फिरोजाबाद की सुहाग नगरी के बाजारों में इन दिनों चूड़ियों और कंगनों की खरीदारी चरम पर पहुंच गई है। त्योहार के इस सीजन में महिलाएं अपनी कलाइयों को पारंपरिक और आधुनिक अंदाज में सजाने के लिए हरी कांच की चूड़ियों के साथ-साथ नए डिजाइन के मेटल और ब्रास से बने कंगनों को खासी प्राथमिकता दे रही हैं। शहर के प्रमुख बाजारों में दुकानदारों ने ग्राहकों को लुभाने के लिए विभिन्न रंगों और आकर्षक डिजाइनों वाले कंगनों के सेट विशेष तौर पर तैयार किए हैं।
सावन और रक्षाबंधन पर हरी चूड़ियों के साथ मेटल कंगनों का क्रेज
फिरोजाबाद की प्रसिद्ध चूड़ी मार्केट गली बोहरान के दुकानदार मोहित बंसल ने बताया कि सावन के महीने में हरी रंग की चूड़ियों की मांग हर साल काफी बढ़ जाती है। इस बार महिला खरीदार केवल हरी चूड़ियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उनके साथ मैचिंग करके मेटल और ब्रास के कंगन भी बड़े पैमाने पर खरीद रही हैं। बाजार में हरे और लाल रंग की चूड़ियों के साथ पहनने के लिए कई प्रकार के डिजाइन उपलब्ध हैं। इसके अलावा सुनहरे यानी गोल्डन रंग के कंगन सेट भी महिलाओं को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं, जिनकी चमक और बनावट त्योहार के लिए एक खास और पारंपरिक लुक प्रदान करती है।
चेंज हुआ ट्रेंड, चूड़ियों के साथ सेट बनाकर पहन रही हैं महिलाएं
दुकानदारों का कहना है कि महिलाओं की पसंद में अब बदलाव आया है। वे केवल अकेली चूड़ियां पहनने के बजाय उनके साथ दो या तीन कंगनों का खूबसूरत सेट बनाकर पहनना पसंद कर रही हैं। इन नए सेटों में सादे डिजाइनों से लेकर लटकन वाले और बेहद आकर्षक पैटर्न वाले कंगन तक शामिल हैं। मेटल और ब्रास के इन कंगनों को किसी भी रंग की चूड़ियों के साथ आसानी से मैच किया जा सकता है, जिससे साधारण चूड़ियों का पूरा लुक भी काफी संवर जाता है और हाथों की शोभा कई गुना बढ़ जाती है।
महज 200 रुपये से शुरू है कीमत
बाजार में इन मेटल कंगनों की शुरुआती कीमत करीब 200 रुपये तय की गई है। हालांकि अलग-अलग डिजाइन, कंगनों के सेट और इस्तेमाल होने वाले मटेरियल के हिसाब से इनकी कीमतें ऊपर भी जा सकती हैं। दुकानदारों के मुताबिक हर वर्ग के बजट को ध्यान में रखते हुए महिलाओं के लिए बाजार में अनेकों विकल्प मौजूद हैं। मोहित बंसल ने जानकारी दी कि सादे कंगनों के अलावा फैंसी और लटकन वाले कंगन भी दुकानों पर खूब बिक रहे हैं, जिन्हें चूड़ियों के साथ कलाई पर सजाने से त्योहार का पूरा फील मिलता है और रौनक बढ़ जाती है।



















