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रांची के ऑटो चालक की बेटी प्रियांशु चौधरी ने मॉडलिंग में बनाई पहचान, बड़े फैशन वीक से लेकर मिस दिवा तक बिखेरा जलवाझारखंड
21 सित॰ 2026, 10:05 am (38 मिनट पहले)· 0

रांची के ऑटो चालक की बेटी प्रियांशु चौधरी ने मॉडलिंग में बनाई पहचान, बड़े फैशन वीक से लेकर मिस दिवा तक बिखेरा जलवा

झारखंड की राजधानी रांची की रहने वाली प्रियांशु चौधरी ने सीमित संसाधनों और सामाजिक तानों के बावजूद नेशनल मॉडलिंग और बड़े फैशन वीक में अपनी मजबूत जगह बनाई है।

झारखंड की राजधानी रांची की गलियों से निकलकर देश के प्रतिष्ठित फैशन मंचों तक पहुंचना किसी भी युवा के लिए आसान नहीं होता, लेकिन प्रियांशु चौधरी ने अपने कड़े संघर्ष और लगन से इस मुकाम को हासिल कर दिखाया है। आज वह एक सफल राष्ट्रीय मॉडल के तौर पर अपनी पहचान बना चुकी हैं और देश के कई प्रतिष्ठित फैशन आयोजनों में रैंप वॉक कर चुकी हैं। एक सामान्य परिवार से आने के बावजूद बड़े सपने देखना और उन्हें हकीकत में बदलना ही उनकी पहचान बन चुका है। उनके पिता रांची में ऑटो रिक्शा चलाते हैं, और अपनी सीमित आय के सहारे ही उन्होंने अपनी बेटी को अपने दम पर खड़े होने और इस मुकाम तक पहुंचने का हौसला दिया।

सामाजिक तानों के बीच माता-पिता बने सबसे बड़ी ढाल

छोटे शहरों में जब लड़कियां मॉडलिंग जैसे ग्लैमरस करियर को चुनती हैं, तो समाज अक्सर तरह-तरह की बातें बनाता है और ताने कसता है। प्रियांशु के सफर में भी पड़ोस और समाज की तरफ से ताने आए, लेकिन इसका असर उनके मनोबल पर कभी नहीं पड़ा। इसकी सबसे बड़ी वजह उनका पारिवारिक माहौल रहा, जहां माता-पिता ने समाज की नकारात्मक बातों को अपनी बेटी तक पहुंचने ही नहीं दिया। अपने माता-पिता के अटूट विश्वास और प्रोत्साहन को याद करते हुए प्रियांशु चौधरी ने कहा,

मेरी मम्मी और मेरे पापा मेरे सबसे बड़े सपोर्टर हैं।
घर से मिले इसी सुरक्षित माहौल और लगातार मिले सहयोग ने उनके पंखों को मजबूती दी, जिसके बल पर वह अपनी मंजिल तय कर सकीं।

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सुष्मिता सेन और प्रियंका चोपड़ा से मिला आगे बढ़ने का हौसला

फैशन और ग्लैमर जगत में कदम रखते समय हर किसी का कोई न कोई आदर्श होता है। प्रियांशु के लिए यह प्रेरणा पूर्व मिस यूनिवर्स सुष्मिता सेन बनीं। सुष्मिता के व्यक्तित्व, आत्मविश्वास, बात करने के लहजे और उनके सकारात्मक रवैये ने प्रियांशु को मॉडलिंग की दुनिया में आगे बढ़ने की नई ऊर्जा दी। इसके साथ ही उन्होंने प्रियंका चोपड़ा और दीपिका पादुकोण जैसी सफल हस्तियों के करियर से भी काफी कुछ सीखा, जिन्होंने फैशन और मॉडलिंग की दुनिया से शुरुआत करके अभिनय के क्षेत्र में भी अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की है। इन सफल महिलाओं की लगन को देखकर प्रियांशु के मन में भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाने का उत्साह लगातार बना रहा।

प्रतिष्ठित ब्रांड्स, ब्यूटी पेजेंट और अंतरराष्ट्रीय फैशन वीक में सफर

प्रियांशु की शुरुआत रांची के एक हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करने के दौरान हुई थी। वहीं रहते हुए उन्हें यह विश्वास हुआ कि उनके भीतर वह प्रतिभा और क्षमता मौजूद है जो उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के मॉडलिंग मंचों तक ले जा सकती है। जब उन्होंने अपने इस फैसले को अपने परिवार के सामने रखा, तो माता-पिता ने बिना किसी झिझक के उनका समर्थन किया। आर्थिक तंगी के बावजूद उनके पिता ने अपनी सीमित कमाई को जोड़कर बेटी को उचित प्रशिक्षण के लिए मुंबई भेजा, जहां से उनके पेशेवर करियर ने रफ्तार पकड़ी।

