पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा पर नॉन-वेज को लेकर क्‍यों छिड़ती है बहस, जानिए इसके पीछे की पूरी वजहघर पर दूध की शुद्धता परखने के आसान उपाय, इन 5 तरीकों से करें मिलावट की पहचानचीन की मुद्रा में उतार-चढ़ाव, पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना के कदम से सुस्त पड़ी गिरावट की रफ्तारयूएस ओपन में अरीना सबालेका ने किया करिश्मा, लिंडा नोस्कोवा को हराकर सेमीफाइनल में बनाई जगहमिर्जापुर में आदिवासियों के पारंपरिक नुस्खे से बन रहा खास गुड़, स्वाद और रूप में चॉकलेट जैसाचाणक्य नीति: किन पांच स्थितियों में झुकना सही है और कहां चुपचाप दूरी बना लेना चाहिएमेटा ने पेश किया म्यूज, मजबूत प्राइवेसी और सुरक्षा फीचर्स से लैस नया पर्सनल एआई एजेंटमोहनलाल की फिल्म 'ऑपरेशन गंगा' में स्क्वाड्रन लीडर वर्लिन पंवार की एंट्री, सैन्य अनुभव से बनेगी बात9/11 हमले की फाइलें खुलीं, उमर अल-बयूमी और सऊदी कनेक्शन पर बरसों तक एफबीआई की लापरवाही से उठा पर्दादिल्ली के इस इलाके में मिलती है सबसे खास कुल्हड़ चाय, सुबह पांच बजे से ही लग जाती है छात्रों की लंबी कतार
बरसात में पानीपुरी का चटकाका बना सकता है गले का दुश्मन, जानें राहत पाने के असरदार नुस्खेस्वास्थ्य
9 सित॰ 2026, 12:55 am (1 घंटे पहले)· 2

बरसात में पानीपुरी का चटकाका बना सकता है गले का दुश्मन, जानें राहत पाने के असरदार नुस्खे

बारिश के दिनों में चटपटी पानीपुरी खाने से गले में कांटा चुभने जैसी समस्या हो सकती है। जानिए इसके कारण और घरेलू उपाय।

दुनिया भर में चाय के शौकीनों की तरह ही पानीपुरी के दीवानों की भी कोई कमी नहीं है। मौसम चाहे कोई भी हो, इस स्ट्रीट फूड का नाम सुनते ही लोगों के मुंह में पानी आ जाता है। लेकिन बरसात के मौसम में पानीपुरी का सेवन करना कई बार भारी पड़ सकता है। इसे खाते-खाते अचानक गले में ऐसा असहज एहसास होने लगता है, मानो कोई बारीक कांटा चुभ गया हो। शुरुआत में लोग इसे मामूली जलन मानकर नजरअंदाज कर देते हैं और पानी पीकर काम चला लेते हैं। हालांकि, जब कुछ भी निगलने पर तेज दर्द महसूस हो या ऐसा लगे कि गले में कोई चीज अटकी हुई है, तो इसे बिल्कुल भी हल्के में नहीं लेना चाहिए। खासकर पानीपुरी का तीखा, खट्टा और मसालेदार पानी गले की नाजुक और संवेदनशील परत को और अधिक नुकसान पहुंचा सकता है। ऐसे में रसोईघर में मौजूद कुछ आम चीजें तुरंत राहत दिलाने में मददगार साबित हो सकती हैं।

गले में चुभन के संभावित कारण

यह समझ लेना भी बेहद जरूरी है कि हर बार गले में होने वाली चुभन का संबंध सीधे तौर पर टॉन्सिल से नहीं होता है। इस तरह की तकलीफ के पीछे गले में हल्की सी खरोंच, किसी तरह की जलन, संक्रमण या अन्य वजहें भी हो सकती हैं। इसलिए जो घरेलू नुस्खे अपनाए जाते हैं, वे केवल तात्कालिक राहत के लिए होते हैं और इन्हें किसी पक्के चिकित्सीय इलाज का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। पानीपुरी का पानी आमतौर पर काफी खट्टा, तीखा और मसालों से भरपूर होता है। इसमें इस्तेमाल होने वाली इमली, नींबू, मिर्च और अन्य तीखे मसाले संवेदनशील लोगों के गले में तेज जलन पैदा कर देते हैं। इसके अलावा, जब पानीपुरी का कड़क और कुरकुरा हिस्सा खाया जाता है, तो वह गले की अंदरूनी दीवारों पर हल्की खरोंच लगा सकता है, जिसकी वजह से कुछ भी निगलते समय कांटे जैसी चुभन का अहसास होता है।

