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नया घर बनाते समय दीवारों को सीलन और रिसाव से कैसे बचाएं, आगरा के विशेषज्ञ ने दी अहम सलाहजीवनशैली
29 सित॰ 2026, 9:53 am (30 दिन पहले)· 9

नया घर बनाते समय दीवारों को सीलन और रिसाव से कैसे बचाएं, आगरा के विशेषज्ञ ने दी अहम सलाह

मकान निर्माण के दौरान उचित वॉटरप्रूफिंग, सतर्क प्लंबिंग और आरसीसी संरचना का सही उपयोग करके दीवारों को सीलन से बचाया जा सकता है। आगरा के सिविल इंजीनियर ने टिकाऊ निर्माण के लिए जरूरी सावधानियों की जानकारी दी।

अपना नया आशियाना बनाते समय अक्सर लोग दीवारों की मजबूती और बनावट पर तो पूरा ध्यान देते हैं, लेकिन पानी के रिसाव और नमी की अनदेखी बाद में बड़ी परेशानी बन जाती है। उत्तर प्रदेश के आगरा में निर्माण कार्य से जुड़े पेशेवर बताते हैं कि यदि मकान की नींव और शुरुआती ढांचे के निर्माण के वक्त ही सही तकनीकी कदम उठाए जाएं, तो भविष्य में आने वाली सीलन की समस्या से पूरी तरह बचा जा सकता है। आगरा में ए.बी. कंस्ट्रक्शन से जुड़े सिविल इंजीनियर अजय भदौरिया, जो पिछले 16 वर्षों से भवन निर्माण क्षेत्र में सक्रिय हैं, ने स्पष्ट किया है कि पानी की सीपेज केवल घर की खूबसूरती ही खराब नहीं करती बल्कि धीरे-धीरे संरचना को भी अंदर से कमजोर बना देती है।

वॉटरप्रूफिंग केमिकल का सही चरण में प्रयोग

भवन निर्माण के दौरान वॉटरप्रूफिंग को केवल एक अतिरिक्त विकल्प मानने के बजाय निर्माण प्रक्रिया का मुख्य हिस्सा बनाना चाहिए। बाजार में डॉ. फिक्सिट और अल्ट्राटेक जैसे प्रतिष्ठित ब्रांडों के आधुनिक वॉटरप्रूफिंग केमिकल आसानी से मिल जाते हैं। किसी योग्य निर्माण विशेषज्ञ के मार्गदर्शन में इन रसायनों का इस्तेमाल निर्माण के अलग-अलग चरणों पर किया जाना जरूरी है। नींव भरने, कंक्रीट तैयार करने, दीवारों के प्लास्टर और छत ढलाई के समय यदि सही अनुपात में वॉटरप्रूफिंग केमिकल मिलाया जाए, तो कंक्रीट और गारे के सूक्ष्म छिद्र बंद हो जाते हैं, जिससे पानी का भीतर प्रवेश करना नामुमकिन हो जाता है।

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प्लंबिंग के काम में सावधानी और लीकेज टेस्ट

घर में सीलन और नमी पहुंचने का सबसे बड़ा और गुप्त रास्ता प्लंबिंग की खामियां होती हैं। मकान में केवल मजबूत दीवारें या छत डाल देना ही सुरक्षा की गारंटी नहीं है, बल्कि पाइपलाइन बिछाते समय बरती गई सावधानी सबसे निर्णायक भूमिका निभाती है। पाइपलाइन फिटिंग के दौरान यदि किसी एक जोड़ पर भी मामूली ढिलाई रह गई या जोड़ सही से सील नहीं हुआ, तो वहां से होने वाला बारीक रिसाव सीधे कंक्रीट और ईंटों के अंदर समाने लगता है। लंबे समय तक जब तक यह रिसाव पकड़ में आता है, तब तक दीवारों पर पपड़ी छूटने, महंगा पेंट खराब होने और दीवार के कमजोर पड़ने जैसी गंभीर समस्याएं जन्म ले चुकी होती हैं। इसी वजह से पाइप बिछाने के बाद सभी जोड़ों की बारीकी से जांच और दबाव डालकर लीकेज टेस्ट करना अनिवार्य है। विशेष रूप से बाथरूम और वॉश एरिया जैसे अधिक पानी वाले हिस्सों में निर्माण सामग्री का चुनाव बहुत सोच-समझकर करना चाहिए।

एएसी ब्लॉक का इस्तेमाल और प्लास्टर का महत्व

आजकल निर्माण कार्यों में एएसी ब्लॉक का चलन तेजी से बढ़ा है क्योंकि ये पारंपरिक ईंटों की तुलना में काफी हल्के होते हैं और पानी भी अपेक्षाकृत कम सोखते हैं। हालांकि, केवल इन आधुनिक ब्लॉकों का उपयोग कर लेने से ही सीलन का खतरा पूरी तरह समाप्त नहीं हो जाता। एएसी ब्लॉक से चिनाई करने के बाद भी दीवारों पर उच्च गुणवत्ता वाले प्लास्टर और वॉटरप्रूफिंग लेप की उतनी ही आवश्यकता होती है। जब सही प्लंबिंग, सटीक वॉटरप्रूफिंग और उच्च स्तर की निर्माण सामग्री एक साथ मिलकर काम करती हैं, तभी मकान की दीवारें दशकों तक सूखी और सुरक्षित रह पाती हैं।

नाली और जलजमाव वाले स्थानों पर आरसीसी का सुरक्षा कवच

अजय भदौरिया के अनुसार, मकान की बाहरी नाली या जिन हिस्सों में लगातार पानी का संपर्क बना रहता है, वहां सामान्य ईंटों की चिनाई करने के बजाय आरसीसी वॉल का निर्माण करना सबसे टिकाऊ उपाय साबित होता है। आरसीसी वॉल को मजबूती देने के लिए कंक्रीट और सरिया का सटीक ढांचा तैयार किया जाता है, जिसमें आमतौर पर एम-20 ग्रेड के कंक्रीट मिश्रण का प्रयोग सबसे उपयुक्त माना जाता है। यदि उचित इंजीनियरिंग डिजाइन के साथ पर्याप्त सरिया लगाया जाए, सही कंक्रीट मिश्रण तैयार हो और साथ में वॉटरप्रूफिंग का पुख्ता काम किया जाए, तो ऐसी आरसीसी संरचना पानी के किसी भी तरह के रिसाव को पूरी तरह रोक देती है। इसके साथ ही घर के आसपास की नालियों की ढलान और जल निकासी प्रणाली एकदम सुचारू रखनी चाहिए, जिससे पानी दीवारों की नींव के आसपास ठहरने न पाए।

सवाल-जवाब

मकान की दीवारों को सीलन से बचाने के लिए वॉटरप्रूफिंग कब करानी चाहिए?
वॉटरप्रूफिंग निर्माण के विभिन्न चरणों, जैसे नींव, कंक्रीट तैयार करने, दीवारों के प्लास्टर और छत की ढलाई के समय विशेषज्ञ की सलाह से करानी चाहिए।
सीलन रोकने में प्लंबिंग का काम क्यों महत्वपूर्ण है?
पाइपलाइन के जोड़ों में मामूली रिसाव भी पानी को धीरे-धीरे दीवारों के भीतर पहुंचा देता है, जिससे पपड़ी और पेंट खराब होने लगता है।
क्या केवल एएसी ब्लॉक लगाने से सीलन की समस्या पूरी तरह खत्म हो जाती है?
नहीं, एएसी ब्लॉक कम पानी सोखते हैं लेकिन इनके साथ भी उचित प्लास्टर और वॉटरप्रूफिंग का इस्तेमाल करना जरूरी होता है।
नाली के पास आरसीसी वॉल बनाने के लिए किस ग्रेड के कंक्रीट की सलाह दी गई है?
नाली या पानी के संपर्क वाले हिस्सों में आरसीसी संरचना तैयार करने के लिए सामान्य तौर पर एम-20 ग्रेड कंक्रीट के उपयोग की सलाह दी गई है।
बाजार में वॉटरप्रूफिंग के लिए कौन से मुख्य ब्रांड उपलब्ध हैं?
बाजार में डॉ. फिक्सिट और अल्ट्राटेक जैसे ब्रांडों के विभिन्न वॉटरप्रूफिंग केमिकल उपलब्ध हैं।
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टिप्पणियाँ 5

Rohan Gupta@rohan-gupta·29 दिन पहले

डॉ. फिक्सिट और अल्ट्राटेक जैसे ब्रांड्स का नाम लेना थोड़ा अजीब लगा, सीधे केमिकल का जिक्र काफी था।

Meera Joshi@meera-joshi·29 दिन पहले

घर की नींव मजबूत करने की बात तो सब करते हैं, पर अजय भदौरिया जी ने जो प्लंबिंग के छोटे जोड़ों पर ध्यान दिलाया है, वह सच में बहुत जरूरी है क्योंकि असली खेल तो वहीं से बिगड़ता है।

Pooja Bhatt@pooja-bhatt·29 दिन पहले

मीरा जी, बिल्कुल सही कहा आपने। वो 16 साल के तजुर्बे वाले इंजीनियर अजय भदौरिया ने जो प्लंबिंग और लीकेज टेस्ट वाली बात कही है, वही असली बचाव है।

Nyra Kaif@nyra-kaif·29 दिन पहले

16 साल का अनुभव रखने वाले इंजीनियर अजय भदौरिया की प्लंबिंग लीकेज वाली बात एकदम सही लगी।

Neha Verma@neha-verma·29 दिन पहले

नया घर बनाते समय दीवारों का सुंदर दिखना ही सब कुछ नहीं होता, सुंदर वॉलपेपर या पेंट तभी टिकेंगे जब अंदर से वॉटरप्रूफिंग मजबूत होगी।

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