बदलते मौसम की मार, बढ़ता प्रदूषण और रोजमर्रा की व्यस्त दिनचर्या का सीधा और नकारात्मक असर हमारे चेहरे के साथ होंठों पर भी साफ नजर आने लगता है। चेहरे की तुलना में होंठों की त्वचा काफी महीन, संवेदनशील और नाजुक होती है, जिसकी वजह से वह हवा के संपर्क में आते ही अपनी स्वाभाविक नमी बेहद तेजी से खोने लगती है। नमी छिन जाने पर होंठ रूखे, बेजान होकर फटने लगते हैं, जिससे चेहरे की सुंदरता तो प्रभावित होती ही है, कई बार होंठों में खिंचाव और दर्द की समस्या भी झेलनी पड़ती है।
बाजार के महंगे प्रोडक्ट्स और उनमें मौजूद केमिकल का खतरा
होंठों के फटने या सूखने की परेशानी सामने आते ही ज्यादातर लोग बाजार में मिलने वाले महंगे लिप बाम, पेट्रोलियम जेली या अलग-अलग तरह की लिप क्रीम खरीदने लगते हैं। हालांकि ऐसे प्रोडक्ट्स दिनभर होंठों को नम रखने के बड़े-बड़े दावे जरूर करते हैं, लेकिन इनमें मिले प्रिजर्वेटिव्स, पेट्रोलियम बाय-प्रोडक्ट्स और सिंथेटिक खुशबू लंबे समय में होंठों के स्वास्थ्य को गहरा नुकसान पहुंचाते हैं। नियमित तौर पर केमिकल युक्त प्रोडक्ट्स लगाने से होंठों की प्राकृतिक रंगत छिनने लगती है और होंठ पहले से भी अधिक काले, खुरदुरे और ड्राई दिखने लगते हैं।
घर की शुद्ध चीजें क्यों हैं होंठों की देखभाल के लिए बेहतर
केमिकल प्रोडक्ट्स के नुकसान को देखते हुए आजकल ब्यूटी और स्किनकेयर विशेषज्ञ नेचुरल और पारंपरिक घरेलू उपायों को अपनाने पर अधिक जोर दे रहे हैं। अगर आप बिना किसी हानिकारक रसायन के सुरक्षित तरीके से अपने होंठों की खोई हुई रंगत और ताजगी लौटाना चाहते हैं, तो आपकी अपनी रसोई की सामग्री सबसे उत्तम और असरदार विकल्प साबित होती है। घर पर तैयार की गई ब्यूटी रेमेडीज की सबसे बड़ी खासियत यह है कि वे पूरी तरह शुद्ध, मिलावट रहित और त्वचा के लिए सुरक्षित होती हैं।
बाम बनाने के लिए जरूरी सामग्रियां
इस पूरी तरह प्राकृतिक होममेड लिप बाम को बनाने के लिए आपको बाजार से कोई महंगी सामग्री खरीदने की जरूरत नहीं है। आपकी रसोई में आसानी से मिलने वाली केवल 2 सामान्य चीजों की मदद से इसे तैयार किया जा सकता है। बाम का मुख्य आधार शुद्ध देसी घी है, जबकि होंठों को सुंदर प्राकृतिक गुलाबी रंग देने के लिए ताजा चुकंदर का रस इस्तेमाल किया जाता है। यदि आपको होंठों पर रंगत के बजाय केवल अतिरिक्त कोमलता और नमी चाहिए, तो चुकंदर के रस के स्थान पर शुद्ध शहद का उपयोग भी किया जा सकता है।
देसी घी, चुकंदर और शहद के त्वचा पर फायदे
आयुर्वेद में शुद्ध देसी घी को त्वचा के पोषण के लिए किसी वरदान की तरह माना गया है। घी में प्राकृतिक फैटी एसिड्स और जरूरी पोषक तत्वों की भरपूर मात्रा होती है, जो होंठों की गहरी परतों तक पहुंचकर अंदरूनी तौर पर नमी प्रदान करते हैं। यह फटे हुए होंठों के घाव और दरारों को बेहद तेजी से ठीक करता है और लंबे समय तक उनकी कोमलता बरकरार रखता है। दूसरी ओर, ताजा चुकंदर का रस होंठों के कालेपन को हल्का कर उन पर एक नेचुरल गुलाबी चमक लाता है। वहीं, अगर आप शहद मिलाते हैं तो इसके प्राकृतिक गुण होंठों को गहराई से मुलायम बनाए रखते हैं।
तैयार करने की सरल विधि
इस नेचुरल बाम को तैयार करने की प्रक्रिया बहुत सीधी है और इसमें बमुश्किल 5 मिनट का समय लगता है। सबसे पहले एक साफ और सूखी कटोरी में डेढ़ चम्मच शुद्ध देसी घी निकाल लें। इसके बाद उसमें एक चम्मच ताजा चुकंदर का रस अच्छी तरह मिला दें। अब एक चम्मच के सहारे दोनों चीजों को लगातार तब तक फेंटते रहें, जब तक कि वह पूरी तरह आपस में मिलकर एक स्मूथ और क्रीमी पेस्ट का रूप न ले ले। इसके बाद इस मिश्रण को एक छोटी एयर-टाइट डिब्बी में भरें और लगभग 15 मिनट के लिए फ्रिज में रख दें ताकि यह सही बनावट में सेट हो जाए।
इस्तेमाल का सही तरीका और परिणाम
इस होममेड नेचुरल लिप बाम का भरपूर लाभ पाने के लिए रोजाना रात को बिस्तर पर जाने से ठीक पहले अपने होंठों को पानी से साफ कर लें। इसके बाद उंगली पर थोड़ी मात्रा में यह बाम लेकर हल्के हाथों से होंठों पर मालिश करें और रातभर लगा रहने दें। लगातार कुछ दिनों तक इस आसान नुस्खे को अपनाने से होंठों का रूखापन खत्म हो जाता है और वे मक्खन की तरह बेहद मुलायम, गुलाबी और आकर्षक दिखने लगते हैं। पूरी तरह प्राकृतिक होने के कारण इसके किसी भी तरह के साइड इफेक्ट का खतरा नहीं रहता।


