ये भी पढ़ें

तुरंत राहत पाने के आसान घरेलू उपाय

यदि इस तरह की हल्की जलन या खराश की समस्या सामने आए, तो गुनगुने पानी में नमक डालकर गरारे करना सबसे पुराना और असरदार घरेलू तरीका माना जाता है। इसके लिए एक गिलास गुनगुने पानी में थोड़ी सी मात्रा में नमक मिलाकर गरारे किए जा सकते हैं। इस बात का विशेष ध्यान रखें कि पानी बहुत ज्यादा गर्म नहीं होना चाहिए, अन्यथा गले की जलन और ज्यादा बढ़ सकती है। गरारे करने के बाद उस पानी को पीने के बजाय पूरी तरह से बाहर थूक देना चाहिए। इसके अलावा, यदि आपको शहद से किसी प्रकार की एलर्जी नहीं है, तो थोड़ी मात्रा में शुद्ध शहद को धीरे-धीरे चाटने से गले को काफी सुकून मिलता है। यह गले के भीतर नमी बनाए रखने में मदद करता है। हालांकि, यह सावधानी बरतना जरूरी है कि एक साल से कम उम्र के छोटे बच्चों को कभी भी शहद नहीं खिलाना चाहिए।

क्या घरेलू उपायों से भविष्य में टॉन्सिल की समस्या खत्म हो जाएगी?

यह दावा करना पूरी तरह से गलत है कि पानीपुरी खाने के बाद किसी विशेष घरेलू नुस्खे को आजमाने से भविष्य में कभी भी टॉन्सिल की शिकायत नहीं होगी। टॉन्सिल यानी गले के पिछले हिस्से में मौजूद ऊतकों में सूजन आने की समस्या कई अलग-अलग वजहों से हो सकती है, जिनमें मुख्य रूप से वायरल या बैक्टीरियल संक्रमण शामिल होते हैं। इसलिए किसी भी घरेलू उपाय को टॉन्सिल से हमेशा के लिए बचाव की पक्की गारंटी मान लेना बिल्कुल सही नहीं है। यदि गले में चुभन की समस्या लंबे समय तक बनी रहे, कुछ भी खाने या निगलने में भारी परेशानी हो, तेज बुखार आ जाए, सांस लेने में तकलीफ महसूस हो या ऐसा लगे कि वाकई कोई नुकीली चीज गले में फंस गई है, तो उसे खुद से निकालने की कोशिश करने से बचना चाहिए। ऐसी किसी भी गंभीर स्थिति में तुरंत डॉक्टर के पास जाकर जांच कराना सबसे समझदारी भरा कदम है। खासकर यदि किसी नुकीली वस्तु के अटकने का शक हो, तो एक पल की भी देरी नहीं करनी चाहिए।

सवाल-जवाब

बरसात में पानीपुरी खाने से गले में क्या समस्या हो सकती है?
पानीपुरी खाने से गले में कांटा चुभने जैसी चुभन, खराश या तेज जलन महसूस हो सकती है।
गले में चुभन का कारण क्या होता है?
यह समस्या पानीपुरी के खट्टे-तीखे पानी और उसके कुरकुरे हिस्से से गले में लगी हल्की खरोंच के कारण होती है।
क्या गले की चुभन हमेशा टॉन्सिल का संकेत होती है?
नहीं, हर बार गले में चुभन का मतलब टॉन्सिल नहीं होता; यह सामान्य जलन, खरोंच या संक्रमण भी हो सकता है।
गले की खराश दूर करने के लिए कौन सा घरेलू उपाय कारगर है?
एक गिलास गुनगुने पानी में थोड़ा नमक मिलाकर गरारे करना और सीमित मात्रा में शहद लेना राहत देता है।
डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए?
लगातार दर्द रहने, निगलने में भारी परेशानी होने, तेज बुखार आने या सांस लेने में दिक्कत होने पर डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR