वैश्विक मुद्रा बाजारों में ब्रिटिश पाउंड और जापानी येन की विनिमय दर महत्वपूर्ण नीतिगत बैठकों से पहले सतर्कता के दौर से गुजर रही है। मंगलवार के शुरुआती सत्र में मामूली बढ़त दर्ज करने के बावजूद यह करेंसी पेयर एक तंग दायरे में सीमित बना हुआ है। इस महीने की शुरुआत में जापानी येन में आई तेज मजबूती के झटके से यह जोड़ी अभी पूरी तरह उबर नहीं पाई है। कारोबारी इस सप्ताह आने वाले दो बड़े केंद्रीय बैंक सम्मेलनों को देखते हुए आक्रामक दांव लगाने से बच रहे हैं, जिसमें बैंक ऑफ इंग्लैंड गुरुवार को अपनी ब्याज दरों की घोषणा करेगा और बैंक ऑफ जापान शुक्रवार को अपने नीतिगत फैसले सार्वजनिक करेगा। लेखन के समय यह क्रॉस 0.32 प्रतिशत की दैनिक बढ़त के साथ लगभग 209 के करीब हाथ बदल रहा था। हालिया बंद आंकड़ों के आधार पर यह 210.14 के आसपास देखा गया, जो पिछले 208.54 के स्तर से 0.77 प्रतिशत ऊपर है।
तकनीकी संकेतकों पर मंदी का रुख बना हुआ है
दैनिक चार्ट पर स्थिति का विश्लेषण करने पर स्पष्ट होता है कि पाउंड-येन में निकट अवधि का मंदी वाला ढांचा कमजोर नहीं पड़ा है। यह मुद्रा जोड़ी लगातार मूविंग एवरेज के घने समूह और फाइबोनैचि प्रतिरोध क्षेत्रों के नीचे टिकी हुई है। तकनीकी गति पूरी तरह सुस्त नजर आ रही है। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी RSI लगभग 33 के ओवरसोल्ड दायरे से मामूली संभलने के बाद ताजा आंकड़ों के अनुसार 43 पर बना हुआ है, जो खरीदारी में आक्रामकता की कमी को दर्शाता है। मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस यानी MACD अभी भी नकारात्मक क्षेत्र में है, जिसमें एमएसीडी लाइन ऋण 1.81 पर और सिग्नल लाइन ऋण 1.70 पर दर्ज है। इसके अलावा 37 से 38 के आसपास घूमता हुआ एवरेज डायरेक्शनल इंडेक्स यानी ADX बाजार में एक मजबूत गिरावट के रुझान की पुष्टि कर रहा है। स्टोकेस्टिक संकेतक पर फास्ट लाइन 32 और सिग्नल लाइन 21 के स्तर पर हैं, जो दबाव भरे माहौल को बयां करते हैं।
ऊपरी स्तरों पर बाधाएं और सुधार की सीमाएं
यदि इस जोड़ी में कोई मजबूत पुलबैक या सुधार देखने को मिलता है, तो उसे ऊपर की ओर कड़े अवरोधों का सामना करना पड़ेगा। पहला बड़ा प्रतिरोध 209.32 से 211.79 के क्षेत्र में स्थित है, जो किसी भी आकस्मिक उछाल को सीमित करने का काम कर रहा है। यदि खरीदार इस बाधा को पार करने में सफल रहते हैं, तो 212.90 पर स्थित 61.8 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट और 213.11 पर मौजूद 200-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज यानी SMA ध्यान खींचेंगे। मौजूदा गणना में 200-दिवसीय एसएमए 213.07 और 50-दिवसीय ईएमए 213.10 के करीब स्थित हैं। इससे आगे 214.47 से 214.92 का बैंड बेहद सख्त रेजिस्टेंस साबित होगा, जहां 78.6 प्रतिशत रिट्रेसमेंट के साथ-साथ 100-दिवसीय और 50-दिवसीय एसएमए मौजूद हैं। जब तक इस पूरे क्षेत्र के ऊपर एक ठोस और टिकाऊ ब्रेकआउट नहीं मिलता, तब तक मंदी की भावना को खारिज नहीं किया जा सकता।
