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मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने से कच्चे तेल में जोरदार उछाल, डब्लूटीआई 98 डॉलर के पार निकलाबाज़ार
19 सित॰ 2026, 5:31 pm (14 मिनट पहले)· 1

मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने से कच्चे तेल में जोरदार उछाल, डब्लूटीआई 98 डॉलर के पार निकला

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और आपूर्ति की चिंताओं के बीच अमेरिकी कच्चा तेल दो प्रतिशत से अधिक चढ़कर 98 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर गया है।

CLSMA20 SMA50 · RSI · MACD
Candles + SMA20/50 · RSI(14) · MACD(12,26,9) with buy/sell signals — live from Yahoo

तकनीकी विश्लेषण19 सितंबर 2026

मूविंग एवरेजEMA 20 / 50 / 200

यह क्या है

EMA यानी एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज कीमत को सहज बनाकर छोटी (20), मध्यम (50) और लंबी (200) अवधि का रुझान दिखाती हैं। कीमत इनके ऊपर और तीनों ऊपर की ओर हों तो तेजी का रुझान; नीचे और नीचे की ओर हों तो गिरावट का रुझान।

अभी यह कहाँ है

CL अभी $100 पर है, जबकि EMA20 $94.81, EMA50 $89.11 और EMA200 $79.29 पर हैं।

आगे संभावित चाल

EMA20 ($94.81) तक गिरावट पर खरीदार बचाव करते हैं।

RSIRelative Strength Index (14)

यह क्या है

RSI 0 से 100 तक का मोमेंटम मापक है जो हालिया बढ़त बनाम गिरावट दिखाता है। 70 के ऊपर ओवरबॉट (खिंचा हुआ), 30 के नीचे ओवरसोल्ड (बिकवाली से थका), और 50 तटस्थ रेखा है।

अभी यह कहाँ है

CL का RSI 64 है।

आगे संभावित चाल

60 के ऊपर बढ़त या 40 के नीचे फिसलन पर नजर रखें।

MACDMoving Avg Convergence/Divergence

यह क्या है

MACD तेज और धीमी मूविंग एवरेज के बीच का फासला नापता है; इसकी सिग्नल लाइन और हिस्टोग्राम बताते हैं कि गति बढ़ रही है या घट रही। लाइन सिग्नल के ऊपर हो तो तेजी, नीचे हो तो मंदी।

अभी यह कहाँ है

CL की MACD लाइन अपने सिग्नल के ऊपर है।

आगे संभावित चाल

अगला सिग्नल-लाइन क्रॉसओवर देखने लायक ट्रिगर है।

अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में भू-राजनीतिक अस्थिरता और आपूर्ति संकट की आशंकाओं के चलते कच्चे तेल की कीमतों में नया उछाल देखने को मिला है। सप्ताह के शुरुआती कारोबारी सत्र में वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट यानी डब्लूटीआई क्रूड मजबूत बढ़त के साथ खुला। मध्य पूर्व में तनाव गहराने के कारण शुक्रवार की हल्की गिरावट के बाद कीमतें तेजी से संभली हैं और अमेरिकी बेंचमार्क क्रूड 98 डॉलर के मध्य स्तर के ऊपर कारोबार कर रहा है। दिन के कारोबार के दौरान इसमें दो प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई, जिससे पिछले कई हफ्तों से बनी तेजी को और मजबूती मिली है।

भू-राजनीतिक टकराव और आपूर्ति में बाधा की आशंका

कच्चे तेल में आई इस ताजा मजबूती के पीछे मध्य पूर्व का नया घटनाक्रम मुख्य वजह बनकर उभरा है। यमन में सक्रिय ईरान समर्थित हूती लड़ाकों ने सऊदी अरब के दक्षिणी हिस्से में स्थित एक सैन्य ठिकाने पर ड्रोन और मिसाइलों से हमला करने का दावा किया है। इस हमले के बाद रणनीतिक तेल मार्गों और उत्पादन प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को लेकर खरीदारों के बीच चिंता बढ़ गई है। इसके अलावा होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा और समुद्री परिवहन को लेकर खाड़ी देशों तथा ईरान के बीच प्रस्तावित क्षेत्रीय बैठक स्थगित कर दी गई है। इस बैठक के टलने से तनाव कम होने की उम्मीदों को झटका लगा है और बाजार में यह डर बैठ गया है कि खाड़ी के अहम जलमार्ग से होने वाली तेल आपूर्ति में रुकावट आ सकती है।

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तकनीकी संकेत और अहम स्तरों पर बाजार की स्थिति

