घर का बाथरूम चाहे जितना चमकदार दिखे, अगर उसमें से अजीब बदबू आती रहे तो सारी मेहनत बेकार लगती है। यह बदबू न सिर्फ मेहमानों के सामने शर्मिंदगी का कारण बनती है, बल्कि घर के लोगों के लिए भी हर रोज़ असहजता पैदा करती है। ज़्यादातर लोग इससे निपटने के लिए महंगे एयर फ्रेशनर, रूम स्प्रे या सुगंधित मोमबत्तियां खरीदते हैं, लेकिन कुछ ही घंटों में वही बदबू फिर से लौट आती है। असल में इन सभी चीज़ों की सीमा यही है कि ये बदबू को कुछ समय के लिए छिपा देती हैं, खत्म नहीं करतीं। बाथरूम को सच में ताज़ा बनाए रखने के लिए रोज़मर्रा की कुछ छोटी आदतों में बदलाव लाना होता है और इसके लिए ज़्यादा पैसे खर्च करने की भी ज़रूरत नहीं पड़ती।
वेंटिलेशन पर दें सबसे पहले ध्यान
बाथरूम में नमी ही सबसे बड़ी दुश्मन होती है। जब हवा का सही आवागमन नहीं होता, तो यही नमी धीरे-धीरे फफूंदी और बैक्टीरिया को पनपने का मौका देती है और उसी से बदबू शुरू हो जाती है। अगर बाथरूम में खिड़की है तो इस्तेमाल के बाद उसे कुछ देर के लिए खुला रखना चाहिए। जहां खिड़की नहीं है, वहां एग्जॉस्ट फैन चलाना ज़रूरी है। सही वेंटिलेशन से नमी बाहर निकलती है और बाथरूम लंबे समय तक ताज़ा बना रहता है।
गीले तौलिए बाथरूम में न छोड़ें
नहाने के बाद तौलिया बाथरूम की हुक पर टांग देना एक आम आदत है, लेकिन यही गलती बदबू की बड़ी वजह बन जाती है। गीले कपड़ों में बैक्टीरिया बहुत तेज़ी से बढ़ते हैं और उनसे सीलन जैसी बुरी गंध आने लगती है। इसकी जगह तौलियों को खुली हवा में सुखाएं और उन्हें समय-समय पर धोते रहें। इस एक बदलाव से बाथरूम की गंध काफी हद तक कम की जा सकती है।
ड्रेन और सिंक की सफाई हर हफ्ते करें
सिंक और शॉवर के ड्रेन में समय के साथ बाल, साबुन और दूसरी गंदगी जमा होती जाती है। यही जमाव बाद में बदबू फैलाने का काम करता है। हर हफ्ते एक बार गर्म पानी डालें या किसी अच्छे ड्रेन क्लीनर से पाइप की सफाई करें। इससे पाइप साफ रहेंगे और बाथरूम से आने वाली अजीब गंध भी बंद हो जाएगी।
डस्टबिन और टॉयलेट ब्रश को नज़रअंदाज़ न करें
टॉयलेट की सफाई तो ज़्यादातर लोग कर लेते हैं, लेकिन टॉयलेट ब्रश और डस्टबिन अक्सर नज़रअंदाज हो जाते हैं। भरा हुआ डस्टबिन और गंदा ब्रश दोनों ही बाथरूम में बदबू फैलाते हैं। डस्टबिन को रोज़ या ज़रूरत के हिसाब से खाली करें और धोते रहें। टॉयलेट ब्रश को डिसइन्फेक्टेंट से साफ करके अच्छी तरह सुखाने के बाद ही वापस उसके होल्डर में रखें।
बाथ मैट को नियमित धोकर धूप में सुखाएं
बाथरूम में रखा बाथ मैट हर दिन पानी और नमी सोखता रहता है। अगर इसे लंबे समय तक न धोया जाए तो इसमें सीलन की बदबू घर कर लेती है। इसलिए हर कुछ दिनों में बाथ मैट को धोकर धूप में अच्छी तरह सुखाना ज़रूरी है। इससे बदबू तो दूर होगी ही, साथ में बैक्टीरिया भी कम होंगे।
प्राकृतिक खुशबू का सहारा लें
बिना ज़्यादा खर्च किए बाथरूम को महकाना चाहते हैं तो नींबू, लैवेंडर या यूकेलिप्टस एसेंशियल ऑयल की कुछ बूंदें बेहतरीन काम करती हैं। बेकिंग सोडा के एक छोटे बाउल में इन एसेंशियल ऑयल की कुछ बूंदें डालकर बाथरूम में रख दें। इससे बाथरूम में लंबे समय तक प्राकृतिक ताज़गी बनी रहती है और महंगे कैमिकल प्रोडक्ट्स पर निर्भरता भी खत्म होती है।
हफ्ते में एक बार करें डीप क्लीनिंग
रोज़ की हल्की सफाई ज़रूरी है, लेकिन हर हफ्ते कम से कम एक बार टॉयलेट, सिंक, टाइल्स, शॉवर एरिया और बाथरूम के कोनों की पूरी तरह सफाई ज़रूर करनी चाहिए। इससे गंदगी, पुराने दाग और बदबू फैलाने वाले बैक्टीरिया जमा होने का मौका नहीं मिलता। नियमित डीप क्लीनिंग से बाथरूम सिर्फ साफ नहीं दिखता, बल्कि सचमुच ताज़ा और हाइजीनिक भी रहता है।
बाथरूम को हमेशा खुशबूदार रखने के लिए किसी महंगे प्रोडक्ट की ज़रूरत नहीं होती। सही वेंटिलेशन, रोज़ की थोड़ी देखभाल और नमी पर ध्यान देने से बदबू की समस्या काफी हद तक अपने आप खत्म हो जाती है। नियमित आदतें आपके बाथरूम को न सिर्फ देखने में साफ बल्कि महसूस करने में भी हमेशा ताज़ा बनाए रखती हैं।













