बाजार में नए ताजे आंवलों की आवक शुरू होते ही घरों में इसके विभिन्न प्रयोग बढ़ जाते हैं। आंवला पोषक तत्वों से भरपूर एक गुणकारी फल माना जाता है, जिसमें विटामिन सी, फाइबर और प्रचुर एंटीऑक्सीडेंट्स मौजूद होते हैं। नियमित रूप से इसका सेवन करने पर शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्युनिटी मजबूत होती है और पाचन तंत्र दुरुस्त रहता है। इसके उपयोग से कब्ज, गैस, अपच और एसिडिटी जैसी पेट की समस्याओं में उल्लेखनीय राहत मिलती है, साथ ही त्वचा में स्वाभाविक चमक भी आती है। सेहत के अलावा बालों की सेहत के लिए भी आंवले का तेल अत्यंत लाभकारी सिद्ध होता है। यह बालों की जड़ों को मजबूत बनाकर टूटने से रोकता है। बाजार के केमिकल युक्त उत्पादों के स्थान पर इसे घर पर बिना किसी मिलावट के बेहद सुगमता से बनाया जा सकता है।
ताजे गूदे के पेस्ट से आंवला तेल तैयार करने की विधि
घर पर शुद्ध आंवला तेल बनाने के लिए पहली विधि में 500 ग्राम बड़े आकार के ताजे आंवले लिए जाते हैं। इन आंवलों को पहले साफ पानी से अच्छी तरह धो लें, फिर चाकू से काटकर इनके बीज पूरी तरह अलग कर दें। कटे हुए टुकड़ों को मिक्सर जार में डालकर दो से तीन मिनट तक पीसें। इसके बाद जार में ही आधा कप सरसों का तेल और आधा कप नारियल का तेल बराबर-बराबर मात्रा में मिलाएं। तेल डालने के बाद मिश्रण को दोबारा ग्राइंड करें, जिससे एक चिकना और स्मूद पेस्ट तैयार हो जाए। इस पूरी प्रक्रिया में ध्यान रखना जरूरी है कि पेस्ट में पानी की एक बूंद भी न मिले, अन्यथा तेल की गुणवत्ता खराब हो सकती है।
धीमी आंच पर पकाने और तेल अलग करने का तरीका
पेस्ट तैयार होने के बाद एक भारी तले वाली लोहे की कड़ाही लें और उसे धीमी आंच पर गैस चूल्हे पर चढ़ाएं। अब तैयार आंवले के पेस्ट को कड़ाही में डाल दें। कुछ ही मिनटों में कड़ाही के किनारों से हल्का-हल्का उबाल दिखाई देने लगेगा। इस दौरान करछी की मदद से पेस्ट को बीच-बीच में चलाते रहें ताकि वह तली में चिपके नहीं। जैसे-जैसे धीमी आंच पर आंवले का गूदा पकेगा, वह अपने सारे पोषक तत्व तेल में छोड़ता जाएगा। लगभग 15 से 20 मिनट तक पकने के बाद पेस्ट भुन जाएगा और उसमें से तेल पूरी तरह अलग तैरता हुआ नजर आने लगेगा।
छानने के विकल्प और सुरक्षित भंडारण
मिश्रण अच्छी तरह पक जाने के बाद तेल निकालने के दो विकल्प मौजूद होते हैं। पहले तरीके के तहत पके हुए पेस्ट को कड़ाही में ही 10 से 12 घंटे तक रखा छोड़ा जा सकता है, हालांकि इस प्रक्रिया से तेल की कुल मात्रा कुछ कम प्राप्त होती है। दूसरा और अधिक व्यावहारिक तरीका यह है कि पेस्ट को सामान्य तापमान पर ठंडा होने दें और फिर एक साफ सूती कपड़े की मदद से निचोड़कर छान लें। छने हुए शुद्ध तेल को कांच की साफ शीशी में भरकर सुरक्षित रख लें। इस तरह घर पर तैयार किया गया तेल 100 प्रतिशत शुद्ध होता है, जिसमें किसी भी प्रकार का केमिकल या कृत्रिम रंग नहीं मिला होता, जो बालों के पोषण के लिए पूरी तरह सुरक्षित है।
धूप में सुखाकर तेल पकाने की दूसरी पारंपरिक विधि
यदि आप पेस्ट बनाने के बजाय दूसरी पद्धति अपनाना चाहते हैं, तो सूखे आंवले से भी तेल तैयार किया जा सकता है। इसके लिए 500 ग्राम अथवा 1 किलो आंवले लेकर मिक्सर में दरदरा पीस लें। इस दरदरे मिश्रण को तेज धूप में रखकर अच्छी तरह सुखा लें। इसके बाद गैस पर कड़ाही रखें और उसमें 500 ग्राम नारियल का तेल तथा 500 ग्राम सरसों का तेल एक साथ डालें। तेल गर्म होने पर इसमें बारीक कटे और धूप में सुखाए गए आंवले डाल दें। शुरुआत में गैस की आंच तेज रखें और जब तेल में उबाल आ जाए, तब आंच तुरंत धीमी कर दें। कड़ाही को लगातार चलाते रहें। लगभग 20 से 25 मिनट के भीतर आंवला तेल में अच्छी तरह पक जाएगा और तेल छूटने लगेगा। इसके बाद गैस बंद करके तेल को ठंडा करें और कपड़े या छलनी से छानकर सुरक्षित बोतल में भर लें।



