चार्ट पर कच्चे तेल का तकनीकी रुझान स्पष्ट रूप से सकारात्मक नजर आ रहा है। डब्लूटीआई क्रूड 85.38 डॉलर पर स्थित अपने 100 दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज यानी एसएमए से काफी ऊपर टिका हुआ है। इसके साथ ही कीमतों ने 95.48 डॉलर पर स्थित 61.8 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट स्तर को सफलतापूर्वक पार कर लिया है। तकनीकी संकेतकों में मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस यानी एमएसीडी लगातार पॉजिटिव जोन में बना हुआ है और इसकी लाइन ऊंची बनी हुई है। दूसरी ओर रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी आरएसआई 69 के करीब पहुंच गया है, जो बेहद मजबूत तेजी की गति को दर्शाता है, हालांकि यह स्तर दर्शाता है कि तेजी अब काफी खिंच चुकी है।

लाइव मार्केट आंकड़ों के अनुसार, कच्चे तेल का भाव 100.30 डॉलर पर देखा गया है, जो पिछले बंद भाव 101.91 डॉलर से 1.58 प्रतिशत की दैनिक गिरावट दर्शाता है, जबकि इसका 52 हफ्तों का दायरा 54.98 डॉलर से 119.48 डॉलर रहा है। वर्तमान में आरएसआई 64 पर है और एमएसीडी 5.12 पर बना हुआ है जो 4.34 की सिग्नल लाइन से ऊपर है। 20 दिवसीय ईएमए 94.81 डॉलर, 50 दिवसीय ईएमए 89.11 डॉलर और 200 दिवसीय ईएमए 79.29 डॉलर पर है, जहां गोल्डन क्रॉस की स्थिति दीर्घकालिक तेजी का संकेत दे रही है। तकनीकी रूप से ऊपर की तरफ पहला बड़ा प्रतिरोध 78.6 प्रतिशत फिबोनाची स्तर यानी 103.23 डॉलर पर है और उसके बाद अगला लक्ष्य 113.11 डॉलर का साइकिल हाई है। यदि कीमतों में कोई सुधारात्मक गिरावट आती है, तो 95.48 डॉलर का 61.8 प्रतिशत फिबोनाची स्तर प्राथमिक समर्थन बनेगा, जिसके बाद 90.04 डॉलर पर 50 प्रतिशत रिट्रेसमेंट और 85.38 डॉलर पर 100 दिवसीय एसएमए मौजूद है। इसके नीचे 84.59 डॉलर, 77.86 डॉलर और 66.97 डॉलर के गहरे तकनीकी समर्थन स्तर हैं।

वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्या है और क्यों महत्वपूर्ण है?

वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट वैश्विक कमोडिटी बाजारों में खरीदे और बेचे जाने वाले कच्चे तेल का एक विशिष्ट ग्रेड है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में यह ब्रेंट क्रूड और दुबई क्रूड के साथ तीन प्रमुख तेल बेंचमार्क में गिना जाता है। डब्लूटीआई को लाइट और स्वीट क्रूड भी कहा जाता है, क्योंकि इसमें घनत्व कम होता है और सल्फर की मात्रा बेहद कम होती है। इस गुणवत्ता के कारण इसे आसानी से गैसोलीन और डीजल जैसे ईंधन उत्पादों में रिफाइन किया जा सकता है। इसका उत्पादन संयुक्त राज्य अमेरिका में होता है और इसका मुख्य वितरण केंद्र ओक्लाहोमा का कुशिंग हब है, जिसे पाइपलाइन क्रॉसरोड्स ऑफ द वर्ल्ड के नाम से जाना जाता है। अंतरराष्ट्रीय वित्तीय मीडिया में जब भी अमेरिकी तेल की कीमतों की बात होती है, तो डब्लूटीआई को ही प्रमुख बेंचमार्क माना जाता है।

कीमतों को तय करने वाले प्रमुख वैश्विक कारक

अन्य संपत्तियों की तरह कच्चे तेल के भाव मुख्य रूप से वैश्विक आपूर्ति और मांग के संतुलन पर निर्भर करते हैं। दुनिया भर में मजबूत आर्थिक वृद्धि ईंधन की मांग को बढ़ाती है, जिससे कीमतों को सहारा मिलता है, जबकि आर्थिक मंदी के दौर में मांग घटने से कीमतों पर दबाव आता है। राजनीतिक अस्थिरता, क्षेत्रीय युद्ध और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध आपूर्ति श्रृंखला को बाधित करके कीमतों में अचानक भारी उछाल ला सकते हैं। इसके साथ ही अमेरिकी डॉलर के मूल्य का भी कच्चे तेल पर सीधा प्रभाव पड़ता है। चूंकि अंतरराष्ट्रीय तेल व्यापार का अधिकांश लेन-देन अमेरिकी डॉलर में होता है, इसलिए कमजोर डॉलर गैर-अमेरिकी खरीदारों के लिए तेल को सस्ता बना देता है और मांग बढ़ती है, जबकि मजबूत डॉलर से तेल महंगा हो जाता है।

