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मौसम में बदलाव के बीच फिरोजाबाद में फैला वायरल बुखार, ओपीडी में रोजाना पहुंच रहे सैकड़ों मरीजस्वास्थ्य
19 सित॰ 2026, 10:40 pm (56 मिनट पहले)· 0

मौसम में बदलाव के बीच फिरोजाबाद में फैला वायरल बुखार, ओपीडी में रोजाना पहुंच रहे सैकड़ों मरीज

फिरोजाबाद में मौसमी बदलाव के चलते वायरल बुखार तेजी से फैल रहा है, जहां सरकारी अस्पताल में हर दिन सैकड़ों लोग इलाज कराने पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों ने बिना जांच दवाएं लेने और प्लेटलेट्स गिरने के जोखिम को लेकर आगाह किया है।

ऋतु परिवर्तन के दौर में मौसमी बीमारियों का प्रकोप एकाएक तेज हो गया है, जिसके चलते फिरोजाबाद के स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों का तांता लगा हुआ है। बड़ी तादाद में नागरिक सर्दी, जुकाम, तेज बुखार और बदन टूटने जैसी शारीरिक तकलीफों की चपेट में आ रहे हैं। स्थानीय चिकित्सालयों में रोजाना पीड़ितों की लंबी कतारें लग रही हैं। सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर उपचार की आस में पहुंचने वाले अधिकांश लोग वायरल संक्रमण की शिकायत दर्ज करा रहे हैं। स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से समय पर चिकित्सीय परामर्श लेने और सतर्कता बरतने की सलाह दी है।

संक्रमण के तेजी से फैलने की मुख्य वजहें

फिरोजाबाद राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. मनोज कुमार के अनुसार यह मौजूदा मौसम रोगाणुओं और विषाणुओं के पनपने के लिए बेहद मुफीद साबित होता है। वातावरण में मौजूद यह वायरस काफी तेजी से एक इंसान से दूसरे इंसान में संचारित हो सकता है। यह संक्रमण केवल छूने मात्र से ही नहीं, बल्कि एक-दूसरे के गले मिलने, हाथ मिलाने अथवा संक्रमित व्यक्ति के बेहद निकट बैठने और उठने से भी फैल सकता है।

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बीमारी के शुरुआती चरण में व्यक्ति को हल्की सर्दी, छींकें और बुखार की अनुभूति हो सकती है। अगर परिवार अथवा कार्यस्थल पर कोई सदस्य जुकाम या खांसी से ग्रस्त है, तो उससे शारीरिक दूरी बनाकर रखनी चाहिए। इसके अतिरिक्त किसी भी बाहरी वस्तु अथवा सतह को स्पर्श करने के उपरांत हाथों की अच्छी तरह साबुन अथवा पानी से सफाई करना नितांत आवश्यक है। बदन में असहनीय दर्द, अकड़न या अन्य कोई भी अस्वस्थता महसूस होने पर बिना देर किए डॉक्टर के पास जाना चाहिए।

लगातार तेज बुखार और प्लेटलेट्स गिरने का खतरा

डॉ. मनोज कुमार ने स्पष्ट किया है कि कई मामलों में रोगियों को बेहद तेज बुखार का सामना करना पड़ रहा है, जो कई दिनों तक लगातार बना रहता है। जब बुखार लंबे समय तक सामान्य तापमान पर नहीं लौटता, तो कुछ मरीजों के रक्त में प्लेटलेट्स घटने की समस्या भी उभर रही है। ऐसी स्थिति में अत्यधिक कमजोरी और थकान महसूस होना एक आम लक्षण बन जाता है।

गंभीर चिंता का विषय यह है कि कुछ लोग बुखार आते ही बिना किसी क्लिनिकल जांच या डॉक्टरी सलाह के स्वतः ही प्लेटलेट्स बढ़ाने वाली दवाएं खाना शुरू कर देते हैं। वरिष्ठ फिजीशियन ने इस आदत को बेहद नुकसानदेह और सेहत के लिए खतरनाक करार दिया है। किसी भी रोग की पहचान किए बिना दवाएं लेना शरीर के महत्वपूर्ण अंगों पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। पीड़ित व्यक्ति को दूसरों के प्रत्यक्ष संपर्क में आने से बचना चाहिए ताकि संक्रमण का दायरा न बढ़े।

अस्पताल की ओपीडी में भारी भीड़ और एहतियाती उपाय

सरकारी अस्पताल में वर्तमान समय में रोजाना लगभग 400 मरीजों की ओपीडी दर्ज की जा रही है। दूरदराज के ग्रामीण और शहरी अंचलों से नागरिक वायरल संक्रमण की पीड़ा से राहत पाने के लिए स्वास्थ्य केंद्र का रुख कर रहे हैं। चिकित्सा विशेषज्ञों का जोर इस बात पर है कि घर, दफ्तर और आसपास के परिवेश में स्वच्छता का कड़ा ध्यान रखा जाए। शरीर में किसी भी प्रकार की अस्वभाविक हलचल या बुखार महसूस होने पर घरेलू नुस्खों से खुद का इलाज करने के बजाय योग्य चिकित्सक से विधिवत जांच कराकर ही औषधियों का सेवन करना चाहिए।

सवाल-जवाब

फिरोजाबाद में वायरल बुखार के मुख्य लक्षण क्या देखे जा रहे हैं?
मरीजों में सामान्य सर्दी, जुकाम, तेज बुखार, गंभीर बदन दर्द और कमजोरी के लक्षण प्रमुखता से देखे जा रहे हैं।
सरकारी अस्पताल में हर दिन कितने मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं?
सरकारी अस्पताल की ओपीडी में रोजाना करीब 400 मरीज वायरल फीवर और मौसमी दिक्कतों की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं।
यह वायरल संक्रमण एक व्यक्ति से दूसरे में कैसे फैलता है?
यह वायरस संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने, हाथ मिलाने, गले मिलने या उसके आसपास रहने से तेजी से फैलता है।
बुखार के दौरान प्लेटलेट्स कम होने पर डॉक्टर ने क्या चेतावनी दी है?
डॉक्टर ने आगाह किया है कि बिना जांच के स्वतः प्लेटलेट्स बढ़ाने वाली दवाएं लेना स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक हो सकता है।
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