मध्य प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने स्मार्ट मीटर से जुड़ी हर तरह की शिकायत के लिए एक केंद्रीय टोल-फ्री नंबर 1912 जारी किया है। भोपाल सहित 16 जिलों के उपभोक्ता अब इस नंबर पर कॉल करके अपनी समस्या सीधे दर्ज करा सकते हैं और दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत खत्म हो जाएगी।
क्यों बनाई गई यह नई व्यवस्था
स्मार्ट मीटर लगने के बाद भी कई उपभोक्ताओं को तरह-तरह की परेशानियां झेलनी पड़ती थीं। इंस्टॉलेशन में गड़बड़ी, बिल में गलती या तकनीकी खराबी जैसी दिक्कतों के लिए कोई एक सुविधाजनक रास्ता नहीं था, जिससे लोग इधर-उधर भटकते रहते थे। इन्हीं समस्याओं को देखते हुए कंपनी ने सभी शिकायतों को एक ही प्लेटफॉर्म पर लाने का फैसला किया ताकि उपभोक्ताओं को जल्द से जल्द राहत मिल सके।
किन समस्याओं की शिकायत की जा सकती है
1912 पर स्मार्ट मीटर से जुड़ी कई तरह की समस्याएं दर्ज कराई जा सकती हैं। मीटर का गलत या अधूरा इंस्टॉलेशन, मीटर का जल जाना, डिस्प्ले का काम बंद कर देना, और महीने का बिल न बनना या गलत बिल आना, ये सभी परेशानियां इसी नंबर पर बताई जा सकती हैं।
इसके अलावा अगर मीटर सामान्य से ज्यादा तेज चल रहा हो जिससे बिजली का बिल बढ़-चढ़कर आ रहा हो, तो यह भी यहां दर्ज कराया जा सकता है। 'उपाय' एप में अगर डेटा गलत दिख रहा हो या बिल्कुल नजर न आ रहा हो, तो उसकी शिकायत भी 1912 पर होगी।
बिल पर गलत मीटर नंबर छपना, शुरुआती या आखिरी रीडिंग में गलती होना, और पुराने मीटर की गलत एंट्री जैसी बिलिंग संबंधी गड़बड़ियां भी इसी नंबर पर दर्ज की जा सकेंगी। इसके साथ ही सोलर या नेट मीटर में जरूरी बदलाव न होना, बिल जमा करने के बाद भी कनेक्शन चालू न होना, और चेक मीटर लगवाने से जुड़ी मांगें भी यहां स्वीकार की जाएंगी।
शिकायत के बाद क्या होगी प्रक्रिया
कंपनी ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि किसी भी स्मार्ट मीटर या बिलिंग संबंधी परेशानी पर देर न करें और तुरंत 1912 पर फोन करें। शिकायत दर्ज होते ही एक रजिस्ट्रेशन नंबर मिलेगा, जिसे संभालकर रखना बेहद जरूरी है। इसी नंबर के जरिए उपभोक्ता बाद में अपनी शिकायत की स्थिति जांच सकते हैं और समय पर समाधान सुनिश्चित कर सकते हैं।













