अंतरराष्ट्रीय सीमा के करीब सुरक्षा घेरे को भेदने की साजिशों के बीच जम्मू पुलिस ने सीमा पार से संचालित एक बड़े तस्करी नेटवर्क पर करारी चोट की है। अरनिया क्षेत्र में सक्रिय इस गिरोह के तार सीमा पार बैठे आकाओं से जुड़े थे, जो मानव रहित विमानों यानी ड्रोन के जरिए भारतीय क्षेत्र में हथियार और नशीली वस्तुएं गिरा रहे थे। सुरक्षा बलों और पुलिस की सतर्कता से इस गिरोह से जुड़े दो स्थानीय मददगारों को हिरासत में ले लिया गया है, जिसके बाद तस्करी से जुड़ी कई अहम जानकारियां सामने आई हैं।
तलाशी अभियान में इतालवी पिस्तौल और नशीली खेप बरामद
पुलिस अधिकारियों ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी साझा करते हुए बताया कि सोमवार देर रात चलाए गए एक विशेष अभियान के तहत दोनों संदिग्धों को उनके ठिकानों से पकड़ा गया। पकड़े गए व्यक्तियों की पहचान ट्रेवा निवासी राहुल कुमार और तलाहार निवासी अजय कुमार के तौर पर हुई है। दोनों आरोपियों के घरों पर दबिश देकर पूछताछ की गई, जिसके बाद उनकी बताई जगहों पर सघन तलाशी ली गई। इस तलाशी अभियान के दौरान एक परिष्कृत इतालवी निर्मित बेरेटा पिस्तौल, दो मैगजीन और चार जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।
हथियारों के अतिरिक्त मौके से भारी मात्रा में नशीले पदार्थ भी जब्त किए गए। पुलिस दल ने आरोपियों के कब्जे से 500 ग्राम हेरोइन और 500 ग्राम अफीम, यानी कुल एक किलोग्राम नशीला पदार्थ बरामद किया। इन दोनों व्यक्तियों की गिरफ्तारी से सीमा पार से संचालित होने वाले एक संगठित सिंडिकेट का भंडाफोड़ हुआ है, जो पिछले कुछ समय से स्थानीय स्तर पर अवैध सामान की आपूर्ति जुटाने में लगा हुआ था।
ड्रोन ड्रॉपिंग और सीमा पार आकाओं से सीधा संपर्क
जांच अधिकारियों के अनुसार, अरनिया सेक्टर के एक अग्रिम सीमावर्ती गांव में ड्रोन के माध्यम से सामान गिराए जाने की गतिविधि दर्ज की गई थी। इसके बाद जब तकनीकी और खुफिया सूचनाओं के आधार पर कड़ियां जोड़ी गईं, तो स्थानीय संपर्कों के तौर पर राहुल और अजय के नाम सामने आए। शुरुआती पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे सीमा पार मौजूद हैंडलर्स के सीधे संपर्क में थे और उनके निर्देशों पर ही काम कर रहे थे।
पूछताछ में यह तथ्य भी उजागर हुआ है कि आरोपियों ने पहले भी इसी तरह ड्रोन से गिराई गई दो अलग-अलग खेपों को सुरक्षित प्राप्त किया था। इन खेपों को आगे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था और इस नेटवर्क में कौन से अन्य स्थानीय लोग शामिल हैं, पुलिस अब इस दिशा में गहन पड़ताल कर रही है। सीमा पार बैठे तस्कर तकनीक का सहारा लेकर भारतीय सीमा में अशांति फैलाने और युवाओं तक नशा पहुंचाने के लिए स्थानीय युवकों को मोहरे के तौर पर इस्तेमाल कर रहे थे।
कड़े कानूनों के तहत मुकदमा दर्ज और आगे की कार्रवाई
इस पूरे मामले को लेकर अरनिया पुलिस स्टेशन में संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट और आर्म्स एक्ट के कड़े प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है ताकि उनके पूरे नेटवर्क, वित्तीय लेन-देन और पिछले संपर्कों का ब्योरा जुटाया जा सके। सीमावर्ती क्षेत्रों में इस तरह की गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए निगरानी और गश्त को और अधिक कड़ा कर दिया गया है।



















