खरनाल मेले में हाईवे पर 25-30 सवारों वाली जीप से खतरनाक स्टंट, पुलिस ने जब्त किया वाहनवैश्विक सुस्ती के बीच दुनिया में सबसे तेज दौड़ेगी भारतीय अर्थव्यवस्था, प्रमुख अर्थशास्त्रियों का भरोसा बढ़ापलामू के किसान सतीश दुबे ने मौसमी के बाग में उगाई कुरथी, खाली जमीन से निकाला चारे और दाल का फॉर्मूलाप्राइवेसी नेटवर्क में तेज उछाल और संस्थागत निवेश के बीच ज़ीकैश में जोरदार तेजीधागे और आईने से संवारी अपनी दुनिया, रांची की बहनों ने हस्तशिल्प से जुटाई कॉलेज की फीसउत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में नार घाट का कारोबारी इतिहास, कभी पीतल और अनाज के बड़े बंदरगाह के रूप में थी पहचानचित्रकूट में सरयू नदी के पुराने बहाव क्षेत्र से अवैध निर्माण हटाने की तैयारी, यूपी और एमपी प्रशासन ने शुरू किया संयुक्त सीमांकनकच्चे तेल में लगातार पांचवें दिन गिरावट, कूटनीतिक उम्मीदों और आपूर्ति चिंताओं में कमी से भाव फिसलेफेडरल रिजर्व के सख्त बयानों से अमेरिकी डॉलर में तेजी, इंडेक्स 100.70 के पास पहुंचाबिलासपुर कोर्ट परिसर में तबीयत का बहाना बनाकर दूसरी मंजिल से कूदा मादक पदार्थ तस्कर, ड्रोन तलाशी के बाद दबोचा गया
बोकारो में सोशल मीडिया स्टार के नाम से चमकी चाट की दुकान, हर प्लेट पर मिल रही दो मुफ्त पापड़ीजीवनशैली
23 सित॰ 2026, 10:14 am (49 मिनट पहले)· 0

बोकारो में सोशल मीडिया स्टार के नाम से चमकी चाट की दुकान, हर प्लेट पर मिल रही दो मुफ्त पापड़ी

झारखंड के बोकारो में सोशल मीडिया क्रिएटर आर्यन केल्विन के चाचा पप्पू पंडित ने अपने भेलपुरी ठेले का नाम भतीजे पर रखा है, जिससे उनकी रोजाना की बिक्री दोगुनी हो गई है।

झारखंड के बोकारो में सोशल मीडिया की लोकप्रियता का एक अनोखा और जमीनी असर सड़क किनारे लगने वाले एक स्ट्रीट फूड ठेले पर देखने को मिल रहा है। इंटरनेट पर लाखों फॉलोअर्स बनाने वाले कंटेंट क्रिएटर आर्यन केल्विन की डिजिटल पहचान अब उनके अपने परिवार के कारोबार को नई रफ्तार दे रही है। बोकारो के सेक्टर चार में जगन्नाथ मंदिर के सामने लगने वाले चाट के ठेले को उनके सगे चाचा पप्पू पंडित चलाते हैं। उन्होंने अपने कारोबार को भतीजे की ऑनलाइन शोहरत से जोड़ते हुए स्टॉल का नाम 'आर्यन केल्विन भेलपुरी' रख दिया है, जिसने इलाके के युवाओं और बच्चों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।

पोस्टर से बढ़ी उत्सुकता और ग्राहकों का जुड़ाव

पप्पू पंडित के अनुसार, आर्यन केल्विन उनके बड़े भाई राजेश पंडित के बेटे हैं। परिवार में तीन सगे भाई हैं और कुल मिलाकर करीब 10 से 15 भाईयों का संयुक्त परिवार है। जब भतीजे ने डिजिटल मंचों पर अपनी मजबूत पहचान बनाई, तो पूरे परिवार और गांव में खुशी का माहौल बन गया। चाचा ने अपने स्टॉल पर जैसे ही आर्यन के नाम का पोस्टर लगाया, वैसे ही बाजार में आने वाले लोगों और खासकर स्कूली बच्चों में उत्सुकता पैदा हो गई। राह चलते लोग केवल बोर्ड देखकर ठेले पर ठहर जाते हैं और यह जानने की कोशिश करते हैं कि दुकानदार का उस लोकप्रिय चेहरे से क्या नाता है। जब लोगों को सच्चाई का पता चलता है, तो वे न केवल बातचीत करते हैं बल्कि खुशी-खुशी नाश्ता भी करते हैं।

