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मौसम बदलते ही गले में होती है खराश, दादी-नानी के इस देसी नुस्खे से मिनटों में मिलेगा आरामजीवनशैली
4 अग॰ 2026, 4:14 am (48 दिन पहले)· 0

मौसम बदलते ही गले में होती है खराश, दादी-नानी के इस देसी नुस्खे से मिनटों में मिलेगा आराम

बदलते मौसम में गले की खराश और जुकाम से राहत पाने के लिए घी, बेसन और दूध से बनने वाला पारंपरिक गर्म शीरा बेहद असरदार और झटपट तैयार होने वाला नुस्खा है।

मौसम में होने वाला उतार-चढ़ाव अक्सर हमारे स्वास्थ्य पर असर डालता है, जिसका सबसे पहला प्रभाव हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता और गले पर पड़ता है। सुबह की सिहरन, दोपहर की तेज धूप और शाम को बढ़ती नमी की वजह से कई लोगों को गले में चुभन, खराश, हल्की खांसी और जुकाम जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इस तरह की शारीरिक परेशानियों से निपटने के लिए लोग दवाइयों के साथ-साथ पुराने घरेलू तरीकों का रुख करते हैं। हमारे देश के परिवारों में बरसों से ऐसे कई नुस्खे आजमाए जाते रहे हैं, जो स्वाद के साथ सेहत को भी दुरुस्त रखते हैं और ऐसा ही एक असरदार विकल्प है गर्मागर्म शीरा।

शुद्ध घी, बेसन, दूध और गुड़ के मेल से तैयार होने वाला यह पारंपरिक पेय शरीर को अंदर से गर्माहट देने के साथ-साथ गले को खास सुकून पहुंचाता है। इसकी खूबी यह है कि इसे पकाने में ज्यादा मशक्कत नहीं करनी पड़ती और रसोई में मौजूद आम चीजों से ही यह बनकर तैयार हो जाता है। अगर मौसम के करवट लेते ही आपके गले में भी सूखापन या असहजता महसूस होने लगती है, तो यह आसान विधि आपके लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकती है।

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बदलते मौसम में शीरा क्यों है फायदेमंद

जब भी मौसम में अचानक बदलाव आता है, तो शरीर को अतिरिक्त ऊर्जा और पोषण की जरूरत होती है। इस पारंपरिक पेय में इस्तेमाल किया जाने वाला घी और बेसन शरीर को जरूरी ताकत देते हैं, जबकि दूध इसे सेहतमंद बनाता है। अगर इसमें चीनी की जगह गुड़ का इस्तेमाल किया जाए, तो स्वाद बढ़ने के साथ शरीर को आयरन भी मिलता है। कई घरों में इसकी खूशबू और तासीर को और बेहतर बनाने के लिए इसमें जरा सी हल्दी और इलायची भी मिलाई जाती है।

शीरा बनाने के लिए जरूरी सामग्री

इस आसान और सेहतमंद पेय को तैयार करने के लिए आपको कुछ बुनियादी चीजों की जरूरत होगी। इसमें मुख्य रूप से घी, बेसन, दूध और 1 से 2 टेबल स्पून गुड़ या चीनी शामिल हैं। इसके अलावा 1/4 टी स्पून हल्दी और 5 से 6 कटे हुए बादाम को वैकल्पिक रूप से इस्तेमाल किया जा सकता है। इन सारी चीजों की मदद से कुछ ही मिनटों में स्वादिष्ट और गर्मागर्म शीरा बनकर तैयार हो जाता है।

घर पर ऐसे तैयार करें गर्मागर्म शीरा

इस पारंपरिक ड्रिंक को बनाने की प्रक्रिया बहुत सरल है। सबसे पहले एक पैन को धीमी आंच पर रखें और उसमें घी गर्म करें। इसके बाद उसमें बेसन डालकर लगातार चलाते हुए तब तक भूनें जब तक वह सुनहरा न हो जाए और अच्छी खुशबू न आने लगे। बेसन के अच्छी तरह भुनने से इस पेय का स्वाद काफी बढ़ जाता है।

इसके अगले चरण में धीरे-धीरे दूध डालें और लगातार चम्मच चलाते रहें ताकि मिश्रण में किसी तरह की गांठ न बने। अब अपनी पसंद के अनुसार इसमें गुड़ या चीनी डालें और पूरे मिश्रण को हल्का उबलने दें। अगर आप चाहें तो इसी वक्त इसमें हल्दी और इलायची पाउडर भी मिला सकते हैं। हल्दी शरीर को अंदरूनी गर्माहट देती है, जबकि इलायची इसकी महक को और बढ़ा देती है। इस पूरे मिश्रण को करीब 2 से 3 मिनट तक और पकने दें।

अंत में इसमें कटे हुए बादाम डालकर इसे सजाएं और इस गर्मागर्म पेय को धीरे-धीरे घूंट-घूंट करके पिएं। ऐसा करने से गले को काफी राहत और आरामदायक अहसास मिल सकता है।

लोग आज भी क्यों अपनाते हैं यह पारंपरिक तरीका

आज भी देश के तमाम परिवारों में मौसम बदलते ही रसोई में सबसे पहले यही शीरा तैयार किया जाता है। खास तौर पर बच्चों और घर के बुजुर्गों के लिए इसे एक हल्का और पोषण से भरपूर विकल्प माना जाता है। बहुत से लोग चाय या कॉफी की बजाय सुबह या शाम के वक्त इसका सेवन करना पसंद करते हैं। इसकी सबसे बड़ी खूबी यही है कि इसे बनाने में बहुत कम समय लगता है और इसके लिए किसी महंगी चीज को बाजार से लाने की जरूरत नहीं पड़ती।

इसे बनाते और पीते वक्त कुछ छोटी बातों का ध्यान रखना भी जरूरी है। यदि आप गुड़ का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो उसे दूध में अच्छी तरह घुल जाने दें। इसे बहुत ज्यादा मीठा करने से बचें। जिन लोगों को किसी खास चीज से एलर्जी है या जिन्हें चिकित्सक ने खानपान को लेकर कोई खास सलाह दी है, उन्हें अपनी जरूरत के हिसाब से इसमें बदलाव करना चाहिए। शीरा हमेशा ताजा बनाकर ही पीना सेहत के लिए सबसे अच्छा माना जाता है। बदलते मौसम के दुष्प्रभावों से बचने और गले को सुकून देने के लिए यह घरेलू नुस्खा एक बेहतरीन विकल्प है।

सवाल-जवाब

शीरा बनाने के लिए मुख्य रूप से किन सामग्रियों की आवश्यकता होती है?
शीरा मुख्य रूप से घी, बेसन, दूध और गुड़ या चीनी से तैयार किया जाता है।
क्या इस रेसिपी में हल्दी और बादाम मिलाए जा सकते हैं?
हाँ, हल्दी और कटे हुए बादाम को वैकल्पिक सामग्री के रूप में मिलाया जा सकता है जो इसके स्वाद और गुणों को बढ़ाते हैं।
यह पारंपरिक शीरा किस परेशानी में राहत देता है?
यह बदलते मौसम में होने वाली गले की खराश, सूखापन, हल्की खांसी और जुकाम में राहत पहुंचाता है।
शीरा तैयार करने में कितना समय लगता है?
यह रेसिपी रसोई में मौजूद सामान्य सामग्री से कुछ ही मिनटों में बनकर तैयार हो जाती है।
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