बालों को घना बनाने में रोजमेरी या करी पत्ता, जानिए वैज्ञानिक रिसर्च का क्या है फैसलाछपवा के केला प्लांट संचालक ने बताया एसी और केमिकल से पके केले में अंतर, इस तरह करें असली पहचान72 गानों वाली भारतीय क्लासिक जिसका वर्ल्ड रिकॉर्ड आज भी अटूट हैअभिषेक शर्मा ने टी20 इंटरनेशनल में रचा इतिहास, 25 या उससे कम गेंदों में 12वीं बार पचास रन बनाकर स्थापित किया कीर्तिमानइंग्लैंड में एशेज 2027 खेलने पर स्टीव स्मिथ का संशय, ओलंपिक 2028 और टी20 लीग पर टिका ध्यानइटली में रानी मुखर्जी और आदित्य चोपड़ा की सीक्रेट शादी के अनसुने किस्से आए सामने, सिर्फ 13 मेहमान थे मौजूदआकिब जावेद और वहाब रियाज पर गिर सकती है गाज, पीसीबी में बड़े प्रशासनिक फेरबदल की तैयारीओवल में नंबर 10 और 11 के दो भारतीय बल्लेबाजों ने जब जड़े थे शतक, आठ दशकों तक कायम रहा कीर्तिमानद पैराडाइज रिव्यू (2026): स्पेशल स्क्रीनिंग में नानी के जादल अवतार की धूम, जानिए कैसा है फर्स्ट हाफनीम करौली बाबा पर बनी 2 करोड़ की फिल्म ने रचा इतिहास, कम बजट वाली ब्लॉकबस्टर की पुरानी यादें ताजा
नींबू और इमली से लौटेगी पीतल और तांबे के बर्तनों की पुरानी चमक, महंगे केमिकल की नहीं पड़ेगी जरूरतजीवनशैली
19 सित॰ 2026, 10:57 pm (37 मिनट पहले)· 0

नींबू और इमली से लौटेगी पीतल और तांबे के बर्तनों की पुरानी चमक, महंगे केमिकल की नहीं पड़ेगी जरूरत

किचन में रखे पीतल और तांबे के बर्तनों पर जमी काली परत को बेकिंग सोडा, नींबू, इमली और खट्टी दही जैसे घरेलू नुस्खों से हटाया जा सकता है, हालांकि मूर्तियों की सफाई में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

रसोई में रखे तांबे और पीतल के बर्तनों की चमक वक्त बीतने के साथ फीकी पड़ने लगती है और उन पर जिद्दी काले धब्बे जमा हो जाते हैं। जब धातु हवा के संपर्क में आती है तो उस पर एक सख्त परत चढ़ जाती है, जिसे सामान्य साबुन या पानी से छुड़ाना बेहद मुश्किल काम साबित होता है। इस मैल को हटाने के लिए कई लोग बाजार से रासायनिक क्लीनर खरीद लाते हैं, जो काफी महंगे पड़ते हैं। इसकी जगह घर की रसोई में पहले से मौजूद कुछ सामान्य चीजों की मदद से इन पारंपरिक बर्तनों की कुदरती चमक फिर से पाई जा सकती है। खट्टी दही, नमक, नींबू, इमली और बेकिंग सोडा का सही मिश्रण बर्तनों पर जमी गहरी से गहरी कालिख को भी पूरी तरह हल्का कर देता है।

नींबू और बेकिंग सोडा का असरदार पेस्ट

पीतल के कारोबारी राघव खन्ना के अनुसार, रसोई में रखे इन पारंपरिक बर्तनों को साफ सुथरा बनाए रखने के लिए कई आसान घरेलू तरीके बेहद कारगर रहते हैं। यदि बर्तन बहुत अधिक काले पड़ गए हैं, तो बेकिंग सोडा और ताजे नींबू के रस को मिलाकर एक गाढ़ा पेस्ट तैयार किया जा सकता है। इस तैयार पेस्ट को बर्तन की सतह पर हल्के हाथों से मलें और थोड़ी देर तक धीरे-धीरे रगड़ें। कुछ पलों की इस प्रक्रिया के बाद जब बर्तन को ताजे साफ पानी से धोया जाता है, तो उस पर जमी पुरानी गंदगी और काले जिद्दी निशान आसानी से गायब हो जाते हैं।

ये भी पढ़ें

नमक, खट्टी दही और इमली के पारंपरिक उपाय

बर्तनों की देखभाल के लिए नींबू और नमक का प्रयोग सदियों पुराना आजमाया हुआ तरीका रहा है। इसके लिए एक नींबू को बीच से आधा काटकर उसके कटे हुए हिस्से पर थोड़ा सा नमक छिड़क लें और फिर सीधे बर्तन की काली पड़ चुकी सतह पर हल्के हाथों से रगड़ें। नमक का खुरदुरापन और नींबू का खट्टापन मिलकर मैल को तुरंत ढीला कर देते हैं। इसके अतिरिक्त खट्टी दही या भीगी हुई इमली के गूदे का लेप लगाने से भी तांबे तथा पीतल के लोटे, गिलास और थाली पर जमी जिद्दी परत आसानी से साफ हो जाती है। थोड़े समय तक लेप रखने के बाद बर्तन को रगड़कर सादे पानी से धो देने पर पुरानी धातु चमकने लगती है।

मूर्तियों की सफाई में बरतें खास सावधानी

घरों में रोज काम आने वाले बर्तनों और पूजा घर में रखी पीतल की मूर्तियों की बनावट में गहरा फर्क होता है, इसलिए उनकी सफाई भी एक तरीके से नहीं की जानी चाहिए। राघव खन्ना ने आगाह किया है कि पीतल की मूर्तियों पर कभी भी नींबू, बेकिंग सोडा, इमली या बाजार के किसी क्लीनर का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। कई पीतल की मूर्तियों के ऊपर सुरक्षा के लिए लैकर की एक बेहद महीन कोटिंग की जाती है। यदि इन पर खट्टी चीजें या सोडा लगाया जाए, तो लैकर की यह सुरक्षात्मक परत हमेशा के लिए खराब हो जाती है, जिससे मूर्ति की चमक स्थायी रूप से बिगड़ सकती है। मूर्तियों को सुरक्षित रखने का सबसे सही तरीका उन्हें केवल सादे पानी से पोंछना और धोना है।

रोजमर्रा के बर्तनों की सही देखभाल

घर में नियमित खान-पान और पूजा-पाठ में काम आने वाली पीतल और तांबे की थाली, लोटे और गिलासों को इन प्राकृतिक तरीकों से लंबे समय तक नया जैसा रखा जा सकता है। किसी भी बर्तन को साफ करते समय उसकी ऊपरी सतह की स्थिति को जरूर जांच लें ताकि धातु को नुकसान न पहुंचे। जिद्दी निशानों पर बेकिंग सोडा और नींबू का पेस्ट हल्का दबाव देकर लगाने के बाद खूब सारे पानी से धोकर सुखा लेने पर धातु बरसों-बरस बेदाग बनी रहती है।

सवाल-जवाब

पीतल और तांबे के बर्तन समय के साथ काले क्यों पड़ जाते हैं?
हवा में मौजूद ऑक्सीजन और नमी के संपर्क में आने से धातु की ऊपरी सतह पर ऑक्सीडेशन की वजह से मैल और काले धब्बे जम जाते हैं।
नींबू और बेकिंग सोडा से बर्तन साफ करने का सही तरीका क्या है?
बेकिंग सोडा में थोड़ा नींबू का रस मिलाकर पेस्ट बनाएं, फिर इसे बर्तन पर हल्के हाथों से रगड़ें और कुछ देर बाद साफ पानी से धो लें।
नींबू और नमक का प्रयोग किस तरह किया जाता है?
नींबू को आधा काटकर उस पर थोड़ा सा नमक लगाएं और फिर बर्तन की काली सतह पर हल्के हाथों से रगड़कर साफ करें।
क्या पीतल की मूर्तियों को भी नींबू या बेकिंग सोडा से साफ किया जा सकता है?
नहीं, पीतल की मूर्तियों पर लैकर की खास कोटिंग होती है जो नींबू या सोडा लगाने से खराब हो सकती है, इसलिए उन्हें केवल सादे पानी से साफ करना चाहिए।
बर्तनों की सफाई में इमली और खट्टी दही का उपयोग कैसे होता है?
इमली के गूदे या खट्टी दही को बर्तनों की सतह पर लेप की तरह लगाकर थोड़ी देर रगड़ें और फिर ताजे पानी से धोकर सुखा लें।
पीतल कारोबारी राघव खन्ना ने बर्तनों की सफाई को लेकर क्या सलाह दी है?
उन्होंने बर्तनों पर नींबू-सोडा या इमली का इस्तेमाल करने और मूर्तियों को किसी भी केमिकल या खट्टे तत्व के बजाय सिर्फ सादे पानी से धोने की सलाह दी है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp