हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला एक सनसनीखेज वारदात से दहल उठी, जहां दिनदहाड़े एक निजी स्कूल के परिसर में घुसकर हमलावरों ने स्कूल चलाने वाली महिला को गोलियों से छलनी कर दिया। वारदात की खबर मिलते ही पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और पूरे शहर में हड़कंप मच गया।
कहां और कब हुई वारदात
यह घटना शिमला के संजौली इलाके की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी की है। बताया जा रहा है कि हमला करीब साढ़े सात बजे हुआ, जब महिला स्कूल गेट के पास मौजूद थी। हमलावरों ने उसे एक के बाद एक तीन गोलियां मारीं, जिससे मौके पर ही उसकी जान चली गई।
कौन थी मृतका
मारी गई महिला की पहचान मनीषा मित्तल के रूप में हुई है, जो सरस्वती पैराडाइज स्कूल की संचालक थीं। यह स्कूल संजौली से कुछ नीचे भट्टाकुफर के पास चलता था। जिस वक्त उन पर हमला हुआ, उससे ठीक पहले वे एक दुकान से मैगी और कुछ अन्य सामान खरीदकर लौटी थीं।
हत्या के पीछे प्रॉपर्टी विवाद की आशंका
शुरुआती जानकारी के मुताबिक इस हत्या की जड़ में संपत्ति का झगड़ा बताया जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि मनीषा का अपने भाई के साथ प्रॉपर्टी को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था, और जांच की सुई फिलहाल इसी दिशा में घूम रही है।
पंजाब नंबर की गाड़ी से आए हमलावर
जानकारी के अनुसार हमलावर पंजाब नंबर की एक गाड़ी में सवार होकर आए थे और वारदात को अंजाम देने के बाद फरार हो गए। आरोपियों के भागते ही पुलिस ने पूरे शिमला में नाकेबंदी कर दी ताकि संदिग्ध वाहन शहर से बाहर न निकल सके।
पुलिस की कार्रवाई
घटनास्थल पर फोरेंसिक टीम को बुलाया गया है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। संदिग्ध गाड़ी और आरोपियों को पकड़ने के लिए सर्च ऑपरेशन जारी है। पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है।