निचले स्तरों पर समर्थन और संभावित गिरावट का दायरा
नीचे की ओर हालिया स्विंग लो लगभग 207 के करीब बना हुआ है, जो तत्काल सहारे का काम कर रहा है। 20-दिवसीय समर्थन भी 207.10 के आसपास केंद्रित है। यदि इस स्तर के नीचे निर्णायक ब्रेकडाउन होता है, तो मौजूदा गिरावट की प्रवृत्ति और गहरी हो जाएगी। ऐसी स्थिति में बाजार सीधे 204.50 के क्षेत्र की ओर फिसल सकता है, जहां बोलिंजर बैंड की निचली सीमा 204.35 भी स्थित है। यदि बिकवाली का दबाव अनियंत्रित रहता है, तो मनोवैज्ञानिक 200 के स्तर का परीक्षण होने की संभावना बन जाएगी। इसका 52 हफ्तों का निचला दायरा 197.50 और ऊपरी दायरा 219.52 के बीच दर्ज रहा है, जबकि दैनिक उतार-चढ़ाव को मापने वाला एटीआर 1.78 पर है जो स्टॉप-लॉस निर्धारित करने में सहायक साबित हो सकता है।
अमेरिकी डॉलर की मजबूती और अन्य प्रमुख मुद्राओं की हलचल
व्यापक विदेशी मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर ने अधिकांश प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले बढ़त की स्थिति बनाए रखी है। मुद्रा हीट मैप के अनुसार, अमेरिकी डॉलर जापानी येन के मुकाबले सबसे मजबूत स्थिति में उभरा है। डॉलर को बेस करेंसी और येन को कोट करेंसी मानकर देखे जाने पर डॉलर-येन में बढ़त का रुख बना हुआ है। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड बहु-वर्षीय उच्च स्तरों पर टिकी हुई है, जिसे आगामी एफओएमसी बैठक और कच्चे तेल से उत्पन्न महंगाई के जोखिमों का सहारा मिल रहा है। मंगलवार के शुरुआती सत्र में यूएसडी-जेपीवाई 155.00 के मनोवैज्ञानिक आंकड़े की ओर कदम बढ़ाने की कोशिश में दिखा। हालांकि, बैंक ऑफ जापान द्वारा मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने की आक्रामक उम्मीदें जापानी येन को भी आंतरिक समर्थन प्रदान कर रही हैं, जिससे यूएसडी-जेपीवाई की बढ़त पर एक निश्चित सीमा लग सकती है।
कमोडिटी और एशियाई मुद्राओं की वर्तमान चाल
अन्य प्रमुख संपत्तियों में भी सतर्कता साफ दिखाई दे रही है। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के मुकाबले अमेरिकी डॉलर यानी एयूडी-यूएसडी एशियाई सत्र में 0.7150 के नीचे दबाव में रहा, जो पिछले दिन छुए गए तीन सप्ताह से अधिक के निचले स्तर के करीब है। चीन की ओर से जारी अगस्त महीने के मिले-जुले आर्थिक गतिविधि आंकड़ों ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में कोई खास उत्साह नहीं भरा। वहीं दूसरी तरफ, सोने की कीमतों में लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में कमजोरी दर्ज की गई। यूरोपीय सत्र के पहले पहर में सोना 0.80 प्रतिशत की गिरावट के साथ 4,265 डॉलर से 4,264 डॉलर के दायरे में कारोबार करता दिखा। सर्राफा बाजार भी दो दिवसीय एफओएमसी बैठक के नतीजों से पहले अपनी स्थिति मजबूत करने में हिचकिचा रहा है, जिसके चलते सोने की कीमतें सोमवार को छुए गए एक महीने से अधिक के निचले स्तर के निकट बनी हुई हैं।



