पेट्रोलियम निर्यातक देशों का संगठन यानी ओपेक भी कीमतों को नियंत्रित करने में केंद्रीय भूमिका निभाता है। ओपेक बारह तेल उत्पादक देशों का एक समूह है, जो साल में दो बार बैठक करके सदस्य देशों के लिए उत्पादन कोटा निर्धारित करता है। जब ओपेक उत्पादन घटाने का फैसला लेता है, तो वैश्विक आपूर्ति सीमित हो जाती है और भाव चढ़ जाते हैं, जबकि उत्पादन बढ़ाने पर कीमतों में गिरावट आती है। इसके विस्तारित समूह को ओपेक प्लस कहा जाता है, जिसमें रूस सहित दस अन्य गैर-ओपेक उत्पादक देश शामिल हैं।

भंडारण आंकड़े और मुद्रा बाजार की हलचल

कच्चे तेल के अल्पकालिक रुझान को समझने के लिए अमेरिकी इन्वेंट्री रिपोर्ट बेहद अहम मानी जाती हैं। अमेरिकन पेट्रोलियम इंस्टीट्यूट यानी एपीआई और अमेरिकी ऊर्जा सूचना एजेंसी यानी ईआईए हर सप्ताह भंडारण आंकड़े जारी करती हैं। एपीआई के आंकड़े हर मंगलवार को आते हैं जबकि सरकारी एजेंसी ईआईए की रिपोर्ट बुधवार को जारी होती है। लगभग 75 प्रतिशत मामलों में दोनों के परिणाम एक प्रतिशत के अंतर के भीतर समान रहते हैं, हालांकि सरकारी एजेंसी होने के कारण ईआईए के आंकड़ों को अधिक विश्वसनीय माना जाता है। यदि भंडारों में गिरावट आती है तो यह मजबूत मांग का संकेत होता है, जिससे कीमतें बढ़ती हैं, जबकि भंडारण बढ़ने पर कीमतें घटती हैं।

विदेशी मुद्रा बाजार में डॉलर की कमजोरी भी कमोडिटी बाजार को सहारा दे रही है। अमेरिकी डॉलर इंडेक्स हाल ही में अपने 100.00 के मनोवैज्ञानिक स्तर के करीब जाने के बाद फिसलकर 98.50 के स्तर तक आ गया है और लगातार तीसरे महीने गिरावट के दबाव में है। अन्य मुद्राओं में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर बनाम अमेरिकी डॉलर यानी एयूडी/यूएसडी एशियाई सत्र में 0.7140 के करीब डेढ़ सप्ताह के निचले स्तर को छूने के बाद 0.7100 के मध्य क्षेत्र में 0.25 प्रतिशत की गिरावट के साथ ट्रेड कर रहा था। वहीं डॉलर बनाम जापानी येन यानी यूएसडी/जेपीवाई 154.00 के करीब पहुंचने की कोशिश कर रहा है, हालांकि यह पिछले सप्ताह के सीमित दायरे और केंद्रीय बैंकों की बैठकों से पहले सात महीने के निचले स्तर के करीब फंसा हुआ है।

सवाल-जवाब

कच्चे तेल की कीमतों में ताजा उछाल की मुख्य वजह क्या है?
यमन के हूती लड़ाकों द्वारा सऊदी अरब के सैन्य ठिकाने पर हमले और होर्मुज जलडमरूमध्य पर क्षेत्रीय वार्ता टलने से आपूर्ति संकट की आशंका बढ़ गई है।
डब्लूटीआई क्रूड का क्या मतलब होता है?
डब्लूटीआई का अर्थ वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट है, जो अमेरिका में उत्पादित एक हल्का और कम सल्फर वाला उच्च गुणवत्ता वाला क्रूड ऑयल बेंचमार्क है।
चार्ट पर डब्लूटीआई के लिए प्रमुख तकनीकी समर्थन स्तर कौन से हैं?
पहला प्रमुख समर्थन 95.48 डॉलर पर है, जिसके बाद 90.04 डॉलर और 85.38 डॉलर का 100 दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज अहम स्तर हैं।
ऊपर की तरफ कच्चे तेल के लिए कौन सा प्रतिरोध स्तर अहम है?
ऊपरी स्तरों पर 103.23 डॉलर का स्तर तात्कालिक प्रतिरोध है, जिसके बाद अगला बड़ा लक्ष्य 113.11 डॉलर का साइकिल हाई है।
ओपेक और ओपेक प्लस में क्या अंतर है?
ओपेक 12 प्रमुख तेल उत्पादक देशों का समूह है, जबकि ओपेक प्लस में रूस सहित 10 अतिरिक्त गैर-ओपेक उत्पादक देश शामिल हैं।
ईआईए और एपीआई की इन्वेंट्री रिपोर्ट कब जारी होती हैं?
एपीआई की रिपोर्ट हर मंगलवार को और सरकारी एजेंसी ईआईए की रिपोर्ट हर बुधवार को जारी की जाती है।
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