गर्मियों के दिनों में खाने-पीने की ऐसी चीजों का चुनाव करना जरूरी हो जाता है जो शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ पोषण भी दें। बागेश्वर क्षेत्र में लोग इन दिनों ग्रीष्मकाल के दौरान तोरई की सब्जी का सेवन करना काफी पसंद करते हैं। इस हरी सब्जी में पानी की भरपूर मात्रा पाई जाती है जो चिलचिलाती धूप और अत्यधिक पसीने के कारण शरीर में होने वाली पानी की कमी को पूरा करने में मददगार साबित होती है। पानी और जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर होने की वजह से यह सब्जी समूचे आहार का एक बेहतरीन हिस्सा बन जाती है। इसकी तासीर बेहद हल्की होती है जिस कारण इसे आसानी से पचाया जा सकता है। इसमें प्रचुर मात्रा में फाइबर, विभिन्न विटामिन्स और कई तरह के खनिज तत्व भी मौजूद होते हैं जो शरीर की अंदरूनी सेहत को दुरुस्त रखते हैं।
पाचन तंत्र को मजबूत बनाती है तोरई
विशेषज्ञ डॉ. ऐजल पटेल के अनुसार तोरई का सेवन पेट और पाचन क्रिया के लिए अत्यंत गुणकारी माना जाता है। इसमें मौजूद डाइटरी फाइबर आंतों के कामकाज को सुधारने में खास भूमिका निभाते हैं। अपनी डेली डाइट में फाइबरयुक्त सब्जियों को शामिल करने से मल त्याग की प्रक्रिया सरल हो जाती है और लंबे समय से चली आ रही कब्ज की परेशानी से भी काफी हद तक राहत मिल सकती है। तोरई के अंदर पानी की उच्च मात्रा होती है जो भोजन को पचाने की प्रक्रिया को और अधिक आसान बना देती है। गर्मी के मौसम में यह सब्जी पेट पर भारी नहीं पड़ती है, जिससे इसे दोपहर या रात के भोजन में आसानी से जोड़ा जा सकता है।
वजन नियंत्रित करने में मददगार
आजकल के दौर में बढ़ते हुए वजन पर लगाम कसना एक बड़ी चुनौती बन चुका है जिसके लिए खानपान पर विशेष गौर करना पड़ता है। ऐसी स्थिति में कम कैलोरी और अत्यधिक पानी से भरपूर तोरई को अपनी डाइट में जगह देना एक समझदारी भरा फैसला साबित हो सकता है। यह सब्जी पेट को भारी किए बिना शरीर तक जरूरी फाइबर और पोषक तत्व पहुंचाती है। फाइबर से भरपूर चीजें खाने के बाद पेट काफी देर तक भरा हुआ महसूस होता है जिससे बार-बार कुछ न कुछ खाने की इच्छा पर लगाम लगती है। इसे तैयार करते समय बहुत कम तेल और मसालों का इस्तेमाल करना सबसे अच्छा तरीका माना जाता है। हालांकि केवल तोरई खा लेने से ही वजन कम नहीं हो जाता है, बल्कि इसके साथ संतुलित खानपान और नियमित शारीरिक व्यायाम का होना भी बहुत आवश्यक है।
त्वचा और आंखों की सेहत का ख्याल
यह हरी सब्जी सिर्फ हाजमा और वजन घटाने तक ही सीमित नहीं है बल्कि यह त्वचा की खूबसूरती और सेहत के लिए भी बहुत उपयोगी है। इसमें मौजूद पानी की अच्छी मात्रा शरीर को अंदर से हाइड्रेट रखती है जिससे त्वचा पर चमक बनी रहती है। पर्याप्त पानी और पौष्टिक आहार मिलकर स्किन को स्वस्थ रखने का काम करते हैं। इसके अलावा तोरई में कई प्रकार के विटामिन और खनिज पाए जाते हैं जो शरीर के ओवरऑल न्यूट्रिशन के लिए जरूरी हैं। गर्मियों में भारी और तली-भुनी चीजों से परहेज करते हुए इस तरह की हल्की सब्जियों को चुनना बेहतर होता है। इसी तरह शरीर को मिलने वाला सही पोषण आंखों की सेहत को बनाए रखने में भी मदद करता है। हरी सब्जियों का नियमित सेवन आंखों की रोशनी और सुरक्षा के लिए फायदेमंद होता है।
बालों की मजबूती और गर्मियों का हल्का आहार
हमारे बालों की सेहत के लिए भी शरीर को पर्याप्त पोषण की जरूरत होती है और तोरई इस मामले में एक अच्छा विकल्प है। इसमें पानी के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण विटामिन्स और मिनरल्स होते हैं जो एक संतुलित डाइट का हिस्सा बनकर बालों को मजबूती देते हैं। शरीर में पोषक तत्वों की सही मात्रा बालों और त्वचा दोनों के लिए बहुत अहम है। गर्मियों के मौसम में इस तरह की पानी वाली सब्जियां भोजन को बहुत हल्का और पौष्टिक बना देती हैं। तेज गर्मी के दिनों में ऐसा भोजन शरीर को सुकून देता है जो आसानी से पच जाए। तोरई को आप चाहें तो दाल के साथ मिलाकर बना सकते हैं या फिर बहुत ही साधारण मसालों के साथ पकाकर खा सकते हैं। इसमें अत्यधिक मसाले और तेल डालने से बचना चाहिए क्योंकि इसे हल्के तरीके से पकाना ही सेहत के लिए सबसे फायदेमंद होता है। कुल मिलाकर गर्मियों के सीजन में यह सब्जी स्वाद और सेहत दोनों का एक बेहतरीन मेल पेश करती है।



