इसके बाद उन्होंने कई नामी अभियानों में काम किया, जिनमें करण जौहर की तैयानी ज्वेलरी, पर्ल ज्वेलरी हाउस के विज्ञापन और कई सरकारी विज्ञापन शामिल हैं। इसके अलावा वह कॉटर फैशन वीक का हिस्सा रहीं, मिस दिवा में भाग लिया और मिस ग्रैंड इंडिया प्रतियोगिता में 'परफेक्ट स्माइल' का उप-खिताब अपने नाम किया। वह स्पॉटलेस फेस ऑफ इंडियन मैगज़ीन के संपादकीय पन्नों पर भी स्थान पा चुकी हैं। एशियन इंटरनेशनल फैशन वीक सहित कई महत्वपूर्ण आयोजनों में काम करने के बाद आज वह दिल्ली, मुंबई और कोलकाता जैसे प्रमुख महानगरों में लगातार मॉडलिंग असाइनमेंट कर रही हैं। प्रियांशु की यह यात्रा इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि इरादे मजबूत हों तो साधारण पृष्ठभूमि भी बड़ी सफलता की राह में रुकावट नहीं बन सकती।

सवाल-जवाब

प्रियांशु चौधरी कौन हैं और वह किस शहर से ताल्लुक रखती हैं?
प्रियांशु चौधरी एक उभरती हुई राष्ट्रीय मॉडल हैं, जो मूल रूप से झारखंड की राजधानी रांची की रहने वाली हैं।
प्रियांशु चौधरी के परिवार की पृष्ठभूमि क्या है?
वह एक साधारण परिवार से आती हैं और उनके पिता रांची में आजीविका के लिए ऑटो रिक्शा चलाते हैं।
प्रियांशु चौधरी मॉडलिंग जगत में किसे अपना आदर्श मानती हैं?
वह पूर्व मिस यूनिवर्स सुष्मिता सेन के व्यक्तित्व और अंदाज को अपना मुख्य आदर्श मानती हैं, साथ ही प्रियंका चोपड़ा और दीपिका पादुकोण से भी प्रेरणा लेती हैं।
प्रियांशु ने अपने करियर में किन प्रमुख ब्रांड्स और फैशन आयोजनों के लिए काम किया है?
उन्होंने करण जौहर की तैयानी ज्वेलरी, पर्ल ज्वेलरी हाउस और सरकारी विज्ञापनों में काम किया है, इसके अलावा वह कॉटर फैशन वीक और एशियन इंटरनेशनल फैशन वीक में भी शामिल रही हैं।
प्रियांशु चौधरी ने किन प्रमुख सौंदर्य प्रतियोगिताओं में भाग लिया है?
उन्होंने मिस दिवा में हिस्सा लिया है और मिस ग्रैंड इंडिया प्रतियोगिता में 'परफेक्ट स्माइल' का खिताब जीता है।
मॉडलिंग की शुरुआत के लिए प्रियांशु को प्रशिक्षण कहां से मिला?
उनके पिता ने अपनी सीमित कमाई के बावजूद उन्हें विधिवत मॉडलिंग प्रशिक्षण के लिए मुंबई भेजा था, जहां से उनके सफर की शुरुआत हुई।
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टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·10 मिनट पहले

एक क्राइम रिपोर्टर के रूप में, मैं इसे सिर्फ एक सफलता की कहानी नहीं बल्कि सामाजिक दबाव और आर्थिक सीमाओं को पार करने की एक कानूनी और सामाजिक मिसाल मानता हूँ। छोटे शहरों में ऐसी युवतियों को अक्सर सुरक्षा संबंधी और मनोवैज्ञानिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, जहाँ परिवार का अटूट संबल और सुरक्षा कवच उनके करियर की रक्षा करता है।

Rohan Verma@rohan-verma·10 मिनट पहले

एक राजनीतिक और क्षेत्रीय संवाददाता के तौर पर मैं यह देखता हूँ कि झारखंड और उत्तर प्रदेश जैसे हिंदी पट्टी के राज्यों में टियर-2 और टियर-3 शहरों से निकलने वाली ऐसी प्रतिभाएँ अब सांस्कृतिक रूढ़िवादिता को तेजी से तोड़ रही हैं। जब एक ऑटो चालक की बेटी जैसे सीमित आय वाले वर्ग से आने वाली युवा लड़कियाँ इस तरह के प्रतिष्ठित मंचों पर पहुँचती हैं, तो यह केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं होती, बल्कि यह छोटे शहरों की सामाजिक गतिशीलता और वहाँ की बदलती पारिवारिक सोच का एक स्पष्ट प्रमाण बनता है।

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