मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में एक 17 वर्षीय छात्रा की असामयिक मृत्यु के बाद तीखा आक्रोश फैल गया है। बड़ा मलहरा की रहने वाली शिवानी यादव पढ़ाई के सिलसिले में छतरपुर के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के शांति नगर कॉलोनी में किराए के मकान में रहकर पढ़ाई कर रही थी। शनिवार की सुबह इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई, जिसके बाद परिवारवालों ने एक निजी डॉक्टर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इस घटना ने एक बार फिर स्थानीय स्तर पर चिकित्सा व्यवस्था और डॉक्टरों की कार्यशैली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
परिजनों और डॉक्टर की भूमिका पर गंभीर आरोप
शिवानी के पिता वीरेंद्र यादव के अनुसार शुक्रवार को तबीयत बिगड़ने पर उनकी बेटी को स्थानीय निजी डॉक्टर आभा खरे के पास ले जाया गया था। शुरुआती जांच के बाद डॉक्टर ने उसे एक गोली दी थी। परिजनों का यह आरोप है कि वह दवा खाने के बाद ही शिवानी की तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी। उसे लगातार उल्टियां होने लगीं और रात के समय सिर में तेज दर्द की शिकायत भी सामने आई। हालत गंभीर होने पर उसे पहले जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से डॉक्टरों ने उसे झांसी के मेडिकल सेंटर के लिए रेफर कर दिया।
इलाज के लिए ले जाते समय रास्ते में थोड़ा दम
झांसी में प्राथमिक उपचार मिलने के बाद भी शिवानी की सेहत में सुधार नहीं हुआ, जिसके चलते उसे ग्वालियर के बड़े अस्पताल के लिए रेफर किया गया था। शनिवार की सुबह करीब 9:00 बजे झांसी से ग्वालियर ले जाते वक्त रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। इसके बाद दुखी परिवार उसके शव को वापस छतरपुर ले आया। पिता वीरेंद्र यादव ने दावा किया कि दवा लेने से पहले उनकी बेटी बिल्कुल स्वस्थ थी। परिवार ने सबूत के तौर पर उस संदिग्ध गोली को भी अपने पास सुरक्षित रखा है और मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई है।
जिला अस्पताल के बाहर मुख्य सड़क पर प्रदर्शन
शव के छतरपुर पहुंचते ही मृतका के परिजन और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग गुस्से में सड़क पर उतर आए। उन्होंने जिला अस्पताल के बाहर मुख्य मार्ग पर शव को रखकर यातायात पूरी तरह से बाधित कर दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यदि समय रहते उचित चिकित्सा मिल जाती तो छात्रा की जान बचाई जा सकती थी। इस बीच, स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सिविल लाइंस पुलिस थाने की टीम और नगर पुलिस अधीक्षक अरुण सोनी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आक्रोशित परिवार को शांत कराया और निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाकर जाम खुलवाया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की आगे की कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि परिवार की औपचारिक शिकायत दर्ज कर ली गई है और मौत के असल कारणों की पुष्टि के लिए पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जांच दल सुरक्षित रखी गई दवाइयों, मेडिकल रिकॉर्ड्स और अन्य साक्ष्यों का बारीकी से अध्ययन कर रहा है। यदि मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट में डॉक्टर की ओर से किसी भी तरह की लापरवाही पाई जाती है, तो कानूनी नियमों के तहत उचित कदम उठाए जाएंगे। प्रशासन ने जनता से संयम बरतने और जांच पूरी होने का इंतजार करने की अपील की है।



















