स्थानीय स्तर पर युवाओं को अपराध से दूर रखने और सामाजिक मार्गदर्शन देने वाली रणनीतियों ने अमेरिकी शहर रिचमंड में बंदूक आधारित अपराधों को अभूतपूर्व स्तर पर घटा दिया है। जर्नल ऑफ द अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन नेटवर्क ओपन में छपे एक दीर्घकालिक अकादमिक विश्लेषण के अनुसार, कैलिफोर्निया के रिचमंड नगर में ऑफिस ऑफ नेबरहुड सेफ्टी द्वारा चलाए गए अभियानों के बाद पिछले 14 वर्षों के भीतर घातक गोलीबारी और गंभीर आग्नेयास्त्र चोटों के मामलों में 61 प्रतिशत की तेज गिरावट दर्ज की गई। यह मूल्यांकन यूसी बर्कले के सेंटर फॉर ग्लोबल हेल्दी सिटीज से जुड़े शोधकर्ताओं द्वारा तैयार किया गया है, जो किसी भी कम्युनिटी आधारित हिंसा निवारण प्रयास के एक दशक से अधिक समय के असर को रेखांकित करने वाले विरले वैज्ञानिक अध्ययनों में शामिल है।
तुलनात्मक विश्लेषण और वैज्ञानिक आंकड़े
इस शोध कार्य की प्रमुख अध्ययनकर्ता और यूसी बर्कले के स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ में एपिडेमियोलॉजी की डॉक्टरेट छात्रा ऐलिस ब्रूनो के साथ जेसन कोरबर्न, एपिडेमियोलॉजी विभाग की प्रमुख महासिन मुजाहिद, सीन डार्लिंग-हेमंड तथा जुआन कैबरेरा ने विस्तृत डेटा का परीक्षण किया। विश्लेषकों ने अमेरिका भर के दर्जनों समतुल्य शहरों के आंकड़ों का सहारा लिया ताकि यह अनुमान लगाया जा सके कि बिना ऑफिस ऑफ नेबरहुड सेफ्टी और उसकी पीसमेकर फेलोशिप के रिचमंड में गोलीबारी की स्थिति किस स्तर पर होती। इस तुलना से स्पष्ट हुआ कि जैसे-जैसे इस कार्यक्रम की समयसीमा बढ़ती गई, हिंसा में कमी का यह रुझान और अधिक मजबूत होता चला गया।
ऑफिस ऑफ नेबरहुड सेफ्टी के निदेशक सैम वॉन ने इन तथ्यों की पुष्टि करते हुए कहा कि सड़कों पर जो जमीनी बदलाव दिखा है, वही बात यह सांख्यिकी साबित करती है। पूरे देश में भी कत्ल के मामलों में गिरावट का माहौल बना है और एफबीआई के हालिया आंकड़े बताते हैं कि राष्ट्रीय स्तर पर हत्याओं की दर में रिकॉर्ड 18.1 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। इसके बावजूद रिचमंड का प्रदर्शन बीते दस साल से भी ज्यादा समय से राष्ट्रीय औसत से कहीं बेहतर रहा है। विश्लेषक इसका श्रेय 2010 में शुरू की गई ऑपरेशन पीसमेकर फेलोशिप जैसी विशेष जमीनी रणनीतियों को देते हैं, जिसमें सीधे उन लोगों से संपर्क साधा जाता है जो पहले हथियारबंद गतिविधियों में शामिल रहे हों।
पुलिस बल में कमी के बावजूद कैसे मिली कामयाबी
रिचमंड की प्रशासनिक व्यवस्था में इस दौरान बड़े संरचनात्मक बदलाव देखे गए। नगर प्रबंधक शासा कर्ल के विवरण के मुताबिक, रिचमंड में 2014 के दौरान 300 से अधिक पूर्णकालिक पुलिस अधिकारी कार्यरत थे। यह संख्या 2020 तक घटकर 180 पर आ गई और 2024 तक सक्रिय शपथबद्ध कर्मियों की गिनती केवल 121 रह गई। इसके उलट, शहर के निरंतर वित्तीय सहयोग तथा विभिन्न सरकारी व निजी अनुदानों के माध्यम से ऑफिस ऑफ नेबरहुड सेफ्टी ने अपने संसाधनों में विस्तार किया और साथ ही कार्यक्रम में भाग लेने वाले युवाओं की तादाद भी बढ़ाई।
इस सतत रणनीति का सबसे बड़ा प्रमाण कोविड-19 महामारी के दौरान मिला। जब पूरे बे एरिया और समूचे अमेरिका के शहरों में आग्नेयास्त्र हिंसा में अचानक भारी उछाल आया, तब भी रिचमंड में वैसी खतरनाक तेजी देखने को नहीं मिली। एजेंसी के कार्यक्रम प्रबंधक जेम्स ह्यूस्टन, जो वर्तमान में 123 सक्रिय प्रतिभागियों को संभालने वाले 14 फील्ड कार्यकर्ताओं के रोजमर्रा के कामकाज की देखरेख करते हैं, ने कहा कि असली श्रेय उन नौजवानों को जाता है जो बदलाव का रास्ता चुनते हैं।
व्यक्तिगत मार्गदर्शन और सर्वांगीण सामाजिक देखभाल
इस पहल का मुख्य तंत्र सार्वजनिक स्वास्थ्य मॉडल पर आधारित है, जहां अपराध को केवल पुलिसिया कार्रवाई के नजरिए से देखने के बजाय एक सामाजिक बीमारी की तरह समझा जाता है। कार्यक्रम के जरिए सीधे खतरे के दायरे में मौजूद युवाओं से संपर्क स्थापित किया जाता है। एक पूर्व फेलोशिप प्रतिभागी ने अपने बीते दिनों को याद करते हुए साझा किया कि पहले उन्हें अपनी जान की कोई परवाह नहीं थी, लेकिन नियमित मेंटरशिप मिलने के बाद उनका तनाव घटा, उन्हें रोजगार मिला, वे अपने बिल भरने लगे और अब वे एक बच्चे के पिता बनकर सम्मानजनक जीवन जी रहे हैं।
अध्ययन में इस बात पर विशेष बल दिया गया है कि जब शहर लंबे समय तक गोलीबारी पर लगाम लगाने में सफल होते हैं, तो उसके व्यापक स्वास्थ्य लाभ पूरे समाज को मिलते हैं। शोध दल अब उन विशेष तत्वों का गहरा विश्लेषण कर रहा है जिन्होंने इस मॉडल को इतना प्रभावी बनाया। इनमें विभाग का पुलिस महकमे से पूरी तरह स्वायत्त एक स्वतंत्र नागरिक प्रशासनिक निकाय होना, स्थिर बजट मिलना और एक दशक से अधिक समय से वेतन एवं भत्तों के साथ अनुभवी जमीनी कार्यकर्ताओं को अपने साथ जोड़े रखना प्रमुख हैं। इसके साथ ही प्रतिभागियों को केवल भाषण देने के बजाय उनकी जरूरतों के मुताबिक भोजन, सुरक्षित आवास सहायता, व्यवहार परिवर्तन के लिए कॉग्निटिव बिहेवियरल थेरेपी, नशे की लत से मुक्ति और गुस्सा नियंत्रित करने की काउंसलिंग जैसी बुनियादी सेवाएं दी जाती हैं।



















