हरियाणा के फरीदाबाद शहर में अनियंत्रित रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने का एक दर्दनाक मामला सामने आया है, जहाँ करीब 20 दिन बीत जाने के बाद भी जांच किसी नतीजे पर नहीं पहुँच सकी है। फेसबुक का संचालन करने वाली प्रसिद्ध तकनीकी कंपनी मेटा के प्रोडक्ट मैनेजर अमित झावर के पिता लक्ष्मी नारायण झावर की सड़क हादसे में जान चली गई। मंदिर में दर्शन करने के बाद पैदल अपने निवास की तरफ लौटते समय एक तेज रफ्तार कार ने उन्हें पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। इस भयावह घटना के लगभग तीन हफ्ते गुजर जाने, शहर में हजारों सर्विलांस कैमरे लगे होने और परिजनों द्वारा वीडियो साक्ष्य सौंपे जाने के बावजूद पुलिस के हाथ अब तक पूरी तरह खाली हैं।
मंदिर से घर वापसी के दौरान पेश आया खौफनाक हादसा
यह दुखद सड़क दुर्घटना 27 अगस्त की रात करीब 8 बजकर 35 मिनट के आसपास हुई थी। पुलिस में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, लक्ष्मी नारायण झावर पास के मंदिर में पूजा-अर्चना करने गए थे और वहां से पैदल अपने घर की ओर वापस आ रहे थे। जब वह अपने आवास से महज 100 मीटर की दूरी पर थे, तभी अनखीर गोल चक्कर की दिशा से आ रही एक अत्यंत तेज रफ्तार कार ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भयानक थी कि वह सड़क पर गिर पड़े और वह अनियंत्रित कार उनके ऊपर से गुजरती हुई निकल गई। घटना को अंजाम देने के तुरंत बाद कार चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया। हादसे के बाद मृतक की बेटी ज्योति की शिकायत पर सूरजकुंड थाने में विधिवत कानूनी मामला दर्ज कराया गया।
कैमरे के फुटेज और परिवार द्वारा पुलिस को सौंपे गए साक्ष्य
इस पूरी वारदात से जुड़े सीसीटीवी और डैशबोर्ड कैमरे के विजुअल भी सामने आए हैं। इन वीडियो फुटेज में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि तेज रफ्तार कार किस तरह सीधे लक्ष्मी नारायण झावर को टक्कर मारती है और उन्हें रौंदते हुए आगे बढ़ जाती है। पीड़ित परिवार का कहना है कि यह महत्वपूर्ण सीसीटीवी फुटेज उन्होंने खुद जुटाकर जांच अधिकारियों को उपलब्ध कराया था। इसके बावजूद जांच एजेंसी अब तक वाहन और उसके चालक का सुराग नहीं लगा पाई है, जिसे लेकर परिवार बेहद व्यथित है। फरीदाबाद शहर में पिछले कुछ दिनों के दौरान हिट-एंड-रन की घटनाओं में लगातार इजाफा दर्ज किया गया है।
जांच की धीमी रफ्तार और पुलिसिया कार्रवाई पर उठे सवाल
मृतक के बेटे अमित झावर ने फरीदाबाद पुलिस की कार्यशैली और तफ्तीश की धीमी गति पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। अमित का सीधा आरोप है कि इतने दिन गुजरने के बाद भी पुलिस किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुँची है और न ही किसी संदिग्ध की गिरफ्तारी हो सकी है। अमित के अनुसार उनके पिता को टक्कर मारने वाली गाड़ी की गति इतनी ज्यादा थी कि उन्हें संभलने या खुद का बचाव करने का रत्ती भर भी अवसर नहीं मिल पाया। उन्होंने इस पूरे प्रकरण की बेहद गहराई से छानबीन करने और इस जानलेवा लापरवाही के लिए जो भी व्यक्ति जिम्मेदार हो, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की है।
25 हजार स्मार्ट कैमरे और गहन पड़ताल की मांग
अमित झावर ने जांच अधिकारियों से यह भी पता लगाने की गुहार लगाई है कि हादसे के समय उस कार में चालक के अलावा और कौन-कौन से लोग सवार थे। उन्होंने ध्यान दिलाया कि फरीदाबाद में करीब 25 हजार स्मार्ट कैमरे सक्रिय हैं, जिनकी डिजिटल रिकॉर्डिंग और तकनीकी मदद से कार के भीतर मौजूद लोगों की सटीक पहचान आसानी से की जा सकती है। इसके साथ ही उन्होंने कार चालक की पहचान सुनिश्चित करने, हादसे के वक्त चालक के फोन पर बात करने या नशे की हालत में होने जैसे सभी पहलुओं की वैज्ञानिक पड़ताल करने की मांग रखी है। अमित ने यह कानूनी सवाल भी उठाया है कि वर्तमान प्राथमिकी में लगाई गई धाराएं घटना की गंभीरता और सभी तथ्यों के हिसाब से पर्याप्त हैं या फिर विस्तृत जांच के आधार पर मामले में अन्य कड़े कानूनी प्रावधान भी जोड़े जाने चाहिए।


















