कनाडाई अर्थव्यवस्था में नीतिगत ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता के बीच केंद्रीय बैंक के अगले कदमों पर वित्तीय बाजारों की पैनी नजरें टिकी हुई हैं। बैंक ऑफ कनाडा के गवर्नर टिफ मैकलेम आगामी सोमवार को हैलिफ़ैक्स में आर्थिक घटनाक्रमों पर व्याख्यान देने वाले हैं। इस संबोधन से 28 अक्टूबर को होने वाले ब्याज दर निर्धारण के आधिकारिक फैसले से पूर्व मौद्रिक नीति की भावी दिशा के संबंध में महत्वपूर्ण संकेत मिलने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है। पूर्वानुमानों के मुताबिक, केंद्रीय बैंक द्वारा दरों में बढ़ोतरी की समयसीमा अब पहले की तुलना में अधिक करीब खिसकती नजर आ रही है।
ऊर्जा कीमतों का असर और मुद्रास्फीति की चुनौती
बैंक ऑफ कनाडा की पिछली नीतिगत बैठक में ऊर्जा की बढ़ती कीमतों से समग्र मुद्रास्फीति पर पड़ने वाले व्यापक प्रभावों को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की गई थी। हालांकि, बैठक के कार्यवृत्त से यह स्पष्ट हुआ है कि नीति निर्माता कच्चे तेल की चढ़ती कीमतों के मुकाबले इस बात पर कहीं अधिक केंद्रित हैं कि यह लागत आम वस्तुओं और सेवाओं की महंगाई दर में किस हद तक फैलती है। केंद्रीय बैंक के अधिकारियों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों को सीधे तौर पर प्रभावित करना उनके नियंत्रण में नहीं है, लेकिन घरेलू अर्थव्यवस्था में इसके द्वितीयक प्रभावों को रोकना उनकी प्रमुख प्राथमिकता है। इसी वजह से ब्याज दरों में तय अनुमान से पहले ही वृद्धि किए जाने के जोखिम लगातार बढ़ते जा रहे हैं।
बैंक ऑफ जापान का नीतिगत फैसला और येन पर दबाव
एशियाई बाजारों से लेकर यूरोपीय सत्र तक अन्य प्रमुख केंद्रीय बैंकों के फैसलों ने भी विदेशी मुद्रा विनिमय दरों पर व्यापक असर डाला है। बैंक ऑफ जापान ने मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम बढ़ाते हुए अपने अल्पकालिक ब्याज दर लक्ष्य को 1.00% से बढ़ाकर 1.25% कर दिया है। यह फैसला नीति समिति में 7-2 के मतदान अंतर से पारित हुआ, जो बाजार विश्लेषकों की कई हफ्तों पुरानी उम्मीदों के अनुरूप रहा। बैंक ऑफ जापान के गवर्नर काज़ुओ उएदा ने टिप्पणी करते हुए कहा कि मौद्रिक नीति का चरण अब पूरी तरह बदल चुका है।
नीतिगत दरों में 1.25% की वृद्धि और गवर्नर उएदा के कड़े बयानों के बावजूद जापानी येन में गिरावट का रुख देखा गया। शुक्रवार को यूरोपीय कारोबारी सत्र के दौरान USD/JPY जोड़ी में तेजी लौटी और यह दो सप्ताह के उच्चतम स्तर को छूते हुए लगभग 158.00 के करीब पहुंच गई। दर वृद्धि के प्रस्ताव के खिलाफ दो सदस्यों की अप्रत्याशित असहमति ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया, जिससे येन पर निरंतर बिकवाली का दबाव बना रहा।
अमेरिकी डॉलर, ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और सोने की स्थिति
विदेशी मुद्रा बाजार में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर ने लगातार दूसरे कारोबारी दिन सकारात्मक रुख बनाए रखा। शुक्रवार के एशियाई सत्र में अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी आने से अमेरिकी डॉलर के खरीदार रक्षात्मक रुख पर नजर आए, जिससे AUD/USD की जोड़ी 0.7100 के मनोवैज्ञानिक स्तर से ऊपर टिकी रही। रिज़र्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की गवर्नर मिशेल बुलॉक की सख्त टिप्पणियों ने वहां ब्याज दरें बढ़ने की संभावनाओं को हवा दी, जिससे ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को मजबूत समर्थन मिला। इसके बावजूद, अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आक्रामक रुख और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं ने डॉलर में ज्यादा गिरावट नहीं आने दी और इस विनिमय जोड़ी की बढ़त को सीमित दायरे में बांधे रखा।
कमोडिटी बाजार में सप्ताह के दूसरे हिस्से में शुरू हुई तेजी शुक्रवार को भी कायम रही। हाजिर बाजार में सोना प्रति ट्रॉय औंस लगभग $4,370 के आसपास ठोस मजबूती के साथ कारोबार करता दिखा। कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों में दर्ज की गई गिरावट ने पीली धातु की इस बढ़त को अतिरिक्त सहारा प्रदान किया। इसी मजबूती के दम पर सोने ने अमेरिकी डॉलर में जारी मजबूती और विभिन्न परिपक्वता अवधियों वाली अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में हुई वृद्धि के नकारात्मक प्रभाव को पूरी तरह बेअसर कर दिया।

















