हरियाणा के मौसम में एक बार फिर बदलाव की हलचल शुरू हो गई है। राज्य के अधिकांश हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी हो चुकी है, जिसके चलते वातावरण में शुष्क हवाओं का असर देखा जा रहा है। दिन के समय तेज खिली धूप की वजह से हल्की गर्मी महसूस की जा रही है, जबकि शाम ढलते ही पारे में गिरावट दर्ज हो रही है और रातों में हल्की ठंडक घुलने लगी है।
तापमान में उतार-चढ़ाव और 26 से 28 सितंबर का पूर्वानुमान
बुधवार और गुरुवार के दौरान राज्य के कई इलाकों में दिन का अधिकतम तापमान सामान्य स्तर से ऊपर दर्ज किया गया था। दिन की तपिश के विपरीत देर रात और तड़के का तापमान नीचे आ रहा है। एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 26 सितंबर की रात से मौसम करवट ले सकता है। इसके असर से 26 से 28 सितंबर के दौरान राज्य के कई हिस्सों में बादल छाए रहने तथा हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना जताई गई है। खासकर 27 और 28 सितंबर के आसपास उत्तरी हरियाणा के क्षेत्रों में वर्षा की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
पारे में दो से तीन डिग्री की गिरावट की उम्मीद
आगामी मौसमी गतिविधियों के दौरान तापमान में करीब दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक की कमी दर्ज की जा सकती है। वर्षा और बादलों के इस दौर के बाद रात के तापमान में और अधिक गिरावट आने की संभावना है, जिससे गुलाबी ठंड का असर और साफ तौर पर महसूस होने लगेगा। फिलहाल दिन की गर्माहट और रात की शीतलता का यह मिला-जुला मौसम बना हुआ है।
किसानों के लिए जरूरी कृषि सलाह
मौसम विशेषज्ञ डॉ. मदन लाल खीचड़ ने बदलते मौसम को देखते हुए किसानों के लिए विशेष सुझाव जारी किए हैं। उन्होंने बताया कि राज्य में पिछले कुछ दिनों से मौसम पूरी तरह सूखा बना हुआ था और अब मानसूनी हवाएं लौट रही हैं। खेतों में पर्याप्त नमी मौजूद होने पर ही किसान सरसों की बिजाई का काम शुरू करें। इसके अलावा नरमा कपास की चौगाई का काम सूरज निकलने और ओस सूखने के बाद ही करना उचित रहेगा। साथ ही सब्जियों की फसलों में आवश्यकता अनुसार हल्की सिंचाई करने की हिदायत दी गई है।
























