनदेन और सहयोगी फर्मों के जरिए डायवर्जन

वित्तीय विश्लेषण में यह भी पाया गया कि बिना किसी वास्तविक व्यावसायिक लेन-देन के रकम को कई सहयोगी और सिस्टर कंपनियों के बैंक खातों में स्थानांतरित किया गया। इस पूरी प्रक्रिया में कंसोर्टियम व्यवस्था से बाहर के बैंक खातों का दुरुपयोग किया गया ताकि ऋणदाता बैंकों को इसकी भनक न लग सके। डायवर्ट की गई धनराशि का एक बड़ा हिस्सा कंपनी के तत्कालीन निदेशकों के व्यक्तिगत बैंक खातों तथा सहायक फर्मों में भी जमा कराया गया। जब वित्तीय लेन-देन की यह श्रृंखला पूरी तरह स्पष्ट हो गई, तब निदेशालय ने अनंतिम कुर्की आदेश जारी करते हुए 4.53 करोड़ रुपये की संपत्तियों को अपने नियंत्रण में ले लिया।

सवाल-जवाब

प्रवर्तन निदेशालय ने किस कंपनी के खिलाफ यह कुर्की की कार्रवाई की है?
प्रवर्तन निदेशालय की अहमदाबाद यूनिट ने स्टील कनेक्ट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और उससे जुड़े लोगों की संपत्तियों पर यह कार्रवाई की है।
इस मामले में कितने रुपये की संपत्ति कुर्क की गई है?
जांच एजेंसी ने कंपनी से संबंधित लगभग 4.53 करोड़ रुपये की चल और अचल परिसंपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया है।
कंपनी पर कुल कितने रुपये के घोटाले का आरोप है?
जांच के अनुसार कंपनी से जुड़े लोगों पर करीब 79.56 करोड़ रुपये के बैंक ऋण घोटाले और गबन का आरोप है।
यह कार्रवाई किस कानून के तहत की गई है?
यह पूरी कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) 2002 के कानूनी प्रावधानों के तहत की गई है।
इस घोटाले की शुरुआत में किस एजेंसी ने केस दर्ज किया था?
घोटाले की प्राथमिक जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी सीबीआई द्वारा दर्ज की गई एफआईआर के आधार पर शुरू हुई थी।
कंपनी के निदेशकों पर फंड को किस तरह डायवर्ट करने का आरोप है?
निदेशकों पर बड़े पैमाने पर कैश निकालने, नॉन-कंसोर्टियम बैंक खातों का उपयोग करने और बिना बिजनेस के सिस्टर फर्मों व निजी खातों में पैसे भेजने का आरोप है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Ayesha Siddiqui@ayesha-siddiqui·16 मिनट पहले

अस्सी करोड़ के घोटाले में साढ़े चार करोड़ की संपत्ति कुर्क करने से क्या ही होगा। जब तक मुख्य आरोपियों को जेल में डालकर सारा पैसा वसूल नहीं होता, तब तक ऐसी कार्रवाइयों से सिर्फ खानापूर्ति ही लगती है।

Ravikash Gupta@ravikash·36 मिनट पहले

अहमदाबाद में बैंक फ्रॉड का ये मामला पुराना दर्द ताजा कर गया। जब मैं कुछ साल पहले एक ऐसी ही कॉर्पोरेट जांच को कवर कर रहा था, तब भी यही दिखा था कि कैसे कागजों पर बिजनेस चलाकर लोन का पैसा पर्सनल अकाउंट्स में निकाल लिया जाता है।

Arjun Mehta@arjun-mehta·36 मिनट पहले

रविकाश जी, बिल्कुल सही कहा आपने। मैंने संसद की वित्तीय समितियों की बैठकों में भी बार-बार देखा है कि कैसे शेल कंपनियों के जरिए बैंकों का पैसा निकाला जाता है।

Rohan Verma@rohan-verma·58 मिनट पहले

अस्सी करोड़ के घोटाले में साढ़े चार करोड़ की संपत्ति कुर्क करने से क्या होगा? असली खेल करने वाले तो सारा पैसा ठिकाने लगाकर आराम से घूम रहे होंगे।

Karan Malhotra@karan-malhotra·57 मिनट पहले

रोहन भाई, आपकी बात सही है। जब मैं उस दिन ईडी दफ्तर के बाहर खड़ा था, तो सोच रहा था कि इतने बड़े घोटाले में सिर्फ इतनी सी जब्ती से क्या होगा?

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp