जिम में पसीना बहाना, थाली में जंक फूड की जगह हरी सब्जियां परोसना, और फिर भी तराजू का कांटा वहीं टिका रहना, यह निराशा लाखों लोगों की है। ऋषिकेश के डॉक्टर राजकुमार (आयुष) का कहना है कि इसका कारण मेहनत की कमी नहीं, बल्कि कुछ ऐसे पहलू हैं जिन्हें हम रोजाना नजरअंदाज करते रहते हैं।
नींद पूरी न होना सबसे बड़ी चूक
TrendKia से बातचीत में डॉक्टर राजकुमार ने बताया कि रोजाना 7 से 8 घंटे की अच्छी नींद शरीर के लिए उतनी ही जरूरी है जितनी कि डाइट और एक्सरसाइज। नींद कम होने पर शरीर पूरी तरह रिकवर नहीं हो पाता, जिसका सीधा असर मेटाबॉलिज्म, इम्यूनिटी और मानसिक स्वास्थ्य तीनों पर पड़ता है। बहुत से लोग रात को मोबाइल या लैपटॉप स्क्रीन पर देर तक वक्त बिताते हैं, जिससे न सिर्फ नींद देर से आती है बल्कि उसकी गुणवत्ता भी खराब हो जाती है।
तनाव बन रहा है वजन बढ़ाने की वजह
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में मानसिक दबाव एक बड़ी और अक्सर अनदेखी की जाने वाली समस्या है। डॉक्टर राजकुमार के अनुसार, लगातार तनाव में रहने से शरीर में ऐसे हार्मोन बढ़ जाते हैं जो वजन बढ़ाने, थकान और कई अन्य स्वास्थ्य समस्याओं की वजह बनते हैं। इसलिए शारीरिक फिटनेस के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य का ख्याल रखना भी उतना ही जरूरी है।
पानी की कमी को हल्के में न लें
हाइड्रेशन एक ऐसी चीज है जिसे अक्सर मामूली मानकर छोड़ दिया जाता है, लेकिन शरीर के हर अंग को सही तरीके से काम करने के लिए पर्याप्त पानी की जरूरत होती है। पानी की कमी से थकान, सिरदर्द, कमजोरी और पाचन संबंधी परेशानियां पैदा हो सकती हैं। बहुत से लोग इन लक्षणों को साधारण समझकर नजरअंदाज करते रहते हैं, जबकि असल में उनकी जड़ में सिर्फ पर्याप्त पानी न पीना होता है।
गैजेट्स का अत्यधिक इस्तेमाल और अनियमित दिनचर्या
मोबाइल, लैपटॉप और दूसरी स्क्रीन के सामने लंबे समय तक बैठे रहना नींद और मानसिक सेहत दोनों को प्रभावित करता है। इसके साथ ही अनियमित दिनचर्या यानी देर रात तक जागना, खाने का कोई तय समय न होना और नियमित व्यायाम में रुकावट, ये सब मिलकर शरीर के प्राकृतिक संतुलन को बिगाड़ देते हैं और फिटनेस के सभी प्रयासों पर असर डालते हैं।
शरीर के अंदर छिपी कमियां भी हो सकती हैं जिम्मेदार
कई बार दिक्कत शरीर के भीतर होती है और बाहर से पता नहीं चलती। विटामिन डी, विटामिन बी12, आयरन या अन्य जरूरी पोषक तत्वों की कमी से इंसान लगातार थका हुआ और कमजोर महसूस करता है, चाहे वह कितनी भी अच्छी डाइट ले रहा हो। थायरॉइड की समस्या या हार्मोनल असंतुलन भी फिटनेस की सारी कोशिशों को बेकार कर सकता है। यही वजह है कि समय-समय पर स्वास्थ्य जांच करवाना बेहद जरूरी है।
सिर्फ वर्कआउट नहीं, पूरी जीवनशैली सुधारनी होगी
डॉक्टर राजकुमार ने साफ कहा कि अच्छी डाइट और रोजाना एक्सरसाइज जरूरी तो हैं, लेकिन ये अकेले पर्याप्त नहीं। 7 से 8 घंटे की नींद, तनाव पर काबू, नियमित दिनचर्या, सही मात्रा में पानी पीना और मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना, ये सब भी उतने ही जरूरी हैं। अगर इन सभी बातों पर ध्यान देने के बाद भी सेहत में सुधार नहीं हो रहा, तो किसी विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श लेना ही सही कदम है।













