अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले जापानी येन पर दबाव बढ़ता दिखाई दे रहा है, जिससे हालिया गिरावट के रुझान में बदलाव आया है। कारोबारी सत्र के दौरान यूएसडी/जेपीवाई की विनिमय दर 153.29 के निचले स्तर तक लुढ़कने के बाद तेजी से सुधरकर 154.99 तक पहुंच गई और अंततः 154.35 के स्तर पर बंद हुई। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि मुद्रा जोड़ी में गिरावट की गति अब काफी हद तक थम चुकी है और अल्पावधि में यह 155.00 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार करने का प्रयास कर सकती है, हालांकि 155.50 का स्तर पार करना निकट भविष्य में थोड़ा चुनौतीपूर्ण बना रहेगा।
मुद्रा जोड़ी की दैनिक हलचल और प्रमुख तकनीकी स्तर
दैनिक कारोबार के विश्लेषण के अनुसार, डॉलर के लिए पहले जो कमजोरी का अनुमान लगाया गया था, बाजार ने उसके विपरीत रुख दिखाया है। पूर्व अनुमानों में यह माना जा रहा था कि किसी भी प्रकार की गिरावट 153.05 से 154.30 के दायरे के भीतर ही सीमित रहेगी। लेकिन वास्तविक उतार-चढ़ाव ने इस दायरे को तोड़ा और डॉलर 153.29 के निचले स्तर को छूने के बाद अचानक मजबूत होकर 154.99 पर जा पहुंचा, जो 0.53 प्रतिशत की दैनिक बढ़त को दर्शाता है।
बाजार में तेजी की गति में वृद्धि तो हुई है, किंतु यह बहुत अधिक आक्रामक नहीं है। वर्तमान कारोबारी परिस्थितियों में डॉलर 155.00 के स्तर से ऊपर निकलने में सक्षम हो सकता है, लेकिन तकनीकी तौर पर 155.50 पर स्थित अगला अवरोध निकट अवधि में पहुंच से बाहर प्रतीत होता है। यदि डॉलर में दोबारा गिरावट आती है, तो 153.90 का स्तर टूटने पर वर्तमान खरीद दबाव में कमी का स्पष्ट संकेत मिलेगा, जबकि 154.15 का स्तर मामूली समर्थन के रूप में कार्य कर रहा है।
मध्यम अवधि का परिदृश्य: एक से तीन सप्ताह का दायरा
एक से तीन सप्ताह के व्यापक दृष्टिकोण पर नजर डालें, तो डॉलर को लेकर पहले बना नकारात्मक रुख अब परिवर्तित हो चुका है। महीने की शुरुआत से विश्लेषक डॉलर में कमजोरी की संभावना देख रहे थे। 08 सितंबर को जब हाजिर भाव 153.95 पर था, तब यह संकेत दिया गया था कि डॉलर कमजोर बना रह सकता है और वर्ष के निचले स्तर 152.08 की ओर बढ़ सकता है।
इसके बाद डॉलर में सुधार देखने को मिला और 11 सितंबर को जब भाव 154.50 पर था, तब गिरावट की गति धीमी पड़ने लगी थी तथा 152.08 तक जाने की संभावनाएं कम होती दिखीं। हालिया सत्र में डॉलर ने 154.90 के मजबूत प्रतिरोध स्तर को तोड़ते हुए 154.99 का उच्च स्तर छू लिया। अब नीचे की ओर का रुझान पूरी तरह कमजोर पड़ चुका है और हल्की तेजी का रुख बन रहा है। इस मौजूदा माहौल में डॉलर मामूली बढ़त हासिल कर सकता है, परंतु यह मजबूती 153.30 से 156.30 के विस्तृत दायरे के भीतर ही सीमित रहने का अनुमान है।
अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और केंद्रीय बैंकों की बैठकों का प्रभाव
मुद्रा विनिमय दरों में इस बदलाव के पीछे व्यापक आर्थिक कारक और वैश्विक केंद्रीय बैंकों की नीतियां मुख्य भूमिका निभा रही हैं। अमेरिकी फेडरल ओपन मार्केट कमेटी यानी एफओएमसी और बैंक ऑफ जापान यानी बीओजे की महत्वपूर्ण नीतिगत बैठकों से पहले कारोबारी सतर्क रुख अपना रहे हैं। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड बहु-वर्षीय उच्च स्तरों के निकट बनी हुई है, जिसे अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की संभावनाओं और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों से उपजे मुद्रास्फीति जोखिमों से सहारा मिल रहा है।
ट्रेजरी यील्ड में यह तेजी अमेरिकी डॉलर को व्यापक मजबूती प्रदान कर रही है, जिससे डॉलर-येन जोड़ी को ऊपर की ओर बढ़ने में मदद मिल रही है। इसके विपरीत, बैंक ऑफ जापान द्वारा अपनी मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने की दिशा में और अधिक सख्त या आक्रामक रुख अपनाए जाने की संभावनाएं जापानी येन को समर्थन दे सकती हैं। यदि बैंक ऑफ जापान की ओर से सख्त संकेत मिलते हैं, तो यह कारक यूएसडी/जेपीवाई जोड़ी की अत्यधिक तेजी पर लगाम लगाने का काम कर सकता है।
अन्य वैश्विक परिसंपत्तियों और मुद्राओं पर असर
डॉलर की मजबूती का असर केवल येन तक सीमित नहीं है, बल्कि अन्य प्रमुख मुद्राओं और परिसंपत्तियों पर भी इसका सीधा प्रभाव देखा जा रहा है। एशियाई कारोबारी सत्र में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 0.7150 के नीचे कमजोर बना रहा, जो पिछले दिन छुए गए तीन सप्ताह से अधिक के निचले स्तर के करीब है। अमेरिकी यील्ड में उछाल, कच्चे तेल जनित महंगाई की चिंताएं और अगस्त महीने के लिए चीन से आए मिले-जुले आर्थिक आंकड़ों ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर अतिरिक्त दबाव बनाए रखा।
कमोडिटी बाजार में सोने की कीमतों में भी नरमी देखी गई। डॉलर में आई तेजी, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड की स्थिति और फेडरल रिजर्व की बैठक से पहले बने सतर्कता भरे माहौल के कारण सोना प्रति ट्रॉय औंस 4,260 डॉलर के दायरे में कारोबार करता नजर आया। यह स्थिति दर्शाती है कि वैश्विक वित्तीय बाजार इस समय पूरी तरह से अमेरिकी डॉलर के प्रभुत्व और नीतिगत दरों के आगामी फैसलों के इर्द-गिर्द घूम रहे हैं।



