ये भी पढ़ें

मुफ्त पापड़ी और सम्मान के साथ सेवा

अपने युवा ग्राहकों और भतीजे के प्रशंसकों को खुश रखने के लिए पप्पू पंडित ने एक खास तरीका निकाला है। दुकान पर आने वाले बच्चों को वे बिना किसी अतिरिक्त पैसे के प्यार से दो-दो पापड़ी एक्स्ट्रा देते हैं। इसके साथ ही, उन्होंने अपनी प्लेट की मात्रा में भी इजाफा कर दिया है। सामान्य तौर पर बाजार में पापड़ी चाट या बटाटा पुरी में आठ पापड़ी दी जाती हैं, लेकिन वे ग्राहकों को आठ की जगह पूरे 10 पापड़ी परोसते हैं। उनका स्पष्ट मानना है कि ठेला लगाने का उद्देश्य सिर्फ कमाई करना नहीं है, बल्कि अपनी ईमानदारी और मेहनत के दम पर समाज में सम्मान और पहचान हासिल करना है।

वर्ष 2000 से जारी है संघर्ष का सफर

पप्पू पंडित की यह सफलता रातों-रात नहीं आई है। वे वर्ष 2000 में रोजी-रोटी की तलाश में बोकारो पहुंचे थे। शुरुआती दौर में उन्होंने झालमुड़ी बेचकर अपना काम शुरू किया था। लगातार कड़े परिश्रम के बाद उन्होंने धीरे-धीरे भेलपुरी और चाट का ठेला लगाना शुरू किया, जिससे पिछले दो दशकों से ज्यादा समय से उनके पूरे परिवार का गुजारा चल रहा है। पारिवारिक मेल-जोल के बारे में बताते हुए उन्होंने साझा किया कि भतीजे आर्यन से उनकी पिछली मुलाकात रथ पूजा के अवसर पर हुई थी। आर्यन को खुद भी भेलपुरी खाना काफी पसंद है, इसलिए उनके नाम पर यह काम करते हुए चाचा को दिली संतोष मिलता है।

बिक्री में उछाल और स्टॉल का नया ठिकाना

इस अनूठी पहचान का सीधा फायदा कारोबार के आंकड़ों में दिख रहा है। पहले जहां रोजाना लगभग 100 प्लेट बिक पाती थीं, वहीं अब यह आंकड़ा बढ़कर प्रतिदिन 150 से 200 प्लेट तक पहुंच चुका है। उनके मेन्यू में भेलपुरी के साथ-साथ दहीपुरी, पापड़ी चाट और बटाटा पुरी शामिल हैं, जिनमें बटाटा पुरी और पापड़ी चाट की मांग सबसे ज्यादा रहती है। सुबह 10 बजे से शाम 7 बजे तक चलने वाले इस काम के अलावा, शाम 4 बजे के बाद बोकारो के सेक्टर चार में सिटी मॉल के पास भी स्टॉल सजता है, जहां ₹70 में लजीज भेलपुरी का स्वाद चखा जा सकता है।

सवाल-जवाब

बोकारो में आर्यन केल्विन भेलपुरी का ठेला कौन लगाता है?
इस ठेले को सोशल मीडिया क्रिएटर आर्यन केल्विन के चाचा पप्पू पंडित चलाते हैं, जो उनके बड़े भाई राजेश पंडित के बेटे हैं।
यह ठेला बोकारो में किस जगह पर स्थित है?
यह ठेला बोकारो के सेक्टर चार में जगन्नाथ मंदिर के सामने लगता है, जबकि शाम चार बजे के बाद सिटी मॉल के पास भी स्टॉल लगाया जाता है।
दुकान पर ग्राहकों को क्या खास सुविधा मिल रही है?
यहां आने वाले बच्चों को दो मुफ्त पापड़ी दी जाती हैं और आठ की जगह प्रति प्लेट 10 पापड़ी परोसी जाती हैं।
पोस्टर लगाने के बाद ठेले की बिक्री में कितना बदलाव आया?
दुकानदार के अनुसार पहले रोजाना लगभग 100 प्लेट बिकती थीं, जो अब बढ़कर 150 से 200 प्लेट प्रतिदिन हो गई हैं।
पप्पू पंडित बोकारो में कब से काम कर रहे हैं?
वे वर्ष 2000 में बोकारो आए थे और उन्होंने शुरुआत में झालमुड़ी बेचने से लेकर अब भेलपुरी का ठेला लगाने तक का सफर तय किया है।
इस ठेले पर भेलपुरी की एक प्लेट की कीमत कितनी है?
यहां ग्राहक ₹70 में स्वादिष्ट भेलपुरी का आनंद ले सकते हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp