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हिमाचल में प्री-मॉनसून की बारिश से तबाही, रामपुर में गाड़ियों पर गिरा पेड़, चंबा के नाले में बहीं 20 भेड़-बकरियांहिमाचल प्रदेश
13 जून 2026, 2:56 am (46 दिन पहले)· 0

हिमाचल में प्री-मॉनसून की बारिश से तबाही, रामपुर में गाड़ियों पर गिरा पेड़, चंबा के नाले में बहीं 20 भेड़-बकरियां

हिमाचल प्रदेश में प्री-मॉनसून की बारिश और तूफान ने दस्तक दी है। रामपुर में पेड़ गिरने से दो गाड़ियां दबीं, वहीं चंबा के नाले में आई बाढ़ में 20 भेड़-बकरियों की मौत हो गई।

हिमाचल प्रदेश में प्री-मॉनसून की बारिश शुरू हो चुकी है। बीती रात से ही पूरे प्रदेश में मौसम बिगड़ा हुआ है और कई जगह आंधी-तूफान भी देखा गया। तेज बारिश के कारण प्रदेश के कई जिलों में नदी-नाले उफान पर आ गए हैं। चंबा से नुकसान की खबरें हैं, जहां फ्लैश फ्लड में भेड़-बकरियों की जान चली गई।

मिली जानकारी के मुताबिक, बीती रात हरियाणा की ओर से उठे तूफान के असर से प्रदेश में जमकर बरसात हुई। गुरुवार शाम शिमला के रामपुर में बारिश के बीच एक पेड़ गिर पड़ा और उसके नीचे दो गाड़ियां दब गईं। इस घटना की सीसीटीवी फुटेज भी सामने आई है, जिसमें बड़ी संख्या में लोग बाल-बाल बचते दिखे।

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दूसरी ओर, चंबा के रजेरा स्थित गढ़ नाला में जलस्तर अचानक बढ़ने से बीस भेड़-बकरियां मलबे में दबकर मर गईं। इसके अलावा भरमौर-पठानकोट हाईवे पर भरमौर के सरेंई नाला में मलबा आ जाने से कुछ गाड़ियां थोड़ी देर के लिए वहीं फंसी रहीं।

बीते 12 घंटे में कहां कितनी बारिश

मौसम विज्ञान के शिमला केंद्र ने शुक्रवार सुबह 10 बजे बुलेटिन जारी कर बताया कि बीते 12 घंटे के दौरान सोलन के कसौली में सबसे अधिक 105 एमएम बारिश दर्ज की गई। इसी तरह सोलन के धर्मपुर में 86 एमएम, सिरमौर के धौलाकुआं में 43, पालमपुर में 40, सोलन में 34, जोत में 30, सराहन में 30 और नाहन में 26 एमएम बरसात हुई। विभाग ने बीती रात अलर्ट जारी करते हुए कहा था कि करीब 220 किमी लंबी एक स्क्वॉल लाइन पंजाब और हरियाणा की ओर बढ़ी थी, जिसका असर हिमाचल में दिखा और लगभग 60 से 70 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से आंधी चली।

मौसम विभाग ने दोपहर दो बजे प्रदेश के सिरमौर और शिमला जिलों के लिए अगले दो घंटे का अलर्ट जारी करते हुए फ्लैश फ्लड की आशंका जताई।

हिमाचल में मॉनसून की एंट्री कब होगी?

हिमाचल प्रदेश में मॉनसून की दस्तक 22 से 25 जून के बीच हो सकती है। अब तक देश के 18 राज्यों में मॉनसून पहुंच चुका है और प्रदेश में प्री-मॉनसून का दौर शुरू हो गया है। शिमला, मनाली, कुल्लू, धर्मशाला और मंडी समेत कई इलाकों में लगातार बारिश के आसार बने हुए हैं।

अगले पांच दिन कैसा रहेगा मौसम

मौसम विभाग के अनुसार 12 जून को प्रदेश में येलो और ऑरेंज अलर्ट रहेगा। इस दौरान बारिश, तूफान और ओलावृष्टि देखने को मिलेगी। 16 जून तक प्रदेश में येलो अलर्ट के बीच बारिश का सिलसिला जारी रहेगा और इस अवधि में 60-70 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तूफान भी आ सकता है।

आज कहां-कहां होगी बारिश

मौसम विज्ञान केंद्र, शिमला की ओर से जारी तात्कालिक पूर्वानुमान के अनुसार प्रदेश के कई हिस्सों में अगले कुछ घंटों में मौसम करवट ले सकता है। शिमला शहर में आंशिक रूप से बादल छाए रहने और एक-दो दौर हल्की बारिश की संभावना है। सोलन और सिरमौर जिलों में कुछ स्थानों पर गरज-चमक और 30 से 40 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ आंधी-तूफान आ सकता है। वहीं लाहौल-स्पीति, किन्नौर, चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। इसके अलावा शिमला, मंडी और हमीरपुर सहित मध्य पर्वतीय इलाकों के कुछ हिस्सों में भी हल्की वर्षा के आसार हैं। विभाग के मुताबिक ऊना, बिलासपुर और कांगड़ा के कुछ क्षेत्रों में छिटपुट बारिश दर्ज हो सकती है।

पंडोह बांध में बढ़ा पानी, ब्यास में छोड़ा जाएगा अतिरिक्त पानी

पहाड़ों पर बारिश और बर्फ पिघलने के कारण मंडी के पंडोह बांध में भी पानी का स्तर बढ़ गया है। भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) ने ब्यास नदी में 3,000 क्यूसिक तक अतिरिक्त पानी छोड़ने की चेतावनी जारी की है। पानी छोड़े जाने के बाद निचले इलाकों में जलस्तर दो से तीन मीटर तक बढ़ सकता है। इसे लेकर मंडी, हमीरपुर और कांगड़ा तीन जिलों में अलर्ट भेजा गया है। उधर, कुल्लू के बंजार में शमसर नाला उफान पर आने से गाड़ियों की आवाजाही प्रभावित हुई।

दो हफ्ते में आ जाएगा मॉनसून

उल्लेखनीय है कि देश के करीब 18 राज्यों में मॉनसून प्रवेश कर चुका है और हिमाचल प्रदेश में भी अगले दो सप्ताह में इसकी एंट्री हो जाएगी। करीब 25 जून के आसपास मॉनसून हिमाचल में दाखिल होगा। मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए प्रदेश में बारिश और तूफान का येलो अलर्ट तथा ओले गिरने का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। बारिश के चलते प्रदेश में पारा छह डिग्री तक नीचे गिर गया है।

लाहौल घाटी में बारिश से किसानों को राहत

जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति की लाहौल घाटी में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। बीती शाम से रुक-रुक कर हो रही बारिश ने घाटी में ठंड बढ़ा दी है और तापमान गिरकर 4 से 5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। इस बारिश से किसानों और बागवानों को बड़ी राहत मिली है, जबकि प्रशासन संभावित मानसूनी आपदाओं को लेकर सतर्क हो गया है। इन दिनों घाटी के किसान आलू, मटर समेत विभिन्न नकदी फसलों और पारंपरिक कृषि कार्यों में व्यस्त हैं। बुवाई के बाद खेतों को पर्याप्त नमी की जरूरत होती है, ऐसे में आसमान से बरस रहा पानी किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।

चंबा में मूसलाधार बारिश से बड़ी राहत

चंबा जिले में पिछले 10-12 दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी के बाद हुई मूसलाधार बारिश ने लोगों को बड़ी राहत दी। बारिश के बाद तापमान में करीब 9 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई और पारा 35 डिग्री से घटकर 26 डिग्री पर आ गया, जिससे पूरे क्षेत्र का मौसम सुहावना हो गया। सुबह के समय आसमान पूरी तरह साफ था और स्कूली बच्चे बिना छाते व बरसाती के स्कूल पहुंचे, लेकिन दोपहर बाद अचानक मौसम बदला और तेज बारिश शुरू हो गई। स्कूल की छुट्टी के समय कई बच्चे बारिश में भीगते हुए घर पहुंचे और उन्होंने इसका भरपूर आनंद भी लिया। तेज बारिश के कारण सड़कों पर पानी नदी की तरह बहता नजर आया। इस बारिश से आम लोगों को गर्मी से राहत मिली, वहीं किसानों और बागवानों के लिए भी यह फायदेमंद साबित हुई।

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