घर पहुंचने से 40 किमी पहले सड़क दुर्घटना में सेना के जवान मोतीसिंह तंवर का निधन, रामदेवरा में सैन्य सम्मान से विदाईनागालैंड में कॉफी की खेती को बढ़ावा देने के लिए बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और बाजार पहुंच जरूरी: सतिंदर कुमार भल्लाराजस्थान के तीन छात्रों को समरकंद से मिला बुलावा, सिल्क रोड यूनिवर्सिटी में पूरी स्कॉलरशिप पर करेंगे मास्टर्समल्चिंग तकनीक से बस्तर में मिर्च की शानदार पैदावार, कम खर्च में किसान कमा रहे लाखों का मुनाफाबघेलखंडी जायका: ताजे बांस के कोमल अंकुरों से घर पर तैयार करें मसालेदार करील की सब्जीसपा प्रमुख पर केशव प्रसाद मौर्य का पलटवार, कहा भाजपा में आने के लिए मिले थे अखिलेशपलामू के खेतों में आलू की बंपर पैदावार के लिए वैज्ञानिक तरीके अपनाएं किसानबुरहानपुर के बाजारों में पहुंचा शेरनी फल, चोली के दानों संग तैयार करें पारंपरिक खट्टी-मीठी सब्जीबिग बॉस 20 से बाहर हुईं रीति तिवारी, फूट-फूटकर रोईं आम्रपाली दुबे और उदिति बनीं घर की नई कैप्टनघर के भीतर हवा शुद्ध करने और नमी बढ़ाने के लिए बेहद उपयोगी हैं ये 6 इनडोर पौधे
शुद्ध दूध से छेने की सही मात्रा और मिलावट पकड़ने का आसान तरीकाजीवनशैली
3 अक्तू॰ 2026, 10:26 am (59 मिनट पहले)· 0

शुद्ध दूध से छेने की सही मात्रा और मिलावट पकड़ने का आसान तरीका

फुल क्रीम दूध से कितना छेना निकलना चाहिए, पानी की मिलावट का पता कैसे लगाएं और घर पर स्पंजी छेना कैसे तैयार करें, समझिए पूरा हिसाब।

मिठाई निर्माण और डेयरी व्यवसाय में कच्चे माल की गुणवत्ता सीधे तौर पर दूध के फैट और उसकी शुद्धता से तय होती है। सीतामढ़ी के स्थानीय डेयरी कारोबारियों के अनुभव के मुताबिक, एक किलो शुद्ध फुल क्रीम गाय या भैंस के दूध से औसतन 200 से 250 ग्राम तक छेना तैयार होता है। यदि दूध में फैट का स्तर सही है और उसमें किसी भी प्रकार की मिलावट नहीं की गई है, तो उत्पादन का यह पैमाना बिल्कुल सटीक बैठता है। इसके विपरीत, यदि दूध में पानी मिला दिया जाए या प्राकृतिक फैट कम हो, तो प्रति किलो छेने की मात्रा घटकर केवल 150 से 200 ग्राम या उससे भी कम रह जाती है। टोंड अथवा कम फैट वाले दूध का प्रयोग करने पर प्रति किलो मात्र 150 से 180 ग्राम छेना ही प्राप्त होता है, इसलिए हलवाई हमेशा गाढ़े और बिना मिलावट वाले दूध को ही प्राथमिकता देते हैं।

दूध की मात्रा से मिलावट और गुणवत्ता की पहचान

डेयरी और छेना व्यापार से जुड़े सीतामढ़ी के स्थानीय कारोबारी श्याम कुमार बताते हैं कि वे सीधे ग्रामीण इलाकों के पशुपालकों से दूध एकत्र करते हैं। इस दूध को भट्टी पर उबालकर छेना बनाया जाता है और फिर स्थानीय बाजार में आपूर्ति की जाती है। व्यापारियों के लिए छेने की कुल मात्रा ही उनकी लागत और मुनाफे का आधार होती है। अगर दूध में पानी मिला हो, तो छेना कम वजन का निकलता है, जिससे सीधे तौर पर आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। ग्रामीण किसानों और पशुपालकों के साथ लंबे समय का संपर्क आपसी विश्वास बनाए रखता है, फिर भी दूध उबलने और फटने के बाद मिलने वाले छेने का वजन तुरंत बता देता है कि दूध में कितना पानी मिलाया गया था।

ये भी पढ़ें

शादी-ब्याह और बड़े आयोजनों में दूध की खपत का गणित

पारिवारिक समारोहों, दावतों और शादी-विवाह के मौकों पर जब सैकड़ों मेहमानों के लिए मिठाइयां बनानी होती हैं, तो दूध की सटीक मात्रा का अनुमान लगाना सबसे अहम काम होता है। उदाहरण के लिए, यदि 500 अतिथियों के लिए प्रति व्यक्ति दो-दो पीस के हिसाब से कुल 1,000 पीस मिठाई बनानी हो, तो इसके लिए लगभग डेढ़ क्विंटल यानी 150 किलो दूध या छेने के घोल की आवश्यकता होती है। मिठाई बनाने वाले अनुभवी कारीगर इसी फार्मूले के आधार पर दूध का ऑर्डर तय करते हैं, जिससे आयोजन के दौरान न तो मिठाई कम पड़े और न ही उसकी बनावट या स्वाद में कोई कमी आए।

घर पर नरम और स्पंजी छेना फाड़ने की सही विधि

छेना कितना कोमल और स्पंजी बनेगा, यह इस बात पर निर्भर करता है कि दूध को किस तापमान और तरीके से फाड़ा गया है। सबसे पहले दूध को अच्छी तरह उबाल लें और फिर आंच बंद करके 2 से 3 मिनट तक थोड़ा ठंडा होने दें। उबलते हुए दूध में सीधे खट्टा पदार्थ डालने के बजाय, नींबू के रस, सिरके (विनेगर) या टाटरी को थोड़े सादे पानी में घोलकर धीरे-धीरे दूध में मिलाना चाहिए। जैसे ही दूध पूरी तरह फट जाए और हरा पानी अलग दिखने लगे, तुरंत उसे मलमल या महीन सूती कपड़े में छान लें। इसके बाद छेने को तुरंत साफ ठंडे पानी से अच्छी तरह धोना जरूरी है ताकि नींबू या सिरके का खट्टापन पूरी तरह निकल जाए। अंत में कपड़े को पोटली की तरह बांधकर हल्के हाथों से दबाएं ताकि अतिरिक्त पानी बाहर निकल जाए और आपको एकदम मुलायम छेना मिले।

सवाल-जवाब

एक किलो शुद्ध फुल क्रीम दूध से कितना छेना बनना चाहिए?
एक किलो शुद्ध फुल क्रीम गाय या भैंस के दूध से लगभग 200 से 250 ग्राम तक छेना आसानी से निकल जाता है।
दूध में पानी की मिलावट होने पर छेने की मात्रा कितनी रह जाती है?
यदि दूध में पानी मिलाया गया हो, तो प्रति किलो छेने का उत्पादन घटकर 150 से 200 ग्राम या उससे भी कम रह जाता है।
टोंड या कम फैट वाले दूध से कितना छेना निकलता है?
टोंड या कम फैट वाले दूध का उपयोग करने पर प्रति किलो केवल 150 से 180 ग्राम छेना ही प्राप्त होता है।
बड़े आयोजन में 1,000 पीस मिठाई बनाने के लिए कितने दूध की जरूरत होती है?
500 लोगों के लिए 1,000 पीस मिठाई तैयार करने हेतु लगभग डेढ़ क्विंटल यानी 150 किलो दूध या छेने के घोल की आवश्यकता होती है।
घर पर छेना बनाते समय उसे ठंडे पानी से क्यों धोया जाता है?
दूध फाड़ने के बाद छेने को ठंडे पानी से इसलिए धोया जाता है ताकि नींबू, सिरके या टाटरी का खट्टापन पूरी तरह से निकल जाए।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp