अंतरराष्ट्रीय बाजार में मंगलवार के कारोबारी सत्र के दौरान सोने की कीमतों में मिला-जुला रुख देखा गया। पीली धातु 4,300 डॉलर प्रति औंस के पार निकलने की जद्दोजहद करती नजर आई, लेकिन बाजार में स्पष्ट मजबूती का अभाव रहा। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति बैठक शुरू होने के कारण सर्राफा निवेशक नई खरीदारी करने में सतर्कता बरत रहे हैं। इसके साथ ही डॉलर इंडेक्स अपने साप्ताहिक उच्च स्तर के आसपास बना हुआ है, जिससे गैर-उपज वाली इस बहुमूल्य धातु पर लगातार दबाव दर्ज किया जा रहा है।
पश्चिम एशिया संकट और कच्चे तेल में तेजी का असर
भू-राजनीतिक मोर्चे पर खाड़ी क्षेत्र में गतिरोध गहराने से वित्तीय बाजारों में अनिश्चितता बढ़ गई है। सोमवार को यमन के हूती उग्रवादियों द्वारा सऊदी अरब पर ताजा हमला किए जाने की घटना सामने आई। इससे पूर्व रियाद ने इराक में सक्रिय ईरान समर्थित गुटों पर अपनी ईस्ट-वेस्ट तेल पाइपलाइन को निशाना बनाने का आरोप मढ़ा था। इस गंभीर टकराव के बाद खाड़ी अरब देशों ने ईरान के साथ प्रस्तावित द्विपक्षीय बातचीत को टाल दिया है। पश्चिम एशिया में संघर्ष फैलने की आशंकाओं के चलते ऊर्जा बाजार में भारी उथल-पुथल मची है। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड लगातार दूसरे कारोबारी दिन बढ़त दर्ज करते हुए एशियाई सत्र में 98.60 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया। वैश्विक आपूर्ति व्यवस्था में अवरोध आने के डर से कच्चे तेल के दाम चढ़ रहे हैं, जिसने महंगाई की चिंताएं दोबारा बढ़ा दी हैं।
अमेरिकी डॉलर की मजबूती और एआई निवेश पर संशय
तेल के दामों में वृद्धि से पैदा हुई मुद्रास्फीति के दबाव और फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों पर आक्रामक रुख बनाए रखने की उम्मीदों ने अमेरिकी मुद्रा को मजबूत सहारा दिया है। इसके अलावा, प्रौद्योगिकी क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई के अत्यधिक तेज विकास को लेकर प्रमुख उद्योगपतियों द्वारा व्यक्त की गई चिंताओं ने भी निवेशकों को सुरक्षित मुद्रा की ओर मोड़ा है। डॉलर की इस तेजी ने सोने की किसी भी बड़ी रिकवरी पर ब्रेक लगा दिया है, क्योंकि मजबूत डॉलर अन्य मुद्राओं के धारकों के लिए कीमती धातुओं को महंगा बना देता है।
फेडरल रिजर्व की नीति और डॉट प्लॉट पर नजरें
बाजार के सभी प्रतिभागियों का ध्यान अब फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति समीक्षा पर लगा हुआ है। नीति निर्माता ब्याज दरों को लेकर क्या रुख अपनाते हैं, इसका खाका समिति के समरी ऑफ इकनॉमिक प्रोजेक्शंस यानी डॉट प्लॉट के जरिए सामने आएगा। फेडरल रिजर्व चेयरमैन केविन वॉर्श के बयानों और ब्याज दरों में बढ़ोतरी से जुड़ी संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए ट्रेडर रक्षात्मक रुख अपना रहे हैं। जब तक नीतिगत बैठक के नतीजे पूरी तरह साफ नहीं हो जाते, तब तक सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रहने के आसार हैं।
अमेरिकी मौद्रिक प्रणाली का मुख्य लक्ष्य कीमतों में स्थिरता लाना और रोजगार के अधिकतम अवसर तैयार करना है। जब महंगाई केंद्रीय बैंक के निर्धारित 2 प्रतिशत के लक्ष्य से ऊपर निकल जाती है, तो उधार की लागत बढ़ाने के लिए ब्याज दरें बढ़ाई जाती हैं। इससे डॉलर में विदेशी निवेश बढ़ता है और वह मजबूत होता है। इसके विपरीत, जब बेरोजगारी दर बढ़ती है या मुद्रास्फीति 2 प्रतिशत से नीचे गिरती है, तो दरें घटाई जाती हैं। वर्तमान में फेडरल ओपन मार्केट कमेटी की वर्ष में होने वाली आठ नियमित बैठकों में से यह सत्र अत्यंत संवेदनशील मोड़ पर आयोजित हो रहा है। बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के सात सदस्यों और क्षेत्रीय रिजर्व बैंक के अध्यक्षों सहित कुल 12 अधिकारी इस बैठक में आर्थिक परिदृश्य का मूल्यांकन कर रहे हैं।
तकनीकी स्तर और चार्ट विश्लेषण
दैनिक चार्ट पर नजर डालें तो एक्सएयू/यूएसडी 4,310.80 डॉलर पर कारोबार कर रहा है, जहां अल्पावधि रुख मंदड़ियों के पक्ष में दिख रहा है। भाव 21-दिवसीय और 100-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज के नीचे बना हुआ है, जबकि 50-दिवसीय एसएमए के स्तर 4,275.85 डॉलर के करीब ही टिका है। 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स 45 के आसपास रहने से नकारात्मक दबाव के संकेत मिलते हैं। यदि भाव 4,275.85 डॉलर के अहम सपोर्ट को तोड़ देता है, तो नीचे की ओर गहरी गिरावट का रास्ता खुल सकता है। ऊपर की ओर पहला बड़ा प्रतिरोध 100-दिवसीय एसएमए 4,329.01 डॉलर पर है, जिसके बाद 21-दिवसीय एसएमए 4,450.09 डॉलर और 200-दिवसीय एसएमए 4,539.58 डॉलर पर मौजूद है।
लाइव मार्केट आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान सत्र में सोने का भाव 4,425 डॉलर के करीब है, जो पिछले बंद स्तर 4,400 डॉलर से 0.57 प्रतिशत ऊपर है। इसका 52 हफ्तों का दायरा 3,664 डॉलर से 5,586 डॉलर के बीच रहा है। दैनिक तकनीकी संकेतकों में आरएसआई 50 पर तटस्थ है, जबकि एमएसीडी -1.38 और सिग्नल 19.46 के साथ मंदी का रुख दर्शा रहा है। एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज में 50-दिवसीय ईएमए 4,393 डॉलर 200-दिवसीय ईएमए 4,426 डॉलर से नीचे है, जो डेथ क्रॉस की पुष्टि करता है। बॉलिंगर बैंड्स 4,255 डॉलर से 4,729 डॉलर के दायरे में हैं, जबकि 14-दिवसीय औसत ट्रू रेंज 108.68 डॉलर का स्टॉप-लॉस बफर सुझाती है। इंट्राडे के लिए धुरी स्तर 4,412 डॉलर है, जहां प्रतिरोध 4,452 डॉलर और 4,480 डॉलर पर तथा समर्थन 4,385 डॉलर और 4,345 डॉलर पर आंका गया है।
अन्य वैश्विक मुद्राओं की चाल
फेडरल रिजर्व की बैठक और उच्च अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल का असर अन्य मुद्रा युग्मों पर भी स्पष्ट दिखाई दिया। एशियाई कारोबार के दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर बनाम अमेरिकी डॉलर 0.7150 के नीचे दबाव में रहा, जो इसके तीन सप्ताह के निचले स्तर के करीब है। चीन के अगस्त माह के मिले-जुले आर्थिक आंकड़ों से ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा को सहारा नहीं मिल सका। वहीं अमेरिकी डॉलर बनाम जापानी येन 155.00 की ओर बढ़ता दिखा, जहां ट्रेडर फेड और बैंक ऑफ जापान दोनों के आगामी फैसलों की प्रतीक्षा कर रहे हैं।



















