अगले 72 घंटे क्यों हैं निर्णायक
देश का मौसम इस वक्त एक बड़े बदलाव से गुजर रहा है और मौसम विभाग (IMD) की ताजा चेतावनी इसी ओर इशारा कर रही है। विभाग का कहना है कि आने वाले 24 से 72 घंटे बेहद नाजुक साबित होंगे। मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है, लेकिन उसके साथ चल रही तेज हवाएं, बिजली और भारी बारिश आम लोगों की मुसीबत भी बढ़ा सकती हैं। IMD ने साफ शब्दों में कहा है कि 19 राज्यों में मौसम अचानक खतरनाक रुख अख्तियार कर सकता है। कई इलाकों में हवाओं की रफ्तार 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
इसका मतलब केवल बारिश नहीं है। इतनी तेज आंधी पेड़ उखाड़ सकती है, बिजली गिरा सकती है और सड़कों पर यातायात को ठप कर सकती है। खेती से जुड़े लोगों के लिए यह दौर सबसे संवेदनशील है, क्योंकि तेज हवा और ओलावृष्टि से खड़ी फसल को सीधा नुकसान पहुंच सकता है।
मौसम इतनी तेजी से क्यों पलट रहा है
इस बार मानसून की चाल दिलचस्प होने के साथ थोड़ी चिंता भी पैदा कर रही है। दक्षिण और पूर्वी भारत में बारिश रफ्तार पकड़ चुकी है, जबकि उत्तर और मध्य भारत के कई हिस्से अब भी गर्मी की चपेट में हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अरब सागर और बंगाल की खाड़ी, दोनों दिशाओं से नमी बढ़ने की वजह से हालात तेजी से करवट ले रहे हैं।
मध्य प्रदेश में अगले 48 घंटे के भीतर मानसून के दस्तक देने की संभावना है। दूसरी ओर यूपी, बिहार और झारखंड में साइक्लोनिक सर्कुलेशन के असर से तूफानी गतिविधियां दिख सकती हैं। पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन और बादल फटने का अंदेशा प्रशासन की नींद उड़ाए हुए है। उत्तरी हरियाणा और पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन के चलते आने वाले कुछ दिन मौसम बेहद सक्रिय बना रहेगा। हालत यह है कि सुबह तेज धूप के बाद दोपहर तक आसमान काले बादलों से ढक जा रहा है और प्री-मानसून गतिविधियां खतरनाक स्तर तक पहुंचती दिख रही हैं।
मानसून अब तक कहां तक पहुंचा
IMD के ताजा अपडेट के मुताबिक 15 जून 2026 को दक्षिण-पश्चिम मानसून आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल के बचे हुए हिस्सों और तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड व बिहार के कुछ और इलाकों में आगे बढ़ गया है। विभाग का अनुमान है कि अगले 6 से 7 दिन में यह उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश समेत और भी क्षेत्रों को अपनी चपेट में ले लेगा।
दिल्ली-NCR में 16 जून का दोहरा अलर्ट
दिल्ली-NCR में 16 जून को मौसम अचानक उग्र हो सकता है। मौसम विभाग ने राजधानी के लिए भारी बारिश और तेज आंधी का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान हवाएं 65 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं। पहले धूल भरी आंधी और उसके बाद तेज बारिश का अनुमान है। विभाग ने आगाह किया है कि कमजोर पेड़ और पुराने बिजली के खंभे गिर सकते हैं। दिल्ली का अधिकतम तापमान करीब 37 डिग्री सेल्सियस रह सकता है, मगर बारिश के बाद उमस से राहत मिलेगी। ट्रैफिक और उड़ानों के संचालन पर भी असर पड़ने की आशंका है।
उत्तर प्रदेश में 85 किलोमीटर की आंधी का खतरा
उत्तर प्रदेश में कई जिलों के लिए हाई अलर्ट जारी हुआ है। मेरठ, नोएडा, गाजियाबाद, आगरा, कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज और गोरखपुर समेत कई शहरों में भारी बारिश और तेज तूफान की चेतावनी दी गई है। यहां हवाएं 80 से 85 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं और बिजली गिरने व पेड़ उखड़ने की आशंका है। लखनऊ में तापमान 40 डिग्री तक चढ़ सकता है, पर बारिश के बाद राहत की उम्मीद है।
बिहार में वज्रपात का बड़ा अंदेशा
बिहार के गया, पटना, समस्तीपुर, मधुबनी, पूर्णिया, किशनगंज और भागलपुर समेत कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। मौसम विभाग ने लोगों को खुले मैदानों में न जाने की सलाह दी है। राज्य में तेज हवाओं के साथ वज्रपात की घटनाएं बढ़ सकती हैं। पटना में तापमान 39 डिग्री तक रहने का अनुमान है, लेकिन शाम ढलते ही मौसम तेजी से बदल सकता है।
झारखंड में मानसून की दस्तक से हलचल
झारखंड में मानसून की सक्रियता बढ़ती दिख रही है। रांची, जमशेदपुर, धनबाद और दुमका में भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी हुआ है। यहां हवाएं 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं। विभाग के मुताबिक कई इलाकों में बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा और बारिश के चलते तापमान में गिरावट दर्ज होगी।
पश्चिम बंगाल में बारिश ने बदला मिजाज
पश्चिम बंगाल में मानसून पूरी ताकत से सक्रिय है। कोलकाता, हावड़ा, हुगली, बीरभूम और मुर्शिदाबाद में भारी बारिश की संभावना है। हवाएं 70 से 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं। तटीय इलाकों में मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। लगातार बारिश से कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है।
राजस्थान में आंधी और बारिश का मेल
राजस्थान में जयपुर, बीकानेर, उदयपुर, बूंदी और भरतपुर समेत कई जिलों में तेज धूल भरी आंधी के साथ बारिश का अनुमान है। यहां आंधी और बारिश का यह मेल लोगों के दैनिक कामकाज पर असर डाल सकता है।
पूर्वोत्तर में बाढ़ की आहट
पूर्वोत्तर राज्यों में लगातार हो रही बारिश ने बाढ़ और जलभराव का खतरा बढ़ा दिया है। असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में कई जगह नदियों का जलस्तर ऊपर चढ़ रहा है, जिससे निचले इलाकों में रहने वालों की चिंता बढ़ गई है।
दक्षिण भारत में गर्मी से राहत
दक्षिण भारत में तस्वीर कुछ राहत भरी है। केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में मानसून रफ्तार पकड़ चुका है, जिससे तापमान नीचे आया है और लोगों को गर्मी से कुछ चैन मिला है।
IMD की लोगों से अपील
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि तेज आंधी और बिजली के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूरी बनाए रखें। किसानों को फसल और मवेशियों को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई है, ताकि तेज हवा और ओलावृष्टि से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके।













