लाइव: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के बीच कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में सरकार के साथ बैठक करेगी CJPमूलांक 4 और 7 वाले लोगों के जीवन में क्यों आती हैं अचानक मुसीबतें? जानिए राहु-केतु के प्रभाव और बचने के उपाययूरोज़ोन में शानदार PMI आंकड़ों के बावजूद यूरो पर दबाव, ट्रंप के टैरिफ और मध्य पूर्व संकट से डॉलर मजबूतमूलांक 6 दैनिक अंकज्योतिष: कार्यक्षेत्र में बढ़ाएं अपना फोकस और फिजूलखर्ची पर लगाएं लगाममूलांक 6 का रहस्य: जानिए क्यों 6, 15 और 24 तारीख को जन्मे लोगों को मिलती है अपार दौलत, प्यार और लग्जरी लाइफलाइव: जहाजों के मार्ग पर बढ़ते टकराव के बीच अमेरिका और ईरान के बीच तेज हुए सैन्य हमलेकर्क राशि में बनने जा रहा है शुभ गजलक्ष्मी राजयोग, 5 अगस्त से इन 4 राशियों की चमकेगी किस्मतअखिलेश यादव ने 'जड़' और 'फल' के रूपक से भाजपा पर साधा निशाना, देश की समस्याओं के लिए ठहराया जिम्मेदारयूरो ज़ोन मैन्युफैक्चरिंग PMI में अप्रत्याशित उछाल, भू-राजनीतिक संकट से करेंसी और क्रिप्टो की तेजी पर ब्रेकडेरेक हेलपैनी के अनुसार डॉलर के मुकाबले यूरो का मजबूती बनाए रखना हुआ मुश्किल
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और भू-राजनीतिक तनाव से थमी सोने की रिकवरी, महंगाई बढ़ने का डरबाज़ार
24 जुल॰ 2026, 2:53 pm (3 घंटे पहले)· 0

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और भू-राजनीतिक तनाव से थमी सोने की रिकवरी, महंगाई बढ़ने का डर

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और ब्रेंट क्रूड के 100 डॉलर प्रति बैरल के पार जाने से सोने की कीमतों पर दबाव बढ़ गया है, जिससे वित्तीय बाजारों में अनिश्चितता बनी हुई है।

GCSMA20 SMA50 · RSI · MACD
Candles + SMA20/50 · RSI(14) · MACD(12,26,9) with buy/sell signals — live from Yahoo

तकनीकी विश्लेषण24 जुलाई 2026

मूविंग एवरेजEMA 20 / 50 / 200

यह क्या है

EMA यानी एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज कीमत को सहज बनाकर छोटी (20), मध्यम (50) और लंबी (200) अवधि का रुझान दिखाती हैं। कीमत इनके ऊपर और तीनों ऊपर की ओर हों तो तेजी का रुझान; नीचे और नीचे की ओर हों तो गिरावट का रुझान।

अभी यह कहाँ है

GC अभी $4,058 पर है, जबकि EMA20 $4,090, EMA50 $4,235 और EMA200 $4,268 पर हैं।

आगे संभावित चाल

तेजी संभवतः EMA20 ($4,090) के पास थम सकती है।

मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण वैश्विक वित्तीय बाजारों में इस समय काफी उथल-पुथल देखी जा रही है। इसका सीधा असर कमोडिटी, फिएट करेंसी और डिजिटल एसेट्स पर पड़ रहा है। इस संकट के बीच, सोने की कीमतें अपनी बढ़त को बनाए रखने के लिए संघर्ष कर रही हैं। लाइव मार्केट डेटा के अनुसार, सोने का हालिया कारोबार 4,058 डॉलर प्रति औंस पर देखा गया है, जो पिछले बंद भाव 4,047 डॉलर से 0.27 प्रतिशत की मामूली बढ़त दिखा रहा है। हालांकि, व्यापक आर्थिक दबावों के कारण इस रिकवरी पर लगातार लगाम लगी हुई है और यह अपने ऊपरी स्तरों को पार करने में असमर्थ दिख रहा है।

तेल की कीमतों में तेजी और महंगाई का बढ़ता खतरा

सोने की कीमतों में बड़ी रिकवरी न होने का सबसे मुख्य कारण ऊर्जा की कीमतों में आया भारी उछाल है। मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्ष, विशेष रूप से अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के चलते ब्रेंट क्रूड तेल की कीमत एक बार फिर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है। कच्चे तेल की कीमतों में इस तरह की तेज बढ़ोतरी से वैश्विक अर्थव्यवस्था में महंगाई लंबे समय तक बने रहने का खतरा पैदा हो गया है। ईंधन महंगा होने से उत्पादन, परिवहन और कृषि लागत बढ़ जाती है, जिसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं के बजट पर पड़ता है। वित्तीय संस्था आईएनजी के विश्लेषकों का मानना है कि इस तेल-जनित मुद्रास्फीति के खतरे के कारण केंद्रीय बैंक अपनी सख्त मौद्रिक नीतियों को लंबे समय तक जारी रख सकते हैं, जिससे ब्याज दरों में कटौती की संभावना काफी टल सकती है।

ये भी पढ़ें

ट्रेजरी यील्ड, डॉलर की मजबूती और सोने के तकनीकी स्तर

ब्याज दरों के लंबे समय तक उच्च स्तर पर रहने की आशंका ने अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड और अमेरिकी डॉलर दोनों को भारी मजबूती दी है। जब ट्रेजरी यील्ड बढ़ती है, तो बिना ब्याज देने वाली संपत्तियां जैसे कि सोना अपनी चमक खोने लगती हैं क्योंकि इनमें निवेशकों को कोई नियमित भुगतान या लाभांश नहीं मिलता है। निवेशक ऐसे अनिश्चित माहौल में सोने के बजाय सुरक्षित माने जाने वाले अमेरिकी डॉलर या सरकारी बॉन्ड की तरफ रुख करते हैं, जहां उन्हें जोखिम-मुक्त रिटर्न मिल रहा है। सोने ने हाल ही में 4,050 डॉलर के महत्वपूर्ण सपोर्ट स्तर के आसपास खुद को संभालने की कोशिश की है, लेकिन बाजार विश्लेषकों का कहना है कि यह रिकवरी केवल तकनीकी कारकों जैसे कि डिप-बाइंग और शॉर्ट कवरिंग की वजह से थी, न कि बाजार के बुनियादी रुख में किसी बड़े सकारात्मक बदलाव के कारण।

अगर हम सोने के तकनीकी संकेतकों को देखें, तो यह कमोडिटी इस समय दीर्घकालिक गिरावट के दौर से गुजर रही है। डेली चार्ट पर एक डेथ क्रॉस पैटर्न बना हुआ है, जहां 50 दिनों का एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA50) जो 4,235 डॉलर पर है, वह 200 दिनों के एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA200) यानी 4,268 डॉलर से नीचे आ गया है। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 45 के न्यूट्रल स्तर पर है, जबकि MACD अपने सिग्नल लाइन -67.99 के मुकाबले -51.95 पर बना हुआ है, जो 16.04 के हिस्टोग्राम के साथ अल्पावधि में थोड़ा सकारात्मक सुधार की कोशिश दिखा रहा है। सोने के लिए तात्कालिक पिवट पॉइंट 4,049 डॉलर पर है। ऊपर की तरफ रजिस्टेंस R1 (4,073 डॉलर) और R2 (4,089 डॉलर) पर है, जबकि नीचे की तरफ सपोर्ट S1 (4,033 डॉलर) और S2 (4,009 डॉलर) पर है।

वैश्विक फॉरेक्स मार्केट में उठापटक

भू-राजनीतिक संकट और तेल की कीमतों में उछाल का असर वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार पर भी साफ दिखाई दे रहा है। ब्रिटिश पाउंड (GBP/USD) यूरोपीय कारोबारी सत्र में 1.3300 के स्तर से ऊपर मामूली बढ़त बनाए रखने में कामयाब रहा, जिसे यूके रिटेल सेल्स और जुलाई के बेहतर PMI आंकड़ों से सहारा मिला। हालांकि, मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण निवेशकों के सतर्क रुख अपनाने से पाउंड की बड़ी तेजी थमी हुई है। दूसरी ओर, यूरो (EUR/USD) भी 1.1400 के स्तर के पास अपनी बढ़त बनाए हुए है, जिसे जर्मनी और यूरोजोन के जुलाई बिजनेस PMI आंकड़ों में अप्रत्याशित सुधार से मदद मिली है। यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) द्वारा ब्याज दरों को यथावत रखने के सख्त फैसले के बावजूद वैश्विक जोखिमों के कारण यूरो की बढ़त सीमित है और अब बाजार की नजरें अमेरिका के आगामी PMI आंकड़ों पर टिकी हैं।

क्रिप्टोकरेंसी बाजार पर भी मँडराया संकट

वैश्विक आर्थिक चिंताओं और अमेरिका-ईरान तनाव का असर क्रिप्टोकरेंसी बाजार पर भी देखा जा रहा है। जोखिम वाली संपत्तियों से निवेशकों की दूरी के कारण बिटकॉइन (BTC) शुक्रवार को गिरकर अपने 50 दिनों के एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज सपोर्ट के पास पहुंच गया, जो लगभग 65,135 डॉलर पर है। वहीं, दूसरा सबसे बड़ा डिजिटल टोकन एथेरियम (ETH) 3 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,900 डॉलर के स्तर से नीचे कारोबार कर रहा है। हालांकि, पिछले दो दिनों में एथेरियम के डेरिवेटिव बाजार में ओपन इंटरेस्ट 6 लाख ETH बढ़कर 1.46 करोड़ ETH पर पहुंच गया है, जो 7 जून के बाद का इसका उच्चतम स्तर है। कीमत गिरने के दौरान ओपन इंटरेस्ट का बढ़ना यह दर्शाता है कि ट्रेडर्स बाजार में और गिरावट की उम्मीद के साथ शॉर्ट पोजीशन बना रहे हैं। इस मंदी के माहौल में पाई नेटवर्क और स्काई पिछले 24 घंटों में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले डिजिटल एसेट्स के रूप में दर्ज किए गए हैं।

संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR